फायदे वाली खेती का साल 2020

    गेहूं की बालियों से लबालब खेत किसान को हर्षित कर रहे हैं। वर्षों बाद खेती किसानी में गेहूं की पैदावार उम्मीद से ज्यादा उतरने की आशा रखी जाती है। इस साल पानी की मेहरबानी उपज को दो गुना कर गई। फायदे वाली खेती का साल 2020 माना जा सकता है। देशभर में इस साल गेहूं की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार बताई जा रही है। मालवा के गेहूं की क्वालिटी एक्स्ट्रा आई तो देशभर की मांग मालवा की मंडियों की ही रहेगी। भले ही गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र गेहूं उपज से भरे हुए हैं। मालवा के गेहूं की खासियत ही ग्राहकों को यहां का गेहूं खरीदने पर मजबूर करता है। नए जमाने के हिसाब से की जाने वाली खेती में वैज्ञानिक तरीका ज्यादा अपनाया जा रहा है। इसके परिणाम भी सुखद आने लगे हैं। मालवा में खासकर उज्जैन, शाजापुर, बड़नगर, रतलाम तरफ गेहूं की बेहतर स्थिति बताई जा रही है। मप्र की कृषि मंडियों में नई आवक की तैयारी शुरू कर दी गई। साफ-सफाई, पेयजल , बिजली, भोजनशाला, भुगतान, तोल नीलामी व्यवस्था जैसी सीजन की आवश्यकताओं को प्राथिमकता दी जा रही है।