उत्तर प्रदेश का तीसरा स्थापना दिवस,18 अटल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास

     राज्यपाल तथा मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह का शुभारम्भ किया,किसी भी प्रदेश के स्थापना दिवस का आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण होता है।

कि इससे प्रदेशवासियों को अपने राज्य के इतिहास का बोध होता है,उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के माध्यम से इन जनपदों को अपने उत्पादों की ब्राण्डिंग करने का अवसर प्राप्त होता है: राज्यपाल

उ0प्र0 राज्य का गौरवशाली इतिहास और परम्परा रही है: मुख्यमंत्री

भगवान श्रीराम ने यहां जन्म लेकर राजव्यवस्था के आदर्श स्थापित किये तथा भगवान श्रीकृष्ण ने इसी धरती पर जन्म लेकर ‘न दैन्यं न पलायनम्’ की सीख दी,प्रदेश का स्थापना दिवस राज्य को अपनी प्रगति के सम्बन्ध में आकलन का अवसर देता है।

वर्तमान प्रदेश सरकार के कार्याें से राज्य की नयी पहचान बन रही है,‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना वर्तमान में देश की सर्वाधिक लोकप्रिय योजना है।

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने पर्यटन विभाग की फिल्म ‘यू0पी0 नहीं देखा तो इण्डिया नहीं देखा’ का विमोचन किया।

संस्कृति विभाग की पुस्तक ‘उ0प्र0 की संचरना अभिलेखों के सन्दर्भ में’ का विमोचन

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने 05 महिला खिलाड़ियों को ‘रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार’ तथा09 पुरुष खिलाड़ियों को ‘लक्ष्मण पुरस्कार’ से सम्मानित किया।

राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने 07 उद्यमियों को सम्मानित किया,राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ पर आयोजित प्रदर्शनियों का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।


      लखनऊ: 24 जनवरी, 2020, आस्था संस्कृति और शांति का संदेश देता उत्तर प्रदेश  की स्थापना 24 जनवरी 1950 को हुई थी। जब भारत के गवर्नर  जनरल ने यूनाइटेड यूनाइटेड प्रोविंसेज (अल्टरेशन ऑफ नेम )आर्डर 1950 पारित किया। इस राज्य को वैदिक काल में मध्य देश कहा जाता था। मुगल काल में इसे क्षेत्रीय स्तर पर विभाजित किया गया था। उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जाने का स्वप्न सबसे पहले तत्कालीन राज्यपाल राम नाईक के जहन में आया था। अन्य प्रदेशों की भांति उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस नहीं मनाया जाता था। पूर्व राज्यपाल राम नाईक जी ने  अपने समय की सरकार से उत्तर प्रदेश दिवस मनाए जाने का आग्रह किया था परंतु दुर्भाग्य से उस समय की सरकार ने उत्तर प्रदेश दिवस मनाने में रुचि नहीं दिखाई। समय के चक्र में परिवर्तन हुआ और प्रदेश से सत्ता परिवर्तन हुआ, परंतु राज्यपाल  राम नाईक ही रहे। सत्ता में आई योगी सरकार से भी उन्होंने उत्तर प्रदेश दिवस मनाया जाने का आग्रह किया योगी सरकार ने तत्काल उनके आग्रह को स्वीकार करते हुए उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस मनाए जाने का निर्णय लिया। प्रथम उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस  मनाया जाने की शुरुआत में देश के उपराज्यपाल नायडू भी उपस्थित रहे। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल  तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ समारोह का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। ज्ञातव्य है कि यह उत्तर प्रदेश का तीसरा स्थापना दिवस समारोह है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में वर्तमान राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2017 में कार्यभार ग्रहण करने के पश्चात वर्ष 2018 में पहली बार उत्तर प्रदेश दिवस का आयोजन किया गया।तत्पश्चात वर्ष 2019 में द्वितीय उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का आयोजन सम्पन्न हुआ।इस अवसर पर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने 18 अटल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास किया।उत्तर प्रदेश की राज्यपाल ने कहा कि किसी भी प्रदेश के स्थापना दिवस का आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण होता है कि इससे प्रदेशवासियों को अपने राज्य के इतिहास का बोध होता है। स्वाधीनता और राष्ट्र निर्माण में जितनी भूमिका इस प्रदेश की रही है। उतनी ही देश के सामाजिक, सांस्कृतिक व साहित्यिक विकास में रही है।उत्तर प्रदेश भगवान राम और भगवान कृष्ण की जन्मस्थली होने के साथ ही भगवान गौतम बुद्ध और भगवान महावीर की स्थली भी है। यहां चंद्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खां और रामप्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी भी पैदा हुए हैं, जिन्होंने अपने साहस, वीरता और बलिदान से देश को आजादी दिलाने में अपनी भूमिका निभाई। वहीं इस धरती पर पंडित मदन मोहन मालवीय, डाॅ0 राममनोहर लोहिया, आचार्य नरेंद्र देव, लाल बहादुर शास्त्री और दीनदयाल उपाध्याय जैसे जननायकों ने अपने रचनात्मक नेतृत्व से देश व प्रदेश को गौरवान्वित किया। वहीं कबीर, तुलसीदास, जायसी, जयशंकर प्रसाद, चकबस्त तथा महादेवी वर्मा जैसे साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं से विश्व साहित्य को समृद्ध किया है। नृत्य, कला, संगीत में भी उत्तर प्रदेश की समृद्ध परम्परा रही है। उत्तर प्रदेश की धरती ने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री भी दिये हैं।
     राज्यपाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अकल्पनीय कार्य करते हुए विकास एवं सुशासन की स्थापना की है। प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरुरतमन्दों को प्राप्त हो रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में वर्तमान सरकार द्वारा जिला चिकित्सालयों का उच्चीकरण किये जाने से बेहतर सुविधाएं आमजन को प्राप्त हो रही हैं। बेहतर कानून-व्यवस्था से प्रदेश में निवेश का माहौल बना है। लखनऊ व नोएडा में बेहतर पुलिसिंग व्यवस्था के लिए पुलिस कमिश्नरी प्रणाली शुरू की गयी है। विकास कार्याें में तेजी लाने के उद्देश्य से एक्सप्रेसवेज का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश का प्रत्येक जनपद किसी न किसी उत्पाद के लिए जाना जाता है। उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के माध्यम से इन जनपदों को अपने उत्पादों की ब्राण्डिंग करने का अवसर प्राप्त होता है।



