खेलो लखनऊ-2020 के अन्तर्गत ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत, विकास खण्ड एवं जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता प्रारम्भ


       लखनऊ 10 फरवरी , जिला विकास अधिकारी लखनऊ श्री डी0 के0 दोहरे ने बताया कि ‘खेलो लखनऊ‘ के अन्तर्गत बालक/बालिकाओं की ग्राम पंचायत, न्याय पंचायत, विकास खण्ड एवं जनपद स्तर की ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिताओं के आयोजन हेतु आन लाइन पंजीकरण वेबसाइट www.khelolucknow.in  पर चल रहा है। प्रतियोगिताओं का आयोजन प्रथम चरण में 23 फरवरी 2020 को ग्राम पंचायत स्तर पर विकास खण्ड-मोहनलालगंज एवं बी0के0टी0 में, 24 फरवरी 2020 को विकास खण्ड-सरोजनीनगर एवं मलिहाबाद में, 26 फरवरी 2020 को विकास खण्ड-गोसाईगंज एवं चिनहट में तथा 27 फरवरी 2020 को विकास खण्ड-माल एवं काकोरी में किया जायेगा।
       उन्होंने बताया कि द्वितीय चरण में न्याय पंचायत स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन 29 फरवरी 2020 विकास खण्ड-मोहनलालगंज, बी0के0टी0, सरोजनीनगर एवं मलिहाबाद में तथा 02 फरवरी 2020 विकास खण्ड-गोसाईगंज, चिनहट, माल एवं काकोरी में को किया जायेगा। उन्होंने बताया कि तृतीय चरण में 04 फरवरी 2020 विकास खण्ड स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन विकास खण्ड-मोहनलालगंज, बी0के0टी0, सरोजनीनगर एवं मलिहाबाद में तथा विकास खण्ड-गोसाईगंज, चिनहट, माल एवं काकोरी में 06 मार्च 2020 को किया जायेगा।उन्होंने बताया कि चतुर्थ चरण में जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं का आयोजन 14 मार्च, 2020 को स्थानीय चैक स्टेडियम में प्रस्तावित है, उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता दो आयु वर्ग क्रमशः 10 से 16 वर्ष तक जूनियर एवं 17 से 30 वर्ष आयु सीनियर में बालक/बालिका वर्ग में आयोजित की जा रही हैं। प्रतियोगिता में ग्राम पंचायत स्तर, न्याय पंचायत स्तर, विकास खण्ड स्तर एवं जनपद स्तर पर प्रतियोगिताओं का आयोजन निम्न विधाओं में कराया जा जायेगा-कबड्डी, खो-खो, वालीबाल एवं रस्साकशी तथा एथलेटिक्स में 100, 400 मीटर दौड़ तथा लम्बीकूद।
      उन्होंने बताया कि प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग हेतु पंजीकरण चल रहा है जिसमें लगभग 12 हजार से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है। पंजीकरण दिनांक-20.02.2020 तक चलेगा। प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने हेतु जनपद लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्र के युवा जो उपर्युक्त आयु वर्ग में आते हों वे www.khelolucknow.in पर जाकर पंजीकरण कराते हुए ग्राम पंचायत स्तरीय प्रतियोगिताओं में अधिक से अधिक संख्या में प्रतिभाग कर सकते हैं।
      महिला एंव बाल विकास विभाग उ0प्र0 एवं यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से देखरेख व संरक्षण की स्थितियों में प्राप्त बच्चों हेतु गैर संस्थागत देखभाल (नाॅन इंन्सटिटूशनल आलटरनेटिव केयर) पर दो दिवसीय मंडल स्तरीय अभिमुखिकरण कार्यशाला का शुभारम्भ
