राम नाईक का अभूतपूर्व अभिनंदन

         


            - श्याम कुमार 


      राम नाईक ने उत्तर प्रदेश में राज्यपाल के रूप में अनेक कीर्तिमान स्थापित किए थे, किन्तु पूर्व-राज्यपाल के रूप में भी उनका एक कीर्तिमान यह बन गया कि लखनऊ में उनका जबरदस्त नागरिक-अभिनंदन हुआ। यहां प्रदेश के किसी भी राज्यपाल को ऐसा सुअवसर नहीं मिला था। उत्तर प्रदेश में अब तक अपार लोकप्रियता हासिल करने वाले तीन राज्यपाल हुए-डॉ. कन्हैयालाल माणिकलाल मुंषी, मोतीलाल वोरा एवं आचार्य विश्णुकांत शास्त्री । किन्तु उन्हें भी यह सौभाग्य नहीं मिला था कि उनका नागरिक-अभिनंदन होता। 


        उत्तर प्रदेश की 70वीं वर्शगांठ के उपलक्ष्य में ‘रंगभारती’(संस्थापित-1961) ने ‘उत्तर प्रदेष नागरिक  परिषद (संस्थापित-1975) के सहयोग से अपना 35वां उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह गत 15 फरवरी को लखनऊ विष्वविद्यालय के मालवीय सभागार में आयोजित किया, जिसमें पूर्व-राज्यपाल राम नाईक का जोरदार नागरिक-अभिनंदन हुआ तथा उन्हें राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र के करकमलों से ‘रंगभारती’ का सर्वाेच्च सम्मान ‘भारती तिलक’ समर्पित किया गया। समारोह की अध्यक्षता वरिश्ठ राजनेता डॉ. अम्मार रिजवी ने की। मंच पर विषिश्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेष सरकार के दो मंत्री- बृजेश पाठक व महेंद्र सिंह, सांसद रीता बहुगुणा जोशी , लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया एवं लखनऊ विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय मौजूद थे। समारोह में ये अनेक महत्वपूर्ण व्यक्ति भी उपस्थित थे-उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति वित्त विकास निगम के अध्यक्ष एवं डॉ. आम्बेडकर महासभा के अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, प्रसिद्ध मूर्तिकार अमरनाथ प्रजापति, लखनऊ विष्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सुरेंद्र प्रताप सिंह, महंत देव्यागिरि, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय प्रभारी भारत दीक्षित, भाजपा के वरिश्ठ नेता अशोक तिवारी, उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की अध्यक्ष प्रो. आसिफा जमानी, उत्तर प्रदेश जल निगम के अध्यक्ष गोपबंधु पटनायक आदि।     




       समारोह में राम नाईक का ऐतिहासिक नागरिक-अभिनंदन हुआ तथा उन्हें सम्मानित करने के लिए जनसमूह उमड़ पड़ा। जिस प्रकार मतदान-केंद्रों पर लम्बी लाइन लगती है, उसी प्रकार वहां सम्मानित करने वालों की लम्बी लाइन लग गई। 50 से अधिक संस्थाओं, संगठनों एवं प्रतिश्ठित नागरिकों ने राम नाईक को शॉल, स्मृतिचिन्ह, पुश्पगुच्छ आदि भेंट कर सम्मानित किया। सबसे पहले लखनऊ की महापौर संयुक्ता भाटिया ने लखनऊ नगर निगम एवं लखनऊ वासियों की ओर से राम नाईक जी का नागरिक-अभिनंदन किया। उस अवसर पर अध्यक्षता कर रहे डॉ. अम्मार रिजवी, मंत्री बृजेश पाठक, मंत्री महेंद्र सिंह, सांसद रीता बहुगुणा जोशी , महापौर संयुक्ता भाटिया, लखनऊ विष्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने राम नाईक के प्रति उद्गार व्यक्त किए और कहा कि वह अपने निष्छल एवं प्रेमपूर्ण व्यवहार से उत्तर प्रदेष के  जन-जन के हृदय में बस गए थे और इस प्रदेेश से उनका अभिन्न रिष्ता कायम हो गया। मुख्य अतिथि राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने राम नाईक की योग्यता एवं उनसे अपने बहुत पुराने सम्बंध की चर्चा की। 
       एक आगंतुक सज्जन ने टिप्पणी की कि राम नाईक में जरूर कोई सम्मोहन- शक्ति  है, जो वह इतने लोकप्रिय हुए। इस पर कई लोगों ने प्रतिक्रिया में कहा कि राम नाईक की सम्मोहन-शक्ति  उनका अहंकारविहीन, सरल एवं मिलनसार स्वभाव है, जिसके कारण उन्होंने राज्यपाल के रूप में प्रदेेश की जनता को पूरे अपनापन से गले लगाकर उसका दिल जीत लिया। वह बेहिचक प्रदेेशभर में अनगिनत छोटे-बड़े कार्यक्रमों में सम्मिलित होते रहे और सबसे मिलते रहे। इस प्रकार उन्होंने प्रदेेश वासियों के दिल में गहरी पैठ बना ली। उन्होंने राजभवन को भी फालतू बंधनों से मुक्त कर उसे सच्चे अर्थाें में ‘जनभवन’ बना दिया था। 




