अखिलेश का चैलेंज जब चाहे जहां चाहे बहस को हम तैयार


समाजवादी आंदोलन के प्रखर नेता छोटे लोहिया जनेश्वर मिश्र की 10वीं पुण्यतिथि पर आज राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी जनपदों में समाजवादी पार्टी द्वारा श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन कर उनके व्यक्तित्व एवं समाजवादी आंदोलन में उनकी भूमिका पर चर्चा की गई। लखनऊ में पार्टी मुख्यालय, जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट के अलावा गोमती नगर स्थित जनेश्वर मिश्र जी की प्रतिमाओं पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पुष्पांजलि अर्पित कर उनकी स्मृति को नमन किया।



      अखिलेश यादव ने श्री मिश्र को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि श्री जनेश्वर मिश्र ने समाज में विषमता, अन्याय और बुराइयों के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया। वे लोहिया जी के नजदीकी थे। गरीब, किसान को आगे बढ़ाने, असमानता को मिटाने के उनके बताए रास्ते पर ही हम चलेंगे।
      अखिलेश यादव ने इस अवसर पर पत्रकार वार्ता में कहा कि बड़े पदों पर बैठे लोगों की भाषा भी उसी स्तर की होनी चाहिए। भाजपा नेता ठोक देंगे, जबान खींच लेंगे, बदला लेंगे डंके की चोट पर जैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह धरती मर्यादा पुरूषोत्तम राम और भगवान श्रीकृष्ण की है। मर्यादा का उल्लंघन करने वाली भाषा राजनीति की भाषा नहीं हो सकती है।
     श्री यादव ने तल्ख लहजे में कहा कि बहुमत से जनता की आवाज नहीं दबाई जा सकती है। डंके की चोट पर बहस की चुनौती देने वाले को जवाब है कि वह बहस के लिए तैयार हैं। जगह और मंच का चुनाव उनकी पसंद का हो। बहस विकास पर होगी, जब और जहां चाहें बहस कर लें। भाजपा विकास पर बहस से भागती है। वह नोटबंदी, मंदी, अर्थव्यवस्था पर बहस नहीं करती है।
     श्री यादव ने कहा सीएए का विरोध केवल समाजवादी पार्टी नहीं कर रही है। भारत की आम जनता विरोध में है। इसमें नौजवान, महिलाएं सभी बढ़चढ़ कर भाग ले रहे हैं। ये स्वयं बैठे है। भाजपाई तो पैसे से रैली में भीड़ लाते हैं। जिन्होंने हमें आजादी दिलाई, सुन्दर संविधान दिया उन्होंने कभी भाषा, धर्म के नाम पर भेदभाव नहीं किया। यह भेदभाव भाजपा करती है। वे बताएं क्या वोट के लिए वे समाज में खाई पैदा करेंगे?
