मुख्यमंत्री जी को महिलाओं का इतिहास पढ़ना चाहिए:शाहनवाज आलम

      लखनऊ 24 जनवरी, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज आलम ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सी0ए0ए0-एन0आर0सी0 विरोधी आन्दोलन में शामिल महिलाओं पर की गई टिप्पणी कि उन्हें आन्दोलन में बैठाकर पुरूष खुद रजाई में बैठे है, को आपत्तिजनक बताते हुए कहा कि इससे योगी की कुनठित मानसिकता का पता चलता है।
      शाहनवाज आलम ने कहा कि मुख्यमंत्री जी जिस हिन्दुत्व की विचारधारा से आते है वहां आन्दोलनों का इतिहास नहीं है। उनके लोग सिर्फ अंग्रेजों की मुखबिरी करते थे जिसके लिए अंग्रेजों से पैसे मिलते थे। इसलिए योगी जी रानी लक्ष्मीबाई और बेगम हजरत महल के बलिदानी इतिहास की वारिस इन संर्घषशील महिलाओं की वैचारिक दृढ़ता कोे नहीं समझ सकते। योगी जी को समझना चाहिए कि हर आदमी मुखबिर नहीं हो सकता। आलम ने कहा कि मख्यमंत्री आन्दोलकारियों से निजी रंजिश की हद तक उतर आयें है जो उनकी प्रशासनिक अक्षमता को दर्शाता है। आन्दोलन विरोधी और मुखबिरी की पंरम्परा से आने वाले मुख्यमंत्री जी को स्वतन्त्रता आन्दोलन में शामिल महिलाओं का इतिहास पढ़ना चाहिए। उन्हें समझ में आ जायेगा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ने वाली महिलाओं को अंग्रेजों की पुलिस नहीं डिगा पाई तो मुखबिरों की पुलिस क्या डिगा पायेगी। श्री आलम ने कहा कि योगी जी की यही महिला विरोधी मानसिकता उन्हें बलात्काार केे आरोपी भाजपा विधायक के साथ और पीड़ित महिला के विरूद्ध खड़ा करती है।