सीएए कानून से शरणार्थियों की होगी रक्षा:योगी 


       लखनऊ 22 जनवरी 2020, भारतीय जनता पार्टी द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के समर्थन में आयोजित रैलियों के क्रम में कानपुर में केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सीएए की वास्तविकता व आवश्यकता को जनता के दरबार में रखा और विपक्ष की भ्रमित राजनीति पर करारा प्रहार किया। रैली में प्रदेश महामंत्री (संगठन) सुनील बंसल सहित अन्य नेता उपस्थित रहे।
     सीएए के समर्थन में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि आज हम सब लोग नरेन्द्र मोदी जी और अमित शाह जी को धन्यवाद देने के लिए इकट्ठा हुए हैं। आज देश आगे बढ़ रहा है और देश की दिशा भी बदल रही है। लेकिन कुछ लोग इस बात से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि देश एक अच्छी दिशा में आगे बढ़ रहा है। श्री तोमर ने कहा कि भाजपा अपने घोषणा पत्र के आधार पर ही सभी कार्य कर रही है। जिस घोषणा पत्र पर जनता अपनी स्वीकृति की मोहर लगा चुकी है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने 370 का कलंक भारत से समाप्त किया है और वास्तविकता में कश्मीर को अब स्वतंत्रता मिली है। हमें यह जानना चाहिए कि सीएए क्यों लाना पड़ा ? पाकिस्तान, बांग्लादेश व अफगानिस्तान जहां मजहबी आधार पर अल्पसंख्यकों को सताया जाता है। धार्मिक रूप से प्रताड़ित होकर ऐसे लोग भारत में शरणार्थी के रूप में आए। जिनको नारकीय जीवन से उबार कर भारत की नागरिकता देने के लिए यह कानून लाना पड़ा। श्री तोमर ने कहा कि 1955 में नागरिकता कानून लाया गया था, सीएए उसका संशोधन है। कांग्रेस, सपा, बसपा व अन्य विपक्षी दल मोदी रोको अभियान चलाते हुए सीएए को लेकर दुष्प्रचार कर रहे हैं और अब मोदी विरोध करते हुए वह भारत का विरोध भी करने लगे हैं। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सीएए 2019 संविधान संशोधन है, यह अब नियम बन चुका है और इस नियम को हर राज्य को मानना ही पड़ेगा।
    प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपीए सरकार ने पाकिस्तान की तरफ सदैव नरम रुख रखा और आतंकी घटना होने के बाद भी मुंह तोड़ जवाब नहीं दिया। पर वर्तमान की सरकार में जैसे ही पाकिस्तान और आतंकियों ने भारत में दुस्साहसिक घटनाओं को अंजाम दिया तो मा. मोदी जी ने तुरंत पाकिस्तान के आतंकी अड्डों को खत्म करने का आदेश दिया। मादी सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दी है। राम मंदिर के आंदोलन के लिए उन्होंने कहा कि राम जन्मभूमि को मुक्ति कराने के लिए 76 से अधिक लड़ाइयां हुई। लाखों हिंदुओं ने बलिदान दिया परंतु कांग्रेस ने कभी भी राम मंदिर बनाने की दिशा में प्रयास नहीं किया और जब हम लोगों ने इसमें कदम आगे बढ़ाया तो कांग्रेस ने जगह-जगह इसका विरोध किया। यहां तक कि कांग्रेस के नेता कपिल सिब्बल ने कोर्ट में डे-टू-डे सुनवाई पर रोक लगाने की भी मांग की।