     मण्डलायुक्त  मुकेश मेश्राम की अध्यक्षता में होटल आरिफ कैसल, लखनऊ में महिला एंव बाल  विकास विभाग उ0प्र0 एवं यूनिसेफ के संयुक्त सहयोग से देखरेख व संरक्षण की स्थितियों में प्राप्त बच्चों हेतु गैर संस्थागत देखभाल (नाॅन इंन्सटिटूशनल आलटरनेटिव केयर) पर मंडल स्तरीय अभिमुखिकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। मण्डलायुक्त ने कहा कि  आज की कार्यशाला का मुख्य उद्धेश्य गैर संस्थागत देखरेख को बढावा देने, बाल संरक्षण को सुदृढ करना तथा बाल देखरेख संस्थाओं में न्यूनतम मापदंड सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि लखनऊ मंडल के सभी 6 जनपदों के प्रतिनिधियों हेतु यह कार्यशाला 2 दिवस तक जारी रहेगी।
मंडलायुक्त ने कार्यशाला के दौरान कहा कि बच्चे बहुत अबोध होते हैं उनकी बेहतरी के लिये हमें संवेदनशील होना होगा। कई बार उचित देखरेख व संरक्षण के अभाव में किशोर/बच्चे विपरीत परिस्थितियों में फंस जाते है। बच्चों की देखरेख व संरक्षण एवं उसका भविष्य सुरक्षित रखने में राज्य सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंनें कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं में ध्यानपूर्वक प्रतिभाग करते हुये इनमें प्राप्त जानकारियों को लागू करने के लिये हम सब प्रतिबद्ध है।
कार्यशाला में अनु सिंह उप निदेशक मुख्यालय, महिला कल्याण निदेशालय, उप निदेशक लखनऊ मंडल सर्वेेश कुमार पाण्डेय, जिला प्रोबेशन अधिकारी लखनऊ तथा सीतापुर राज्य सलाहकार-महिला एंव बाल विकास विभाग, मंडल तकनीकी रिसोर्स पर्सन, यूनिसेफ मंडल स्थित जनपदों की बाल कल्याण समितियांॅ, किशोर न्याय बोर्ड, जिला बाल संरक्षण ईकाई, आश्रय गृहों, चाइल्ड लाइन, तथा स्वंयसेवी सगठनों के लगभग 50 प्रतिनिधि शामिल रहे।
कार्यशाला में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख व संरक्षण) अधिनियम 2015 के अंर्तगत गैर संस्थागत देखभाल (नाॅन इंन्सटिटूशनल आलटरनेटिव केयर) हेतु दिये गये प्रावधानों जैसे स्पांसरशिप, एडाॅप्शन, फोस्टर केयर, पाश्चातवर्ती देखरेख तथा बाल देखरेख संस्थाओं में न्यूनतम मापदंड के बारे में सेन्टर आॅफ एकसेलेंस इन आलटरनेटिव केयर-नई दिल्ली की प्रबन्ध निदेशक वसुंधरा व पे्ररणा-मुम्बई की कशीना करीम, द्वारा रिसोर्स पर्सन के रूप में विस्तार से चर्चा व गतिविधियों के माध्यम से प्रतिभागियों का अभिमुखिकरण किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को भारत सरकार द्वारा उक्त विषयों पर किये गये प्रावधानों से अवगत कराते हुये कहा कि हमें संस्थाओं में बच्चों को भेजने से पहले यह सुनिश्चित कर लेना चाहिये कि उनके लिये स्पांसरशिप, एडाॅप्शन, फोस्टर केयर तथा पाश्चातवर्ती देखरेख के जैसे विकल्पों को एक्सप्लोर कर लिया गया है।
स्पांसरशिपः निराश्रित, बाल श्रम तथा विपरीत परिस्थितियों में प्राप्त बच्चों को प्रतिमाह 2000 रू स्पाॅसरशिप का प्रावधान।
एडाॅप्शनः 0 से 18 वर्ष आयु के बच्चों को CARA के माध्यम से गोद देने का प्रावधान। इच्छुक व्यक्ति CARINGS वेबसाइट http://carings.nic.in पर आवेदन कर सकते हैं।
फोस्टर केयरः बच्चों के पालन पोषण हेतु सक्षम व इच्छुक परिवारों को अस्थायी पालन पोषण तथा संरक्षण में दिया जा सकता है।पाश्चातवर्ती देखरेखः 18 वर्ष आयु के बाद भी बच्चों के आत्मनिर्भर होने तक राज्य सरकार द्वारा की जाती है मदद।