असंगठित क्षेत्र के मजदूरों व पटरी दुकानदारों पर सरकार मेहरबान, मिलेगी तीन हजार प्रतिमाह पेंशन

         लखनऊ 26 फरवरी, योजनाओं के सफल क्रियान्वयन एवं संचालन हेतु मुख्य विकास अधिकारी मनीष बंसल की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित सभागार कक्ष में योजना के लिए गठित कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक सम्पन्न हुयी।







      आर0एम0 तिवारी, सहायक श्रमायुक्त, लखनऊ द्वारा उक्त योजनाओं के अन्तर्गत अब तक हुयी प्रगति की विस्तार से जानकारी दी गयी। बैठक में उपस्थित नगर निगम के जोनल अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा फटकार लगाते हुए निर्देशित किया गया कि उनके द्वारा अभी तक एक भी वेण्डर का पंजीयन एन0पी0एस0 टेªडर्स के अन्तर्गत नहीं कराया गया है जो कि अत्यन्त खेद का विषय है। यह भी निर्देश दिये गयें कि शीघ्र ही कैम्प लगाकर जनसुविधा केन्द्रों के माध्यम से मौके पर ही वेण्डरों का एन0पी0एस0 टेªडर्स के अन्तर्गत पंजीयन कराया जाये तथा उसकी रिपोर्ट दूरभाष के माध्यम से प्रत्येक कार्यदिवस को उनको उपलब्ध करायी जाये।
        अब सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों जैसे रिक्शा चालक, फेरीवाला, मिड डे मिल कामगार, बोझ उठाने वाले कामगार, ईंट भट्ठा कामगार, मोची, कूड़ा बीनने वाले, घरेलू कामगार, धोबी, खेतिहर कामगार, चमड़ा कामगार, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, मनरेगा श्रमिक इत्यादि को पेंशन देने जा रही है। असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा अधिनियम 2008 के अन्तर्गत सरकार श्रमिकों के लिए ‘‘प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना’’ व छोटे खुदरा, पटरी, रेहड़ी व्यापारियों के लिए ‘‘नेशनल पेंशन योजना (एन0पी0एस0 टेªडर्स)’’ चला रही है जो एक अंशदायी पेंशन योजना है जिसमें 18-40 आयुवर्ग के श्रमिकों व व्यापारियों को आच्छादित किया गया है। योजना में रू0-55/- से लेकर रू0-200/- मासिक अंशदान (आयु के अनुसार) करने पर उन्हें 60 वर्ष की आयु पूर्ण करने के पश्चात रू0-3000/- प्रतिमाह गारंटीड पेंशन सरकार प्रदान करेगी।
      योजनान्तर्गत उपायुक्त मनरेगा के कार्य पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी महोदय ने निर्देशित किया कि रोजगार सेवकों के माध्यम से सभी पात्र मनरेगा श्रमिकों का प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत पंजीयन कराना सुनिश्चित किया जाये। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा बताया गया कि उनके यहाॅ कुल 1800 रसोईयें कार्यरत हैं जिनमें से 18 से 40 आयुवर्ग के कुल 540 रसोईयें हैं। इस पर मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा यह निर्देश दिये गयें कि एक सप्ताह के अन्दर पात्र सभी रसोईयों का प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत पंजीयन कराते हुए प्रमाण-पत्र सहित उनको सूची उपलब्ध करायी जाये। चिकित्सा विभाग के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि उनके यहाॅं कुल 1414 आशा वर्कर कार्यरत हैं जिनमें से 1000 से ज्यादा पंजीकृत किये गये हैं। उनके द्वारा यह आश्वासन दिया गया कि शेष आशा वर्करों का दिनांक 01.03.2020 तक पंजीयन कराकर सूची मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध करा दी जायेगी। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा यह भी निर्देश दिया गया कि चिकित्सा विभाग में हजारों की संख्या में कर्मचारी संविदा पर कार्यरत हैं, उनको भी प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अन्तर्गत पंजीकृत कराने की कार्यवाही की जाये। मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा जिला प्रोवेशन अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी की अनुपस्थिति को अत्यंत गम्भीरता से लेते हुए भविष्य में उक्त की पुनरावृत्ति न होने हेतु उन्हें चेतावनी जारी की गयी। उनके द्वारा यह भी निर्देश दिये गयें कि अन्य विभागों के अधिकारियों का भी कार्य यदि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना एवं एन0पी0एस0 टेªडर्स के अन्तर्गत संतोषजनक नहीं पाया जायेगा तो उनका वेतन रोकने तथा उनके विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही प्रचलित करने की कार्यवाही की जायेगी।
    व्यापारिक संगठनों की मांग पर मुख्य विकास अधिकारी ने आगामी तिथियों 02.03.2020 एवं 05.03.2020 को जनपद के विभिन्न बाजारों में बैठक कर व्यापारियों को इस योजना के बारे में जानकारी देने तथा उनके पंजीयन हेतु कैम्प आयोजित करने के निर्देश दिये गयें।उन्होंने बताया कि मुख्य विकास अधिकारी महोदय द्वारा बैठक में उपस्थित श्रम प्रवर्तन अधिकारियों को अपना सी0यू0जी0 नं0 नोट कराते हुए यह निर्देशित किया गया कि प्रत्येक कार्यदिवस वह जहाॅं भी कैम्प लगाकर पंजीयन की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे, उसकी फोटो सहित सूचना निरन्तर 15 दिनों तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। जिस श्रम प्रवर्तन अधिकारी द्वारा सूचना उपलब्ध नहीं करायी जायेगी उसके विरूद्ध कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी साथ ही योजना के सफल क्रियान्वयन में रूचि न लेने व अपेक्षित प्रगति न होने के कारण बैठक में उपस्थित सहायक श्रमायुक्त श्री आर0एम0 तिवारी को निर्देशित किया कि 15 दिन तक माह फरवरी, 2020 का सभी श्रम प्रवर्तन अधिकारियों का वेतन आहरित नहीं किया जायेगा साथ ही यह भी अवगत कराया गया कि उक्त योजनाओं के अन्तर्गत कृत कार्यों एवं प्रगति की समीक्षा हेतु जिलाधिकारी, लखनऊ की अध्यक्षता में आहूत आगामी बैठक दिनांक 29.02.2020 में पुनः प्रगति की समीक्षा की जाये।बैठक में उपायुक्त मनरेगा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, खण्ड विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, बी0के0 राय, अपर श्रमायुक्त, आर0एम0 तिवारी, सहायक श्रमायुक्त, श्रम प्रवर्तन अधिकारीगण जनपद लखनऊ सहित व्यापार मण्डल के पदाधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।