मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना’ के क्रियान्वयन हेतु प्रक्रिया निर्धारण

   मंत्रिपरिषद ने ‘मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना’ के क्रियान्वयन हेतु प्रक्रिया निर्धारित कर दी है। मंत्रिपरिषद ने प्रश्नगत प्रायोजना के सम्बन्ध में अग्रेतर आवश्यक निर्णय लेने हेतु मुख्यमंत्री जी को अधिकृत किया है।
उत्तर प्रदेश के लगभग प्रत्येक जनपद में महत्वपूर्ण धार्मिक, आध्यात्मिक, प्राचीन, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थल दूर-दूर तक फैले हुए हैं। इन स्थलों के सतत् विकास एवं संवर्धन हेतु प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र के एक पर्यटन स्थल को विकसित किए जाने की योजना पर मंत्रिपरिषद द्वारा अनुमोदन प्रदान किया गया है। प्रदेश के प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में एक पर्यटल स्थल के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
    पर्यटन केन्द्र का चयन सम्बन्धित विधायक एवं जिलाधिकारी की संस्तुति के अनुसार किया जाएगा। पर्यटन स्थल की स्थापना से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से निवेश बढ़ेगा। चयनित स्थल का विकास पर्यटन विभाग, विधायक निधि एवं सी0एस0आर0 निधि से प्राप्त धनराशि से किया जाएगा। योजना के अन्तर्गत बाउण्ड्रीवाॅल, लैण्डस्केपिंग, बेन्चों का निर्माण, साइनेज, पेयजल, स्टोर रूम, लाॅकर, जूता घर, चबूतरा, रेलिंग, फेन्सिंग, परिसर के अंदर पाथ-वे, इण्टरलाॅकिंग टाइल्स कार्य व अन्य अनुमन्य सौन्दर्यीकरण कार्य, परिसर के अंदर पार्किंग, गेट, प्रकाश व्यवस्था, इण्डिया मार्क हैण्डपम्प, सुलभ प्रसाधन, घाट, सम्पर्क मार्ग तथा परिसर के बाहर पार्किंग के कार्य कराए जा सकेंगे।योजना का रख-रखाव स्थानीय निकाय/ग्राम पंचायतों अथवा प्रबन्ध समिति का गठन कराकर किया जाएगा। योजना के अन्तर्गत कार्य सम्बन्धित विभागों के सहयोग से यथा आवश्यकतानुसार किए जाएंगे।