    योगी जी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने कहा था कि शरण में आए हुए की रक्षा करनी चाहिए। सीएए कानून भी शरणार्थियों की रक्षा के लिए ही बनाया गया है। हम सब और भारत की जनता इस कानून का समर्थन करती है परंतु कांग्रेस के लिए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी कोई मायने नहीं रखते और अब तो कांग्रेसी लोग ईसाईयों का भी विरोध करने लगे हैं तभी वह इस कानून का विरोध कर रहे हैं। अब कांग्रेस में और अन्य विपक्षी दलों में सीधे विरोध करने की ताकत नहीं बची है और यह निचले स्तर पर आ गए हैं। अब इन्होंने महिलाओं और बच्चों को आगे कर दिया है। जब इन धरनों में महिलाओं या बच्चों से पूछे तो उन्हें पता ही नहीं होता कि सीएए क्या है। उन बेचारों को तो मोहरा बनाकर उन्होंने आगे कर दिया है। पाकिस्तान में पहले 23 प्रतिशत हिंदू थे आज वहां 1 प्रतिशत बचे हैं। विदेशी ताकतों के इशारे पर कैंडल मार्च निकालने वाले बेशर्म लोग इस पर कुछ कभी क्यों नहीं बोलते कि पाकिस्तान में आखिर हिन्दुओं की संख्या कम क्यों हुई। ननकाना साहिब में कीर्तन यात्रा नहीं निकलने दी और सिख का कत्ल भी किया, तब भी कांग्रेस पाकिस्तान की भाषा बोल रही है।
श्री योगी  ने कहा कि लोकतंत्र में धरना होना चाहिए, प्रदर्शन होना चाहिए परन्तु शांतिपूर्ण ढंग से संवैधानिक तरीके से विरोध करना चाहिए। लेकिन हिंसा करना, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, तोड़फोड़ करना इसकी लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है। ऐसा करने वालों की संपत्ति जब्त करा कर इसका भुगतान करना ही पड़ेगा। महर्षि अरविंद ने कहा था कि पाप और पुण्य की यह परिभाषा है कि देश के लिए जो काम करें, देशभक्ति का जो काम करे बस यही पुण्य है और देश का अगर कोई विरोध करें तो वह पाप है। सीएए का एनआरसी और एनपीआर से कोई लेना-देना ही नहीं है, यह कई बार स्पष्ट हो चुका है परंतु कांग्रेस, सपा, वामपंथी और अन्य विपक्षी दल व विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करने वाले एनजीओ भ्रम जाल फैला रहे हैं। इसका निवारण करने के लिए ही हम आज यहां आए हैं।


प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा के हमारे विरोधियों ने राम भक्तों पर गोली चलाई परंतु अब राम मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हो चुका है। हम लोगों ने बहुत बड़े और कड़े फैसले लिए हैं। सीएए में नागरिकता देने की व्यवस्था है, नागरिकता लेने की नहीं। वह भी पाकिस्तान बांग्लादेश और अफगानिस्तान में जो धार्मिक आधार पर सताए जा रहे हैं उन शरणार्थियों के लिए यह नागरिकता देने की व्यवस्था है। धारा 370 और 35ए हटने के बाद अब कानपुर के लोग भी कश्मीर में जमीन खरीद सकते हैं। केंद्र में मोदी जी की सरकार है जो गोली का जवाब गोले से देना जानती है और इसीलिए पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया गया है। सपा और बसपा लोकसभा चुनाव में एक होकर के लड़े तब भी जनता ने मोदी जी और भाजपा को ही जिताया। प्रियंका जी का नाम तो अब प्रियंका ट्विटर वाड्रा हो जाना चाहिए वह सिर्फ ट्वीट करना जानती हैं और इसी चक्कर में अमेठी हार गई और आगे बची हुई सीट भी वह हार जाएंगी। हमारी पार्टी अपने कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही शून्य से शिखर की ओर है इसलिए पार्टी कार्यकर्ताओं को महत्व देना हमारी पार्टी भली भांति जानती हैं।
जनसभा को कैबिनेट मंत्री सतीश महाना, नीलिमा कटियार, चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय आदि ने भी संबोधित किया। रैली में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अशोक कटारिया, क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह उपस्थित रहे। जनसभा का संचालन प्रदेश मंत्री अमरपाल मौर्य ने किया।