प्रशिक्षण सेवा का अनिवार्य अंग है: आराधना शुक्ला

प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला नेकिया 05 दिवसीय शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का उद्घाटन।प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित सन्दर्भदाता अपने जनपद के शिक्षकों को देंगे प्रशिक्षण।प्रमुख सचिव ने आगामी सत्र से शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना विकसित करने के दिए निर्देश।



 बच्चों को इस प्रकार से शिक्षण दिया जाए कि बच्चों को पाठ्यक्रम को समझने में किसी प्रकार की कोई हिचक न हो।
     - आराधना शुक्ला


बच्चों को शिक्षा के प्रति संवेदनशील करना होगा, जिससे वह स्वयं शिक्षण के प्रति आकृष्ट हों -डा0 हृृषिकेश सेनापति


लखनऊ, दिनांक 10 फरवरी,  प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला ने आज यहां साक्षारता निकेतन कृष्णा नगर, कानपुर रोड, लखनऊ में माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता के संवर्द्धन हेतु विज्ञान विषय में 05 दिवसीय सन्दर्भदाता शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन  किया।  
    प्रमुख सचिव, माध्यमिक शिक्षा श्रीमती आराधना शुक्ला ने इस अवसर पर अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए एन0सी0ई0आर0टी0 पाठ्यक्रम की गुणवत्ता के सम्बन्ध में उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने उपस्थित प्रशिक्षणार्थियो से छात्रों की बेस लाइन तैयार कर छात्रों को गुणवत्ता परक शिक्षा उपलब्ध कराने पर बल दिया। उन्होंने कहा  कि एन0सी0ई0आर0टी0 द्वारा विकसित पाठ््यक्रम एवं पुस्तकों की महत्ता को पहचानना चाहिए तथा इस प्रकार से बच्चों को शिक्षण दिया जाए कि बच्चों को पाठ्यक्रम को समझने में किसी प्रकार की कोई हिचक न हो। उन्होंने यह भी कि प्रशिक्षण सेवा का अनिवार्य अंग है। उन्होंने आगामी सत्र से शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण के लिए कार्ययोजना विकसित करने के लिए कहा। उन्होंने यह भी कहा कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लास विकसित करने के सम्बन्ध में विचार किया जा रहा है। उन्होंने एन0सी0ई0आर0टी0 के निदेशक से अनुरोध किया कि वे एक रिपोर्ट विकसित करें कि अभिभावकों के अनुसार एक आदर्श विद्यालय में क्या-क्या विशेषताएं होनी चाहिए।
     डा0 हृृषिकेश सेनापति, निदेशक, एन0सी0ई0आर0टी0, नई दिल्ली ने इस अवसर पर कहा कि गतिविधि आधारित शिक्षण को ध्यान में रखते हुए एन0सी0ई0आर0टी0 का पाठ्यक्रम तैयार किया गया है ताकि बच्चों के मन में व्याप्त डर को दूर कर उनके व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ कौशल का विकास भी हो सके। उन्होंने प्रशिक्षणार्थी शिक्षकों से छात्रों के शिक्षण का स्तर ऊंचा करने के लिए आह््वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को शिक्षा के प्रति संवेदनशील करना होगा, जिससे वह स्वयं शिक्षण के प्रति आकृष्ट हों। उन्होंने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के महत्व पर बल दिया तथा आह््वान किया कि शिक्षा के क्षेत्र में इसका उपयोग अधिक से अधिक किया जाना चाहिए।




     माध्यमिक शिक्षा विभाग, उ0प्र0 द्वारा साक्षरता निकेतन, कानपुर रोड, लखनऊ में आयोजित 05 दिवसीय (दिनांक 10 से 14 फरवरी, 2020 तक)  प्रशिक्षण कार्यक्रम में पूरे प्रदेश से राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान विषय के लगभग 140 शिक्षक मास्टर ट्रेनर के रूप में आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं तथा इन्हें एन0सी0ई0आर0टी0, नई दिल्ली के 10 कुशल प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
     प्रदेश सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा की गुणवत्ता के संवर्द्धन तथा विभिन्न प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रतिस्पर्धा के दृष्टिगत माध्यमिक शिक्षा में एन0सी0ई0आर0टी0 पाठ्यक्रम लागू किया गया है। नवीन पाठ्यक्रम के अनुरूप षिक्षकों की दक्षता संवर्द्धन हेतु प्रशिक्षण दिया जाना आवश्यक हो गया है।
    माध्यमिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की शैक्षिक गुणवत्ता सम्वर्द्धन हेतु यह निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक विषय के षिक्षक को एन0सी0ई0आर0टी0 पाठ्यक्रम के अनुसार प्रशिक्षित किया जाय।  प्रथम चरण में प्रत्येक जनपद से दो-दो विज्ञान अध्यापकों को संदर्भदाता के रूप में प्रशिक्षित किये जाने हेतु साक्षरता निकेतन, कानपुर रोड, लखनऊ में दिनांक 10 फरवरी, 2020 से 14 फरवरी 2020 तक एन0सी0ई0आर0टी0, नई दिल्ली के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिससे प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सामान्य जीवन में विज्ञान विषय के प्रति अभिरूचि उत्पन्न होगी तथा छात्रों में प्रतिस्पर्धा कौशल भी बढ़ेगा। एन0सी0ई0आर0टी0, नई दिल्ली द्वारा निःशुल्क प्रषिक्षण हेतु सहमति प्रदान की गई है।
   प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित सन्दर्भदाता अपने जनपद के शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। एन0सी0ई0आर0टी0 द्वारा तैयार प्रशिक्षण माड्यूल प्रत्येक प्रशिक्षणार्थी को उपलब्ध कराया जायेगा। विज्ञान को रोचक ढंग से पढ़ाया जा सके, इस हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान “आओ करके सीखे” की क्रिया विधि को भी अपनाया जाएगा। इससे शैक्षिक गुणवत्ता में अभिवृद्धि होगी, जिसका प्रत्यक्ष लाभ छात्र-छात्राओं को होगा।  
      प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) श्री विनय कुमार पाण्डेय, प्रो0 रंजना अरोड़ा, संयोजक, एन0सी0ई0आर0टी0, श्रीमती मधु जोशी, निदेशक, साक्षरता निकेतन सहित माध्यमिक शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित थे।