ओले एवं बारिश से गेहूँ व सरसों की फसलें बर्बाद

हवा के साथ 24  फरवरी की रात अचानक हुई बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। कई क्षेत्रों में तेज गरज-चमक के साथ मुसलधार बारिश हुई। कई स्‍थानों पर ओले भी पड़े हैं। इससे खेती-किसानी को नुकसान हुआ। गेहूं व सरसों की फसलेें खेतो में गिर गईंं। दलहनी फसलों को भी नुकसान हुआ है। सुबह खेत में गिरी फसल देख किसानों को काफी धक्‍का पहुंचा। रात भर रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के कारण क्षेत्र जिले की कई ग्रामीण सड़कों व बाजारों में जलजमाव हो गया है।


फसलों पर आफत की बारिश


संत कबीर नगर जिले में तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश फसलों के लिए आफत की बारिश साबित हुई है। किसानों की मानें तो, बे-मौसम हुई इस बारिश ने फसलों के पैदावार को बिगाड़ने का काम किया है। इस बारिश के फसलों की पैदावार पर बुरा असर पड़ेगा। इस कारण किसान चिंतित हैं। इन दिनों खेतों में गेंहूँ, चना, मटर, सरसों एवं गन्ना इत्यादि फसलें हैं। गेंहूँ में बालियां आ रही हैं तो चना, मटर और सरसों इत्यादि की फसलों में फूल और फल लगने शुरू हुए हैं। बरसात की वजह से इन फसलों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। कई खेतों में गेंहूँ की फसलों ने जमीन पकड़ ली। सरसों, चना, मटर आदि के पौधों में लगे फूल झड़ गए। तेज हवाओं के चलते गन्ने के पौधे भी झुक गए। इस वजह से इन फसलों की पैदावार पर बुरा असर पड़ने की आशंका को भी नकारा नहीं जा सकता। इसके साथ ही बारिश की वजह से क्षेत्रीय सड़कों पर हल्के जल- जमाव व कीचड़ की समस्या उतपन्न हो गई है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।


  मौसम में आए बदलाव ने फिर ठंडी का एहसास कराया। इससे जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। बारिश ने परीक्षार्थियों के साथ- साथ उनके अभिभावकों की भी समस्या बढ़ा दी है। सड़कों पर जरूरतमंद ही लोग निकल रहे हैं। बारिश ने बिजली को भी प्रभावित किया। कुशीनगर जिले में सुबह से बिजली न रहने से लोगों को घरों में पानी का संकट हो गया है। पानी के लिए लोग परेशान है। किसान भी इस बेमौसम बारिश से परेशान हैं। उनकी फसल बर्बाद हो गयी है।