अधिवक्ताओं ने आरपार की लड़ाई का बनाया मन

                      .....अब्दुल जब्बार 


मुंसिफ कोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि को अन्यत्र स्थानांतरित करने की खबर से आक्रोशित अधिवक्ताओं के साथ उपजिलाधिकारी की वार्ता हुई विफल



        भेलसर(अयोध्या)रुदौली में मुंसिफ कोर्ट की स्थापना का मामला अधर में लटकता नज़र आ रहा है।मुंसिफ कोर्ट की स्थापना को उस वक्त तगड़ा झटका लगा जब अधिवक्ताओं को यह खबर लगी की मुंसिफ कोर्ट की स्थापना के लिए पूर्व में प्रस्तावित भूमि को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा है।इस खबर से अधिवक्ता आक्रोशित हो गए और कार्य बहिष्कार कर मीटिंग कर आर पार की लड़ाई के लिए मन बनाने लगे।उपजिलाधिकारी को इसकी सूचना मिलने पर उन्होंने अधिवक्ताओं से वार्ता का सन्देश भेजा लेकिन एक घंटे से अधिक समय तक चली वार्ता विफल हो गयी।
बताते चले की तहसील रूदौली क्षेत्र के वादकारियो की सुविधा के लिए अर्सा से मुंसिफ कोर्ट की स्थापना की मांग चली आ रही है लेकिन इस ओर कोई न कोई अड़चन आ जाने से मुंसिफ कोर्ट की स्थापना का मामला अधर में लटकता नज़र आ रहा है।यहाँ के अधिवक्ताओं की शुरू से एक ही मांग रही है कि मुंसिफ कोर्ट की स्थापना के लिए भूमि का प्रस्ताव तहसील बिल्डिंग से सटी भूमि का हो।पूर्वाधिकारी पंकज सिंह ने राजनितिक दबाव में आकर इसका प्रस्ताव तहसील मुख्यालय से लगभग एक कि0 मी0 दूर खैरनपुर गांव में रूदौली भेलसर मार्ग पर कर दिया और अपनी रिपोर्ट शासन तक को भेज दी।अधिवक्ताओं को इसकी जानकारी होने पर तहसील से सटी भूमि के प्रस्ताव की मांग को लेकर लम्बा संघर्ष किया और पंकज सिंह के स्थानानतरण के बाद नवागत उपजिलाधिकारी टीपी वर्मा ने अधिवक्ताओं की मांग को स्वीकारते हुए तहसील बिल्डिंग के पूरब ओर स्थित भूमि(गड्ढे)का प्रस्ताव ज़िलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेज दिया।कल अधिवक्ताओं को जैसे ही भनक लगी की मुंसिफ कोर्ट के लिए प्रस्तावित भूमि को अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जा रहा है।अधिवक्ता आक्रोशित हो गये और कार्य बहिष्कार कर मीटिंग में चले गए।उधर उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरन्त अधिवक्ताओं को वार्ता के लिए बुलवाया।लगभग एक घण्टे से भी अधिक समय तक चली उपजिलाधिकारी व् अधिवक्ताओं के मध्य हुई वार्ता विफल हो गयी।
उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह ने बताया कि मुंसिफ कोर्ट के लिए पूर्व में प्रस्तावित भूमि के निकट कर्मचारियों के आवास है इसके अलावा वहाँ पर तहसील का मीटिंग हाल का निर्माण होगा।इसलिए मुंसिफ कोर्ट के लिए ब्लॉक कार्यालय से सटी भूमि का प्रस्ताव किया जा रहा है जिसका एक रास्ता तहसील से होगा व् एक रास्ता राष्ट्रीय राजमार्ग से होगा।उधर अधिवक्ताओं का कहना है कि काफी मशक़्क़त के बाद पूर्व में जिस भूमि का प्रस्ताव किया गया है।इसके अलावा कोई भूमि स्वीकार नहीं है।इसके लिए जो भी संघर्ष करना पड़ेगा किया जायेगा।वार्ता में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष इन्द्रसेन मिश्रा,महामंत्री रमेश शुक्ला,गया शंकर कश्यप,अब्दुल हई खान,राम भोला तिवारी,मो0 फहीम खान,शकील अहमद,मो0 अहमद,गोरखनाथ तिवारी,विजय पाल सिंह,रमेश सिंह,सन्तराम रावत,संतोष कुमार श्रीवास्तव,अली हैदर,बालेन्द्र सिंह,चौ0 अजीमुद्दीन,संतोष पाण्डेय,राम मगन सिंह,कुलभूषण यादव,नरेंद्र मिश्रा,साहेब सरन वर्मा,गोविन्द प्रताप सिंह,अमर सिंह,ओम प्रकाश,अजय यादव,हरिश्चन्द्र,प्रमोद द्वेदी,वेद तिवारी,रामेश्वर पिंटू आदि सहिंत तमाम अधिवक्ता मौजूद रहे।


*उपजिलाधिकारी से अन्य बिंदुओं पर भी हुई चर्चा*


महामंत्री रमेश शुक्ला ने बताया कि मुंसिफ कोर्ट की स्थापना के लिए भूमि के प्रस्ताव को लेकर उपजिलाधिकारी ज्योति सिंह के साथ हुई वार्ता में तहसील की अन्य समस्याओं पर भी चर्चा हुई।बताया कि अधिवक्ताओं ने उपजिलाधिकारी के समक्ष धारा 151 के मामलो में 5 बजे तक रिहाई कर देने,धारा 24 की पत्रावलियों में को न्यायालय पर दर्ज करने व् जल्द आख्या लगाने,धारा 34 की अविवादित पत्रवलियो को जल्द निस्तारित करने,धारा 38 की पत्रावलियों में जल्द संशोधन आदेश पारित करने आदि की भी मांग रखी।जिसके लिए उपजिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं को आश्वश्त किया।