ग्राउण्ड ब्रेक्रिंग सेरेमनी के माध्यम से आये निवेशकों की समस्याओं का नियमानुसार निस्तारण प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराया जाये: मुख्य सचिव


    पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर माह नवम्बर-दिसम्बर में ट्रायल के तौर पर मुख्य कैरिजवे पर हल्के वाहनों का यातायात प्रारम्भ कराने हेतु निर्धारित माइल स्टोन के अनुसार कार्यों में तेजी लायी जाये,मुख्य सचिव ने प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग ग्रुप की बैठक कर महत्वपूर्ण परियोजनाओं समीक्षा की।

      लखनऊ 11 फरवरी, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने निर्देश दिये हैं कि ग्राउण्ड ब्रेक्रिंग सेरेमनी के माध्यम से आये निवेशकों की समस्याओं का नियमानुसार निस्तारण प्राथमिकता पर सुनिश्चित कराया जाये। उद्यमियों की समस्याओं के निस्तारण हेतु उनके साथ बैठकें भी आयोजित की जाये तथा उनका फीडबैक भी प्राप्त किया जाये। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर माह नवम्बर-दिसम्बर में ट्रायल के तौर पर मुख्य कैरिजवे पर हल्के वाहनों का यातायात प्रारम्भ कराने हेतु निर्धारित माइल स्टोन के अनुसार कार्यों में तेजी लायी जाये।
        मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में प्रोजेक्ट माॅनीटरिंग ग्रुप की बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में मानक एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने इलेक्ट्रिक व्हीकिल हेतु चार्जिंग स्टेशन बनाये जाने हेतु नियमानुसार आवश्यक कार्यवाहियां प्राथमिकता पर सुनिश्चित करायी जाये।मुख्य सचिव ने ट्रांस गंगा परियोजना, औरेया प्लास्टिक सिटी, सरस्वती हाईटेक सिटी, दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर, अमृतसर-दिल्ली-कोलकाता इण्डस्ट्रियल काॅरिडोर की भी समीक्षा की। उन्होंने सरस्वती हाईटैक सिटी जनपद-प्रयागराज एवं ट्रांस गंगा सिटी-उन्नाव के कार्यों की भौतिक प्रगति की समीक्षा करते हुये निर्देश दिये कि अवस्थापना सुविधाओं-पार्क, लैण्डस्केपिंग, हार्टिकल्चर एवं एस0टी0पी0 आदि से सम्बन्धित कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण कराने हेतु कार्यों में प्रगति लायी जाये।बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त  आलोक टण्डन, मुख्य कार्यपालक अधिकारी यूपीडा अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, प्रमुख सचिव आवास दीपक कुमार, सचिव मुख्यमंत्री  आलोक कुमार, सचिव वित्त  भुवनेश कुमार सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।