बालिका सुरक्षा शपथ
    अयोध्या 16 अगस्त 2019, हम सभी को अपना जीवन अमूल्य लगता है और आज की पीढ़ी सिर्फ और सिर्फ अपने और अपने परिवार को आधार मानकर जीवन जी रहे है जबकि आजादी प्राप्त करने के लिए हमारे पूर्वजों ने बिना किसी लाभ-हानि के अपने अमूल्य जीवन को अगली पीढ़ी की लिए आजादी प्राप्त करने में न्यौछावर कर दिया, उनके इस पवित्र सोच को शत्-शत् नमन। उनका बलिदान हमें सोचने पर मजबूर करता है कि बलदानी किस माटी के बने थे। आजादी के लिए बलिदान देने वालों की सोच थी जिले, प्रदेश व देश का हर आखरी व्यक्ति अपनी गरिमा प्राप्त करने के साथ हर नागरिक को भूख, शिक्षा, बीमारी, मकान की कमी कभी भी उसके निकट न आये। हर अधिकारी व कर्मचारी को सकारात्मक सोच के साथ  जन सामान्य की बात सुनने के साथ-साथ हर पात्र व्यक्ति  को बिना विलम्ब किये सभी योजनाओं का लाभ दिलायंे ताकि पात्र किसी भी प्रकार के आभाव में न रहे और खुशी-खुशी अपना जीवन यापन करे, बलदानियांे का यही उद्देश्य था। गांधी जी का भी यही मूलमंत्र था। उक्त बातें जिलाधिकारी श्री अनुज कुमार झा ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सेनानियों के सम्मान के दौरान कही। प्रदेश सरकार की अनूठी पहल को मूर्तरूप देते हुए जिलाधिकारी श्री अनुज कुमार झा ने झंडारोहण के तुरंत बाद सभी कार्मिकों व उपस्थितजनों को बालिका सुरक्षा व नारी सम्मान की दिलाई लगातार 3 शपथ। इसके बाद उन्होनें स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्तियों पर माल्यापर्ण तथा श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता सेनानियों व उनके परिवारों को अंगवस्त्र से सम्मानित किया। इसके पश्चात जिलाधिकारी श्री अनुज कुमार झा व प्रशिछु आईएएस श्री जयेन्द्र कुमार ने किये पौधरोपण। उन्होनें कहा कि स्वतन्त्रता दिवस में पर्यावरण को शुद्ध रखने का संकल्प लेना चाहिए।
बालिका सुरक्षा शपथ बालकों हेतु जिम्मेदारी शपथ- ''भारत के जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैं शपथ लेता हूँ कि सदैव बालिकाओं व महिलाओं का सम्मान करूंगा और उनके अधिकारों की सुरक्षा करूंगा। मैं प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से अपने कृत्यों, शब्दों, तथा कर्मो से किसी बालिका या महिला के अधिकारों एवं मर्यादा का हनन नहीं होने दूंगा। मैं शपथ लेता हूँ कि मैं बालिकाओं व महिलाओं को उनके विकास के लिय समान अवसर प्रदान करने में अपना पूरा योगदान दूंगा''।
बालिका सुरक्षा शपथ पिताओं हेतु जिम्मेदारी शपथ- '' भारत के जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैं शपथ लेता हूँ कि मैं अपने बेटे और बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करूंगा। मैं अपने बच्चों को बचपन से ही जीवन के नैतिक मूल्य सिखाऊंगा और उन्हें सही और गलत का भेद बताऊंगा। जिस प्रकार मैं अपने बेटी को स्वयं की सुरक्षा के लिए ध्यान रखने को कहता हूँ, उसी प्रकार मैं अपने बेटे को अनुशासन में रखते हुये उसकी भी दैनिक गतिविधियों का पूरा ध्यान रखूंगा''।
बालिका सुरक्षा शपथ माताओं हेतु जिम्मेदारी शपथ- '' भारत के जिम्मेदार नागरिक के रूप में मैं शपथ लेती हूँ कि मैं अपने बेटे और बेटी में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं करूंगी। मैं अपने बच्चों को बचपन से ही जीवन के नैतिक मूल्य सिखाऊंगी और उन्हें सही और गलत का भेद बताऊंगी। जिस प्रकार मैं अपनी बेटी को स्वयं की सुरक्षा के लिए ध्यान रखने को कहती हूँ, उसी प्रकार मैं अपने बेटे को अनुशासन में रखते हुये उसकी भी दैनिक गतिविधियों का पूरा ध्यान रखूंगी।