      अखिलेश यादव ने कहा कि बाबा मुख्यमंत्री ने तीन साल में कोई काम नहीं किया है। वे न तो गाय की सेवा कर पा रहे है और नहीं किसानों की फसल को आवारा पशुओं से बचा पा रहे हैं। अब तो किसान ही नहीं नौजवान भी आत्महत्या कर रहे हैं। फर्जी एनकाउण्टर हो रहे हैं। मानवाधिकार आयोग से सबसे ज्यादा नोटिसें उत्तर प्रदेश सरकार को मिली है।
     श्री यादव ने कहा कि हम समाजवादी पक्के भारतीय है। मैं तो कभी इमरान खां से मिला नहीं। इतना हमें पता है कि गुजरात से चलकर लाठी लिए एक कपड़े से शरीर ढंके व्यक्ति ने सत्य और अहिंसा का पाठ पढ़ाया था। भाजपा ने सत्य और अहिंसा दोनों का रास्ता छोड़ दिया है। वोट के लिए वे माहौल खराब करने का काम कर रहे हैं। बेहतर होता वे गुजरात में साबरमती आश्रम में जाकर समय गुजारते और गांधी जी के पढ़ाए पाठ को सीखते।
     श्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा नेता देश को उलझाकर रखना चाहते हैं। किसी समस्या के समाधान की उनसे आशा नहीं है। उन्होंने भारत के सम्मान को, पहचान को ठेस पहुंचाई है। भाजपा राज में महोबा में बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की हैं। बेकारी बढ़ी है। नदियां साफ नहीं हैं। भाजपा सरकार अगर जाति आधारित जनगणना कराके उसके आंकड़े पेश कर दे तो हिन्दू-मुस्लिम का झगड़ा ही नहीं रहेगा। जातियों की समानुपातिक भागीदारी तय हो जाएंगी। उन्होंने कहा वैसे अब 600 दिन ही भाजपा के हिस्से में बचे हैं, इसके बाद तो बदलाव की रौनक आनी है।
       श्री जनेश्वर मिश्र की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि देने के लिए बड़ी संख्या में नौजवान, महिलाएं पूर्व मंत्री, विधायक, पूर्व सांसद तथा विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी उपस्थित थे। इनमें सर्वश्री रामगोविन्द चौधरी नेता विधानसभा, अहमद हसन नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद, धर्मेन्द्र यादव पूर्व सांसद, नारद राय, के.के. गौतम पूर्व मंत्री तथा एसआरएस यादव, राकेश प्रताप सिंह, अरूण वर्मा, संग्राम सिंह, सुनील यादव साजन, डाॅ0 राजपाल कश्यप, उदयवीर सिंह, अरविन्द कुमार सिंह सभी विधायकगण एवं श्री अनुराग यादव ‘दीपू‘ जयशंकर पाण्डेय, मनीष रावत, राजीव राय, सुभाष राय, अनुग्रह नारायण सिंह (खोखा सिंह), सी.एल. वर्मा तथा युवा नेता गौरव दुबे, विकास यादव, प्रदीप तिवारी, राम करन निर्मल, अरविन्द गिरि, मो0 एबाद, दिग्विजय सिंह देव, बृजेश यादव, अनीस राजा उपस्थित रहे।
      आज के कार्यक्रम में सर्वश्री सुशील दीक्षित, जयसिंह जयंत, फाकिर सिद्दीकी, अशोक यादव, मीरा वर्धन, विजय सिंह यादव, रामसागर यादव, डाॅ0 के.सी. पाण्डेय, आर.के. मिश्र, मनीष सिंह, विजय सिंह टिन्नू, अशोक देव, एस.के. राय, एस.पी. यादव, गेंदा लाल यादव, प्रदीप शर्मा, सुभाष यादव, रणविजय संिह, डाॅ0 मगरूब कुरैशी, डाॅ0 आशुतोष वर्मा, आलोक त्रिपाठी, संजय सविता विद्यार्थी, मो0 रबीउद्दीन, अनूप सिंह, अवधेश वर्मा, सिद्धार्थ मिश्रा, शाश्वत जोशी, जयसिंह प्रताप यादव, दानिश सिद्दीकी, दिलीप सिंह कृष्णा, मीना यादव, वंदना चतुर्वेदी, प्रियंका पाल, पूनम यादव, गीता पाण्डेय, रूबी खान, कमला यादव, विशाल यादव, व्यास यादव, कुलवंत कौर, साधना वर्मा, सुनीता यादव, डाॅ0 किरन यादव, मनभावती, अजीत पाल, डाॅ0 अरविन्द सहाय कुशवाहा, अनिल यादव, हर्ष वशिष्ट, अंकित सिंह बाबू, महेन्द्र कुमार, मान सिंह सेंगर, सतीश शर्मा समर, हरीश रावत, अश्वनी वर्मा, इं0 अभिषेक यादव, प्रशांत मिश्रा, आशू शुक्ला, मनोज वर्मा, परवीन जैदी, फरहाना आदि की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।