61 घण्टे 41 मिनट चल सदन की कार्यवाही चली

उत्तर प्रदेश विधान सभा के अध्यक्ष,  हृदय नारायण दीक्षित ने आज सत्र की समाप्ति पर सदन के सदस्यों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी दलीय नेताओं और सदस्यों ने सारगर्भित चर्चा में भाग लिया। कार्यवाही की गुणवत्ता की प्रशंसा करते हुए श्री अध्यक्ष ने कहा कि कार्यवाही में समयावधि ही महत्वपूर्ण नहीं होती है, बहस की गुणवत्ता और मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श की महत्ता से ही कार्यवाही का मूल्यांकन किया जाना चाहिए।
    दीक्षित ने कहा कि विधान सभा की कार्यवाही 13.02.2020 से प्रारम्भ हुई और दिनांक-28.02.2020 तक चली। 16 दिनों के सत्र में कुल 10 दिन सदन की बैठके हुई। जिसमें कुल 61 घण्टे 41 मिनट चल सदन की कार्यवाही चली। 10 दिन के उपवेशनों में अल्पसूचित प्रश्न-142, तारांकित प्रश्न-1066, अतरांकित प्रश्न-1091 प्राप्त हुए। इनमें कुछ 584 प्रश्न उत्तरित हुए। नियम-301 की कुल 413 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें से 259 स्वीकृत हुई। नियम-51 के अन्तर्गत 632 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें 80 सूचनाएं स्वीकृत हुई और 375 सूचनाओं पर ध्यानाकर्षण किया गया। नियम-56 के अन्तर्गत 78 सूचनाएं प्राप्त हुई जिनमें 22 सूचनाएं ग्राह्यता हेतु सुनी गयी और 34 पर ध्यानाकर्षण हुआ, और अन्य सूचनाओं को भी आवश्यक कार्यवाही हेतु सरकार को प्रेषित किया गया। इस सत्र में 1416 याचिकाएं प्राप्त हुई जिनमें से 1259 ग्राह्य होकर सदन में प्रस्तुत की गयी।
    अध्यक्ष ने कहा कि राज्यपाल अभिभाषण पर मा0 मुख्यमंत्री मा0 नेता प्रतिपक्ष एवं दलीय नेताओं समेत 68 सदस्यों ने भाग लिया। वित्तीय वर्ष 2020-21 की बजट चर्चा में मा0 मुख्यमंत्री, मा0 नेता प्रतिपक्ष एवं दलीय नेताओं सहित 70 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इस बजट में कुल 11 विधेयक पारित किए गये। जिनमें पक्ष विपक्ष की तरफ से महत्वपूर्ण चर्चाएं हुई। विपक्ष द्वारा अपनी मांग उठाकर तर्क प्रस्तुत किये। संसदीय कार्य मंत्री, श्री सुरेश कुमार खन्ना जी ने उठाये गयं प्रश्नों पर समाधान परक उत्तर दिये।
कानून व्यवस्था के प्रश्न पर भी विधान सभा में कई बार महत्वपूर्ण वाद-विवाद हुआ। बेशक, विपक्ष के अपने आंकड़े और तथ्य रहे हैं ओर सरकार के अपने, लेकिन वाद-विवाद में सभा की रूचि और गम्भीरता आकर्षण का विषय बनी रही। सभा में किसानों की समस्यायें भी पूरी सिद्दत के साथ उठायी गयी। छुट्टे जानवरों की समस्या, आलू किसानों और गन्ना किसानों की समस्या को दूर करने की दृष्टि से विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ही गम्भीर दिखायी पड़े। विद्युत, कृषि, प्रशासन, जल आपूर्ति सहित अविलम्बनीय महत्व के तमाम प्रश्नों पर विधान सभा में गम्भीर वाद-विवाद हुआ। इस सदन की यह विशेषता रही कि व्यवधान बहुत कम हुआ। पक्ष विपक्ष के सदन संचालन में अप्रतिम योगदान रहा।
    दीक्षित ने तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद मा0 मुख्यमंत्री, योगी आदित्यनाथ के सदन में उपस्थिति की सराहना की। उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी ने राज्यपाल अभिभाषण एवं बजट की चर्चा में उपस्थित होकर सदन में उठाये गये विषयों पर अपना विस्तृत उत्तर भाषण दिये। इसके अतिरिक्त भी समय-समय पर सदन के तमाम महत्वपूर्ण उठने वाले विषयों पर हस्तक्षेप करते हुए सदन की आशंकाओं का समाधान किया। मा0 सदस्यों की विधायक निधि को 02 करोड़ से बढ़ाकर 03 करोड़ की घोषणा की। सदस्यों के वेतन भत्तों में बढ़ोत्तरी के लिए मा0 संसदीय कार्यमंत्री की अध्यक्षता में विचार के लिए एक समिति की घोषणा की।
श्री अध्यक्ष ने नेता प्रतिपक्ष श्री रामगोविन्द चैधरी, नेता बहुजन समाज पार्टी, श्री लाल जी वर्मा, नेता भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आराधना मिश्रा ‘मोना’ व नेता अपना दल श्री नील पतन पटेल एवं सुहेल देव पार्टी के नेता, श्री ओम प्रकाश राजभर सहित सभी दलीय नेताओं की प्रशंसा की।
   दीक्षित ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष निरंतर सदन में मौजूद रहे। अधिकांश उठने वाले मुद्दों पर हस्तक्षेप करते हुए बड़े ही महत्वपूर्ण एवं सामायिक सुझाव दिए। उससे सदन के सदस्यों का ज्ञानवर्धन हुआ। नेता बहुजन समाज पार्टी श्री लाल जी वर्मा ने महत्वपवूर्ण विषयों पर अपनी विशेष रूचि के साथ अधिकांश समय सदन में मौजूद रहे। प्रत्येक मुद्दों पर अपने बौद्विक ज्ञान से समस्याओं के कारगर हल के लिए सरकार को सुझाव दिए। कांग्रेस की नेता आराधना मिश्रा ‘मोना’ के दलीय नेता के रूप में मुद्दों को सफलतापूर्वक एवं कारगर ढंग से उठाने की प्रशंसा की। श्री नील रतन पटेल के सहज स्वभाव एवं समय के अन्तर्गत अपने विषय को रखने के बारे में उनकी कार्यपद्वति को सराहा। श्री ओम प्रकाश राजभर के मधुर मुस्कान एवं प्रभावकारी ढंग से मुद्द्ों को उठाने के प्रति प्रशंसा भाव व्यक्त किया।
  अध्यक्ष ने संसदीय कार्य मंत्री, सुरेश कुमार खन्ना द्वारा विपक्ष से उठाये गये 56, 51, 301 सहित अनेक प्रकार की सूचनाओं और बिलों के पारण की बहसों पर उत्तर देकर अपना महत्वपूर्ण योगदान करने के लिए भूरि-भूरि प्रशंसा की। मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों को सरकार की ओर से विशेष प्रकार के प्रश्नों और वाद-विवाद के मामलें में सदन के सदस्यों को अपने उत्तर से संतुष्ट किया। इसके लिए भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
  अध्यक्ष ने विधाान सभा के प्रमुख सचिव, प्रदीप कुमार दुबे एवं सभी विधान सभा/शासन के अधिकारियों/कर्मियों को सदन संचालन में सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।