       मुख्यमंत्री योगी ने प्रदेशवासियों को ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ की बधाई देते हुए कहा कि राज्य का गौरवशाली इतिहास और परम्परा रही है। हमें अपनी विरासत पर गर्व की अनुभूति करनी चाहिए। उत्तर प्रदेश की धरती अत्यन्त पावन है। यहां पर गंगा जी का सर्वाधिक प्रवाहक्षेत्र है। गंगा जी व यमुना जी का संगम इसी धरती पर है। विश्व की प्राचीनतम नगरी काशी यहां स्थित है। भगवान श्रीराम ने यहां जन्म लेकर राजव्यवस्था के आदर्श स्थापित किये तथा भगवान श्रीकृष्ण ने इसी धरती पर जन्म लेकर ‘न दैन्यं न पलायनम्’ की सीख दी। भगवान बुद्ध और जैन तीर्थंकरों की शिक्षाएं इस धरती की देन हैं। स्वाधीनता आन्दोलन में उत्तर प्रदेश की अग्रणी भूमिका रही। आजादी के बाद इस प्रदेश ने देश को सर्वाधिक प्रधानमंत्री दिये हैं। उत्तर प्रदेश का वर्तमान नाम 24 जनवरी, 1950 को अस्तित्व में आया। इस प्रकार प्रदेश की स्थापना के 70 वर्ष पूर्ण हो गये हैं। उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस मनाने की प्रेरणा पूर्व राज्यपाल राम नाईक जी ने दी थी। आज सभी जनपदों में प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। प्रदेश का स्थापना दिवस राज्य को अपनी प्रगति के सम्बन्ध में आकलन का अवसर देता है। वर्तमान राज्य सरकार के कार्याें से राज्य की नयी पहचान बन रही है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रयागराज कुम्भ-2019 का आयोजन किया गया। इस आयोजन में 24 करोड़ 56 लाख श्रद्धालु सम्मिलित हुए। आज मौनी अमावस्या का पर्व है। इस पर्व पर प्रयागराज संगम में ढाई करोड़ श्रद्धालु स्नान कर रहे हैं।
    ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ का समारोह तीन दिनों तक चलेगा। इस दौरान प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आज उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त करने वाले प्रदेश के खिलाड़ियों और उद्यमियों को सम्मानित किया गया है। इन विभूतियों के कार्याें से प्रदेश के पर्सेप्शन में सुधार होता है। इसलिए इन्हें सम्मानित करना राज्य का दायित्व है।राज्य सरकार द्वारा प्रतिवर्ष पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार और महिला खिलाड़ियों को लक्ष्मीबाई पुरस्कार से सम्मानित किया जाता है। इसके अलावा, ओलम्पिक, एशियाई एवं राष्ट्रमण्डल खेल आदि अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग एवं पदक जीतने पर खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया जाता है।
      प्रदेश सरकार किसानों को प्रधानमंत्री किसान निधि, युवाओं को स्टार्टअप, स्टैण्डअप, एक जनपद एक उत्पाद योजना आदि के माध्यम से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती है। इसके अलावा भी इन्हें प्रोत्साहित करने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस‘ समारोह के दौरान 25 जनवरी को ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना तथा खादी एवं ग्रामोद्योग से सम्बन्धित कार्यक्रम होंगे। इस कार्यक्रम में इन योजनाओं से जुड़े निवेशकों और उद्यमियों को सम्मानित किया जाएगा। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर प्रधानमंत्री जी के फ्लैगशिप कार्यक्रमों में अग्रणी स्थान दिलाने वाले अधिकारियों और अन्य व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। इसी दिन कलाकारों को भी सम्मानित किया जाएगा।
      महात्मा गांधी के ग्राम स्वावलम्बन के सपने को साकार करने के लिए प्रथम ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना का शुभारम्भ किया गया था। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना वर्तमान में देश की सर्वाधिक लोकप्रिय योजना है। देश के निर्यात में जहां 7-8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं प्रदेश के निर्यात में 28 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश के निर्यात में इस उल्लेखनीय वृद्धि में ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना की बड़ी भूमिका है। प्रदेश के औद्योगिक विकास के निरन्तर प्रयासों की अभिनव कड़ी के रूप में राज्य सरकार द्वारा ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना प्रारम्भ की गयी। इसका उद्देश्य राज्य के विभिन्न जनपदों के परम्परागत और विशिष्ट पहचान वाले उत्पादों को प्रोत्साहित कर युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना की सराहना केन्द्र सरकार द्वारा भी की गई है।
    द्वितीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर राज्य सरकार द्वारा ‘विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना’ प्रारम्भ की गयी है। यह योजना स्थानीय दस्तकारों तथा पारम्परिक कारीगरों के कौशल विकास हेतु संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत पारम्परिक कारीगरों के आजीविका के साधनों का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसके तहत, माटी कला बोर्ड ने उल्लेखनीय कार्य किया है।