       राम नाईक को सम्मानित करने वालों का कुछ विवरण इस प्रकार हैः-नगर निगम की ओर से लखनऊ की प्रथम नागरिक एवं महापौर संयुक्ता भाटिया। अखिल भारतीय हेमवतीनंदन बहुगुणा स्मृति की ओर से अध्यक्ष एवं सांसद रीता बहुगुणा। ‘चरैवेति’ संस्था की ओर से डॉ. अम्मार रिजवी। भारतीय जनता पार्टी की ओर से प्रदेष-मुख्यालय के प्रभारी भारत दीक्षित। भारत रत्न बोधिसत्व बाबासाहब डॉ. भीमराव आम्बेडकर महासभा की ओर से अध्यक्ष डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल, महामंत्री मूर्तिकार अमरनाथ प्रजापति एवं रविषंकर हवेलकर। लखनऊ विष्वविद्यालय की ओर से कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय। डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष अब्दुल नासिर नसीर। छत्रपति षाहूजी महाराज स्मृति मंच की ओर से अध्यक्ष रामचंद्र पटेल। स्वच्छकार स्वाभिमान मंच की ओर से अध्यक्ष भग्गूलाल वाल्मीकि। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिशद की ओर से अध्यक्ष सर्वेष पाटिल। साक्षी फाउंडेषन की ओर से अध्यक्ष साक्षी विद्यार्थी। उत्तर प्रदेेश  वैष्य व्यापारी महासंघ की ओर से अध्यक्ष सत्यप्रकाष गुलहरे व महामंत्री केपी गुप्त। सिंधी समाज अकादमी की ओर से नानकचंद लखवानी। आदिवासी संघ की ओर से अध्यक्ष विनोद खरवार। भारतीय जनता पार्टी के वरिश्ठ नेता विंध्यवासिनी कुमार। एजाज रिजवी मेमोरियल सोसाइटी की ओर से आसिफ जमां। राइटर्स एंड जर्नलिस्ट एसोसिएषन की ओर से वरिश्ठ पत्रकार कैलाष वर्मा। अखिल भारतीय हिंदी पत्रकार संघ की ओर से प्रणय विक्रम सिंह। लखनऊ वर्किंग जर्नलिस्ट यूनियन की ओर से मंडल अध्यक्ष षिवषरण सिंह व संयुक्त सचिव श्रीधर अग्निहोत्री। मान्यताप्राप्त वरिश्ठ एवं स्वतंत्र पत्रकार संघ के महामंत्री दिलीप सिन्हा। हिंदुस्थान समाचार की ओर से वरिश्ठ पत्रकार पद्मनारायण द्विवेदी। मीडिया फोटोग्राफर्स क्लब की ओर से अध्यक्ष एसएम पारी, संरक्षक लालबहादुर सिंह, देवीदयाल अग्रवाल व मंजू श्रीवास्तव। नॉर्थ इंडिया जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएषन की ओर से एसएन लाल। डायमंडडेरी कॉलोनी कल्याण समिति की ओर से कार्यालय मंत्री षैलेश यादव। ख्वाजा मोइनुद्दीन चिष्ती उर्दू, अरबी-फारसी विष्वविद्यालय की ओर से कुलपति महमूद मिर्जा। एरा मेडिकल विष्वविद्यालय की ओर से एमएच रिजवी। मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमेनिटीज साइंस एंड टेक्नोलॉजी, सीतापुर की ओर से प्रधानाचार्य डॉ. जफर अब्बास। एफआई अस्पताल की ओर से डॉ. मोहसिन इकबाल। लखनऊ परफ्यूमर्स की ओर से प्रोप्राइटर मुजम्मिल। ऑलमाइटी मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज की ओर से चौधरी। यूर्थ हॉस्टल एसोसिएषन ऑफ इंडिया की ओर से पंकज श्रीवास्तव। साईं अन्न फाउण्डेषन की ओर से अध्यक्ष वीरेन्द्र सक्सेना। मसीहा सोसाइटी की ओर से डॉ. मसीउद्दीन। एहसास फाउंडेषन की ओर से मुहम्मद खालिद। ग्लोबल टैक्सपेयर्स ट्रस्ट की ओर से अध्यक्ष मनीश खेमका। बुद्धिजीवियों की प्रतिश्ठित संस्था ‘विचार मंच’ की ओर से संयोजक सर्वेष चंद्र द्विवेदी। लखनऊ व्यापार संघ की ओर से उपाध्यक्ष सतवीर सिंह राजू। वकील समुदाय की ओर से षंकरलाल एडवोकेट। अहबाब फाउण्डेषन की ओर से सचिव एसडी खालिद। अवधनामा की ओर से षकील। उर्दू राइटर फोरम की ओर से वकार रिजवी। इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन रिसोर्स, रिसर्च एंड डेवलपमेंट की ओर से सलमा खान। इनके अलावा अन्य अनेक लोगों ने भी राम नाईक को सम्मानित किया।