आरोग्य मेलों के व्यापक प्रचार-प्रसार
मुख्यमंत्री ने वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.

यह मेले समाज के गरीबों, वंचितों और अंतिम पायदान के लोगों के लिए लगाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें चिकित्सा से सम्बन्धित परामर्श, इलाज तथा दवाएं फौरन उपलब्ध करायी जा सकें.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से सम्बन्धित केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ गरीबों और वंचितों को हर हाल में मिलना चाहिए.

प्रत्येक रविवार को आयोजित किए जाने वाले आरोग्य मेले की विस्तृत रिपोर्ट शासन को हर हाल में मेले दिवस की शाम 06 बजे तक उपलब्ध करायी.

भविष्य में आरोग्य मेलों से पोषण मिशन कार्यक्रम, स्कूल चलो अभियान, संचारी रोगों की रोकथाम से सम्बन्धित अभियान को भी जोड़ा जाएगा.आरोग्य मेलों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सूचना विभाग का सहयोग लिया जाए.

मुख्यमंत्री ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 

गोल्डन कार्ड के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए.


 


    लखनऊ 08 फरवरी,
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास से वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग कर प्रदेश के सभी जनपदों के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के सी0एच0सी0 तथा पी0एच0सी0 में आयोजित किए जा रहे मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों के सम्बन्ध में जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्साधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा 02 फरवरी, 2020 को आयोजित प्रथम मेले की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यह मेले समाज के गरीबों, वंचितों और अंतिम पायदान के लोगों के लिए लगाए जा रहे हैं, ताकि उन्हें चिकित्सा से सम्बन्धित परामर्श, इलाज तथा दवाएं फौरन उपलब्ध करायी जा सकें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पर्याप्त जानकारी और इलाज के अभाव में गरीब लोग बीमारी से लम्बे समय तक ग्रस्त रहते हैं। वे इलाज के गैर परम्परागत तरीके भी अपनाते हैं, जिससे उन्हें कोई राहत नहीं मिलती है। उन्होंने आरोग्य मेलों में इलाज के लिए आने वाले लोगों को रोग के सम्बन्ध में जानकारी देने, उनका सही इलाज करने और गम्भीर रोग की अवस्था में उन्हें जिला अस्पताल रिफर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गम्भीर रोगियों की जांच और इलाज सुनिश्चित किया जाए। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से सम्बन्धित केन्द्र तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ गरीबों और वंचितों को हर हाल में मिलना चाहिए। उन्होंने आरोग्य मेलों में आने वाले सामान्य रोगियों को आवश्यकतानुसार तीन से पांच दिन की दवाएं उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने जिलाधिकारियों तथा मुख्य चिकित्साधिकारियों को मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक रविवार को आयोजित किए जाने वाले आरोग्य मेले की रिपोर्ट, जिसमें मरीजों की संख्या, रोग का प्रकार, मरीज को क्या इलाज दिया गया, कितने दिन की दवा दी गई इत्यादि के सम्बन्ध में विस्तृत रिपोर्ट शासन को हर हाल में मेले दिवस की शाम 06 बजे तक उपलब्ध करायी जाए। इसे चिकित्सा विभाग के पोर्टल पर भी अपलोड किया जाए। यह आरोग्य मेले अगले 02 वर्ष तक आयोजित किए जाएंगे। भविष्य में आरोग्य मेलों से पोषण मिशन कार्यक्रम, स्कूल चलो अभियान, संचारी रोगों की रोकथाम से सम्बन्धित अभियान को भी जोड़ा जाएगा।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आरोग्य मेलों के व्यापक प्रचार-प्रसार में सूचना विभाग का सहयोग लिया जाए। जनपदों में सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 सहित अन्य प्रमुख स्थलों पर आरोग्य मेलों तथा इसमें उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सीय सुविधाओं की जानकारी होर्डिंग के माध्यम से लोगों को उपलब्ध करायी जाए। बड़े पैमाने पर हैण्डबिल इत्यादि के माध्यम से आरोग्य मेलों के सम्बन्ध में जन-जागरूकता लायी जाए। प्रत्येक आरोग्य मेले की रिपोर्ट सूचना विभाग को प्रचार-प्रसार के लिए उपलब्ध करायी जाए, ताकि मीडिया के माध्यम से आरोग्य मेलों में उपलब्ध करायी जा रही चिकित्सीय सुविधाओं इत्यादि के विषय में व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव नहीं है। आवश्यकता इस बात की है कि गरीबों को इसकी सही जानकारी पहुंचे। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रचार-प्रसार मद की धनराशि का उपयोग इस कार्य के लिए करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 स्तर की रोजाना की गतिविधियां सी0एम0ओ0 और फिर शासन को रोज की रोज उपलब्ध करायी जाएं। जानकारी हर हाल में फीड करायी जाए। उन्होंने विभिन्न गम्भीर रोगियों की जानकारी सी0एच0सी0, पी0एच0सी0 स्तर पर रखने के निर्देश दिए, ताकि ऐसे रोगियों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की प्रगति की माॅनीटरिंग भी की जा सके।
मुख्यमंत्री जी ने आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत गोल्डन कार्ड के वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने इस योजना से छूटे रोगियों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से आच्छादित करने के निर्देश दिए। आयुष्मान भारत के तहत कार्ड वितरण में हर हाल में तेजी लायी जाए। उन्होंने गोल्डन कार्ड वितरण में खराब स्थिति वाले 10 जनपदों के मुख्य चिकित्साधिकारियों को शोकाॅज़ नोटिस भेजने के भी निर्देश दिए। उन्होंने इस विषय में सम्बन्धित जिलाधिकारियों से भी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने के अंदर गोल्डन कार्ड की अर्हता रखने वाले परिवारों के कार्ड हर हाल में बनाकर निर्गत कर दिए जाएं। उन्होंने जनपद स्तर पर आरोग्य मेलों से आंगनबाड़ी और आशा वर्कर्स को जोड़ते हुए इनका सहयोग लेने के भी निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि रोगों का सीधा सम्बन्ध स्वच्छता से होता है। अतः ग्राम, ब्लाॅक, तहसील तथा जनपद स्तर पर स्वच्छता पर विशेष बल दिया जाए। हर हाल में स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और स्वच्छता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्वच्छता सुनिश्चित करने में उपलब्ध सफाई कर्मियों की सेवाएं लेने के निर्देश दिए। उन्होंने मच्छरों से फैलने वाले रोगों की रोकथाम के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर अभी से छिड़काव सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, यदि डेªनेज का पानी सड़क पर फैले तो सम्बन्धित विभाग के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री जय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना श्री अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा डाॅ0 रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव आयुष विभाग डाॅ0 प्रशान्त त्रिवेदी, प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण श्री देवेश चतुर्वेदी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।