अयोध्या में तीन दिवसीय “लोक में राम” लोक कलाओं का उत्सव

संस्कार भारती विगत 38 वर्षों से भारतीय कला, साहित्य एवम संस्कृति के संरक्षण और
संवर्धन में लगी हुई है। भगवान श्री राम लोकमानस के चित्त में किस तरह प्रतिष्ठित हैं, इसका
अद्भुत दर्शन भारत की लोक कलाओं में दिखता है। राम एक ऐसा सूत्र है जो सबको बांध कर
रखत हैं। इसी विषय को ध्यान में रखते हुए संस्कार भारती, अयोध्या शोध संस्थान एवं अवध
विश्वविद्यालय के संयुक्त प्रयास से "लोक में राम" इस विषय पर तीन दिवसीय रामायण कॉन्क्लेव
का आयोजन मार्च के प्रथम सप्ताह में होने जा रहा है।
इस उत्सव में राम के समूचे जीवन में लोक और लोक जीवन में राम के प्रभाव पर अनेक
विषयों पर चर्चा सत्र होंगे एवं साथ ही देश एवं विदेश की लोक कलाओं में राम की उपस्थिति के
से जुड़े प्रदर्शन होंगे।
हमारा प्रयास है कि भारत वर्ष के अधिकतम युवा इस सम्मेलन में भाग ले सकें एवं
भगवान राम के जीवन मूल्यों के आदर्श को ग्रहण कर जीवन में उतार सकें। कुछ विश्वविद्यालयों
के शोध छात्र भी इस आयोजन में भाग लेने के लिए अयोध्या पहुँच रहे हैं।
इस विराट कार्यक्रम का उद्घाटन श्री राम मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख महंत नृत्य गोपाल दास जी.
सचिव श्री चम्पतराय जी, गोवा की पूर्व राज्यपाल - श्रीमती मृदुला सिन्हा जी वरिष्ठ साहित्यकार
श्री नरेन्द्र कोहली, पदम् श्री जैसे अनेक गणमान्य महानुभाव उपस्थित रहने वाले हैं। समापन
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल - श्रीमती आनंदी बेन पटेल जी की रहने की पूर्ण
सम्भावना है।
तीन दिनों की परिचर्चा में डॉ. कुमार विश्वास, डॉ. मौली कौशल, डॉ. अनुराधा गोयल, श्री
राम परिहार, श्री योगेश प्रवीण, पदमश्री, डॉ. विद्याबिंदु सिंह, श्रीमती मृदुला सिन्हा जी, श्री नरेन्द्र
कोहली, पदम् श्री, शुभ्रस्था, श्री वसंत निर्गुने, डॉ. स्वर्ण अनिल जैसे विद्वान चिन्तक लोक में राम
के विभिन्न स्वरूपों पर चर्चा करेंगे।
परिचर्चा के साथ ही साथ देश भर के कलाकार अपनी अपनी ऐसी प्रस्तुतियां लेकर आ रहे
हैं, जो पूरी तरह से राम के जीवन पर आधारित हैं। राजा राम से लेकर वनवासी राम तक, राम के
जीवन के अनेक रूप एवं संस्कार इन प्रदर्शनों में देखने को मिलेंगेl बंगाल से छाऊ, कर्नाटक से
यक्षगान, राजस्थान से कांवड़, आँध्र प्रदेश से कठपुतली रामायण, बुन्देली रामायण, आसाम से
मुखोभाबना जैसे अनेक कार्यक्रम लगभग 200 कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देने वाले हैं।
इस अवसर पर ललित कला एकेडमी, दिल्ली द्वारा 5 दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का
आयोजन भी होने जा रहा है, जिसमे देश भर के 20 प्रतिष्ठित चित्रकार भाग लेंगे।