         आज तृतीय ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में, अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना की योजना का शुभारम्भ किया गया है। इसके तहत, प्रदेश के सभी 18 मण्डलों में अटल आवासीय विद्यालय स्थापित किये जाएंगे। यह विद्यालय नवोदय विद्यालयों की तर्ज पर संचालित किये जाएंगे। इन आवासीय विद्यालयों में रजिस्टर्ड श्रमिकों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा, आवास, भोजन आदि सुविधाएं उपलब्ध करायी जाएंगी। विद्यालय में बच्चों को उनकी रुचि के अनुरूप शिक्षित कर स्वावलम्बी बनाया जाएगा। इन विद्यालयों में निराश्रित और अनाथ बच्चों को भी शिक्षित कर योग्य नागरिक बनाया जाएगा।
    आज राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सभी बालिकाओं को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बालिकाओं के सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रारम्भ की गयी है। इस योजना के तहत बालिका को जन्म से लेकर उसके डिप्लोमा अथवा डिग्री हेतु प्रवेश तक विभिन्न चरणों में 15,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कन्याओं के विवाह के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना भी संचालित की जा रही है। इसके अन्तर्गत, अब तक एक लाख से अधिक बालिकाओं का विवाह सम्पन्न कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि यह वर्ष युवाओं को समर्पित है। इस वर्ष में प्रदेश के युवाओं के लिए योजनाएं प्रारम्भ की जाएंगी।


