नहीं बिगड़ने देंगे ,अयोध्या का सौहार्दपूर्ण माहौल : इकबाल अंसारी


       बाबरी ढांचें के मलवे पर मुस्लिम पक्षकार आमने सामने,बाबरी मस्जिद पक्षकार इकबाल अंसारी ने कहा अब किसी मलबे की जरूरत नहीं.  
    अयोध्या, राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम जन्मभूमि परिसर में विध्वंस विवादित ढांचे के मलवे को लेकर अयोध्या में नया विवाद खड़ा होता दिखाई दे रहा है। जिसको लेकर सुन्नी वक्फ बोर्ड के मेंबर जफर जिलानी ने विवादित ढांचे के मलबे बाबरी मस्जिद की अमानत बताया है। जिसको लेकर जल्द ही कोर्ट में याचिका दायर करेंगे । वहीं बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने मलबे को लेकर साफ इंकार कर दिया है।
       बाबरी पक्षकार हाजी महबूब ने भी बाबरी मस्जिद के मलबे की मांग की है इनके मुताबिक बाबरी मस्जिद का मलबा पवित्र है इसे किसी भी प्रकार से अपमानित ना किया जा सके इसलिए मंदिर निर्माण से पहले इस मलबे को सुरक्षित किसी उचित स्थान पर रखा जाएगा इसके लिए जल्द ही कोर्ट से भी अपील की जाएगी। वही बताया कि बाबरी मस्जिद विध्वंस के दौरान कई अन्य सामान भी रखे हुए थे उन्हें भी मुस्लिम समुदाय को सुपुर्द किया जाए।
      वहीं बाबरी पक्षकार इकबाल अंसारी ने साफ कर दिया है कि मंदिर मस्जिद विवाद समाप्त हो गया है अब किसी मलबे की आवश्यकता नही है। उनके मुताबिक अब कोई इस प्रकार का कार्य नहीं किया जाए कि जिससे अयोध्या का सौहार्दपूर्ण माहौल बिगड़े। और उस स्थान पर जल्द से जल्द मंदिर का निर्माण हो यही चाहते हैं। वहीं सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार अयोध्या में 5 एकड़ भूमि दिया जाए। वहीं रौनाही के धन्नीपुर में जमीन दिए जाने को लेकर एतराज जताया है। उनके मुताबिक प्रदेश सरकार द्वारा अयोध्या की सीमा का विस्तार किया गया है जबकि अयोध्या विवाद कई वर्ष पूर्व से रहा उसी आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में जमीन दिए जाने की बात कही है इसलिए सरकार कोर्ट के आदेशों का पालन करें। जिस पर हम अस्पताल व स्कूल के साथ एक हिंदुओं के नि:शुल्क सुविधा के लिए धर्मशाला बनाएंगे।