राष्ट्रीय आरोग्य निधि-15 लाख तक वित्तीय सहायता


      -अशोक कुमार सिंह



    केन्द्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य सहायता योजना आयुष्मान भारत के तहत अब लाभार्थियों को काफी फायदा होने वाला है। योजना के लाभार्थियों को राष्ट्रीय आरोग्य निधि ( RAN ) के तहत ऐसी बीमारियों के इलाज के लिए 15 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलेगी, जिनपर अधिक खर्च आता है और जो आयुष्मान भारत योजना में कवर नहीं होते हैं। इसके लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राष्ट्रीय आरोग्य निधि को लेकर संशोधित गाइडलाइंस भी जारी की हैं। इसके लिए सभी सरकारी अस्पतालों, सभी क्षेत्रीय कैंसर केंद्र, सभी राज्यों के स्वास्थ्य सचिवों, व्यय विभाग और बीमा कार्यक्रम लागू करने वाले शीर्ष संगठन राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) को पत्र जारी किया गया है ।


राष्ट्रीय आरोग्य निधि की योजना के तहत मिलेगा फायदा


संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार, ‘अगर चिकित्सा परामर्श के तहत सुझाया गया उपचार आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोगय योजना (AB-PMJAY) के किसी भी सूचीबद्ध पैकेज के तहत नहीं आता है, तो राष्ट्रीय आरोग्य निधि की योजना के तहत लाभार्थियों को 15 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता मिलेगी।


इन स्थितियों में मिलेगा लाभ


आगे कहा गया है कि जिन स्थिति में लाभार्थियों को संबंधित सरकारी अस्पतालों से प्रमाणित किया जाएगा, उनमें यह देखा जाएगा कि उनकी दशा आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोगय योजना (AB-PMJAY) के तहत कवर योग्य है या नहीं। पत्र में कहा गया है कि मरीज को आरएएन के तहत वित्तीय सहायता मुहैया कराने की अनुमति मिलनी चाहिए।


स्वास्थ्य मंत्रालय को दिया गया था सुझाव


इसके लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और एनएचए ने स्वास्थ्य मंत्रालय को पत्र लिखकर सुझाव दिया था। पत्र में मंत्रालय का ध्यान मरीजों के ऐसे मामलों की ओर दिलाया गया था, जिनको योजना के तहत इलाज से मना कर दिया गया क्योंकि रक्त कैंसर और लीवर से जुड़ी बीमारी दर्ज 1393 चिकित्सा पैकेज में नहीं आती हैं।


राष्ट्रीय आरोग्य ‌‌न‌िध‌ि के तहत सहायता के लिए पात्रता



  • सिर्फ गरीबी रेखा से नीचे जीवन-यापन करने वाले ऐसे व्यक्ति जो मानव जीवन के लिए घातक विशिष्ट बीमारियों से ग्रस्त हैं ।

  • राष्ट्रीय आरोग्य ‌‌न‌िध‌ि के तहत सहायता सिर्फ सरकारी अस्पताल में उपचार के लिए ही लागू।

  • केंद्रीय सरकार, राज्य सरकार या सार्वजन‌िक क्षेत्र के उपक्रमों (पीएसयू) के कर्मचारी पात्र नहीं हैं।

  • रोगी द्वारा पहले व्यय किये जा चुके चिकित्सा खर्च की प्रतिपूर्ति राष्ट्रीय आरोग्य ‌‌न‌िध‌ि के तहत अनुमन्य नहीं है।

  • सामान्य बीमारियों तथा उन बीमारियों के लिए, जो अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों/योजनाओं के तहत उपचार शुल्क मुक्त है, राष्ट्रीय आरोग्य ‌‌न‌िध‌ि के तहत अनुदान के लिए पात्र नहीं हैं।

  • अपने राज्य में उपचार करा रहे रोगी राज्य रोग सहायता निधि (जहां ऐसी निधि का गठन किया गया) से सहायता प्राप्त करेंगे, बशर्त चिकित्सा लागत 1.50 लाख रुपए से अधिक न हो।

  • 1.50 लाख रुपए से अधिक खर्च के मामले राज्यों द्वारा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राष्ट्रीय आरोग्य निधि (केंद्रीय निधि) से सहायता के लिए रेफर किए जाएंगे।


योजना के अंतर्गत शामिल रोगों की सूची


निधि से प्रदान किए जाने वाले उपचार की ब्यौरेवार सूची निम्नलिखित है, इस सूची की तकनीकी समिति द्वारा समय-समय पर समीक्षा की जाती है।