     सबका साथ सबका विकास की तर्ज पर प्रदेश का हो रहा सर्वांगीण विकास: डॉ दिनेश शर्मा
     उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ मनाने के लिए पूर्व राज्यपाल राम नाईक को स्मरण करते हुए मुख्यमंत्री जी को साधुवाद ज्ञापित किया। पहले उत्तर प्रदेश दिवस केवल मुम्बई में मनाया जाता था। आज यह प्रदेश के सभी जनपदों में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी के नेतृृत्व में उत्तर प्रदेश का सर्वांगीण विकास हो रहा है। उत्तर प्रदेश, केन्द्र की विभिन्न योजनाओं में प्रथम स्थान पर है।


      बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर के सपने हो रहे साकार :स्वामी प्रसाद मौर्य
      श्रम एवं सेवायोजन मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की कसौटी के आधार पर उत्तरोत्तर विकास कर रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं में प्रदेश सर्वाेच्च स्थान बना रहा है। श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रदेश के श्रम विभाग द्वारा 18  योजनाएं संचालित की जा रही हैं। सेवायोजन विभाग में भी उल्लेखनीय कार्य हो रहा है। राज्य सरकार प्रदेश के हर मण्डल में अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना कर रही है। यह नवोदय विद्यालयों के पैटर्न पर संचालित होंगे। इसमें श्रमिकों और अनाथ बच्चों को निःशुल्क शिक्षा प्रदान की जाएगी। प्रदेश सरकार डाॅ0 बी0आर0 आंबेडकर की सपने अपने कार्याें से साकार कर रही है।



    ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की विरासत से जुड़े कई सांस्कृतिक प्रस्तुति भी हुई। इनमें उत्तर प्रदेश दिवस के थीम सांग पर समूह नृत्य, गोरखपुर से आये बच्चों की सुन्दरकाण्ड की प्रस्तुति, ब्रज का मयूर नृत्य, बुंदेलखंड का सांस्कृतिक प्र्तुति, पूर्वांचल का लोकरंग प्रमुख हैं।
इस अवसर पर पर्यटन विभाग की फिल्म ‘यू0पी0 नहीं देखा तो इण्डिया नहीं देखा’ का विमोचन राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने किया। संस्कृति विभाग द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘उत्तर प्रदेश की संचरना अभिलेखों के सन्दर्भ में’ का विमोचन किया गया। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने उल्लेखनीय उपलब्धियां प्राप्त करने वाली 05 महिला और 09 पुरुष खिलाड़ियों को सम्मानित किया। महिला खिलाड़ियों को रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार तथा पुरुष खिलाड़ियों को लक्ष्मण पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया। सभी खिलाड़ियों को पुरस्कार स्वरूप 03 लाख 11 हजार रुपये प्रदान किये गये। राज्यपाल जी एवं मुख्यमंत्री जी ने 07 उद्यमियों को सम्मानित किया। उन्होंने 18 अटल आवासीय विद्यालयों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में आने से पूर्व, राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री ने ‘उत्तर प्रदेश दिवस’ पर आयोजित सूचना, पर्यटन सहित अन्य विभागों की प्रदर्शनियों का उद्घाटन एवं अवलोकन किया।
    कार्यक्रम अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, डाॅ0 नीलकंठ तिवारी, उपेन्द्र तिवारी, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति जितेन्द्र कुमार, सूचना निदेशक शिशिर सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
        लक्ष्मण पुरस्कार प्राप्त करने वालो में अभिषेक यादव,श्रेयांश कुमार,दिवाकर राम, सौरभ चौधरी, चमन सिंह,राहुल दुबे, शिवपाल सिंह, राजीव तोमर तथा सतेन्द्र कुमार शामिल थे। वहीं रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार प्राप्त करने वाली महिलाओं में अमृता पाण्डेय, मरियम खान, शिवा सिंह, पारूल चौधरी तथा रजनी जोशी दीक्षित शामिल थीं। इसी प्रकार उद्योग जगत में पुरस्कार प्राप्त करने वालों में अमर तुलसियान, सचिन अग्रवाल, तरुण साहनी, सोम प्रकाश गोयनका, माधो गोपाल अग्रवाल,चन्द्र प्रकाश अग्रवाल तथा डाॅ0 महेश कुमार गुप्ता शामिल थे। सोम प्रकाश गोयनका कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके, उनका पुरस्कार उनकी कम्पनी के निदेशक ने ग्रहण किया।