सम्मान पाकर अभिभूत हुए पूर्व सर्वमान्य राज्यपाल श्री राम नाईक जी

 



 (विशिष्ट उपलब्धियों के लिए हुआ सम्मान, सम्मानित प्रतिभागी)


  रंग भारती और उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद ने पूर्व राज्यपाल राम नाईक को भारतीय तिलक सम्मान से सम्मानित किया जाना था कार्यक्रम में सम्मान पाकर अभिभूत हुए पूर्व राज्यपाल पूर्व सर्वमान्य राज्यपाल श्री राम नाईक जी अभिभूत होकर कहने लगे कि सम्मान और पुरस्कार पाना सभी को अच्छा लगता है. आज लखनऊ में मेरी प्रशंसा में किए गए शब्दों से मैं यह नहीं समझ पा रहा था कि मैं कहीं स्वप्न तो नहीं देख रहा हूं. जब राजधानी के लखनऊ विश्वविद्यालय के मालवीय सभागार में भारतीय तिलक सम्मान दिया गया तो उन्होंने इन शब्दों में अपनी भावनाएं व्यक्त की.
   रंग भारती और उत्तर प्रदेश नागरिक परिषद की ओर से उत्तर प्रदेश के स्थापना दिवस के उपलक्ष में होने वाले आयोजन में पूर्व राज्यपाल राम नाईक समेत दस हस्तियों को सम्मानित किया गया. सम्मान समारोह कार्यक्रम में राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान थे. राजस्थान के राज्यपाल राम नाईक की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्होंने राजभवन के द्वार आम नागरिकों के लिए भी खोल दिए थे.  पूर्व राज्यपाल राम नाईक के सम्मान में अम्मार रिजवी श्री नाईक को  बेताज बादशाह की संज्ञा से नवाजा और वह यही नहीं रुके उन्होंने राज्यपाल श्री नाईक को हृदयपाल के नाम से भी पुकारा.



( पूर्व राज्यपाल राम नाईक का सम्मान करते राजू यादव,संपादक -निष्पक्ष दस्तक)


चरैवेति-चरैवेति संस्करण 2 के लिए श्री नाईक ने लोगों से संस्मरण भी मांगी
श्री नाईक ने कहा कि वह अपनी पुस्तक चरैवेति-चरैवेति के प्रथम संस्करण के बाद अब उत्तर प्रदेश में अपने 5 साल के कार्यकाल के संस्मरण ऊपर चरैवेति चरैवेति दो लिख रहे हैं इसके लिए उन्होंने आम लोगों से संस्करण देने को अपील की है श्री नाईक ने श्याम कुमार से पहली मुलाकात का जिक्र करते हुए बताया कि अन्य किसी संस्था या सरकार द्वारा यूपी का स्थापना दिवस ना मनाने की जानकारी होने पर उन्होंने प्रयास किया और अब यहां हर साल 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस समारोह उत्साह और सम्मान के साथ मनाया जा रहा है.



नागरिकता संशोधन कानून लागू करने से मना नहीं कर सकते राज्य... कलराज मिश्रा
 राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा कि देश में कुछ स्थानों पर इस समय नागदा संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन किया जा रहा है. कुछ राज्यों ने इस कानून को अपने यहां लागू ना करने की चर्चा भी कर रहे हैं लेकिन राज्य सरकारें ऐसा नहीं कर सकती क्योंकि उनके पास इसका अधिकार नहीं होता है केंद्र सरकार द्वारा पारित कानून को ना मानना संविधान की अवमानना करना है कलराज मिश्र ने संविधान में दिए गए नागरिकों के कर्तव्यों का पाठ किया तथा सभी को उन्हें दोहराने और पालन करने की अपील की. केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए कानून को लागू करने के लिए राज्य बाध्य होते हैं कुछ विषम परिस्थितियों में राज्य के सुझाव को मानते हुए केंद्र सरकार उसमें कुछ संशोधन जरूर कर सकता है.



विशिष्ट उपलब्धियों के लिए हुआ सम्मान-
नारी सशक्तिकरण के लिए अनारकली देवी रंग भारतीय सम्मान- अनीता सहगल
समाज सेवा के लिए धर्म किशोर रंग भारती सम्मान-  शशांक श्रीवास्तव
प्रशासनिक सेवा में डॉक्टर जनार्दन दत्त शुक्ला रंग भारती सम्मान-  रमेश चंद्र त्रिपाठी
पुलिस सेवा में विश्वनाथ लहरी रंग भारती सम्मान-  सुलखान सिंह पूर्व पुलिस महानिदेशक
गायन में जगजीत सिंह रंग भारती सम्मान - कमला श्रीवास्तव
चित्रकला में नंदलाल बोस रंग भारती सम्मान-  डॉ इंदु प्रकाश ऐरन
शास्त्रीय नृत्य में उदय शंकर रंग भारती सम्मान - पूर्णिमा पांडे
संस्कृत भाषा में कालिदास रंग भर्ती सम्मान  - ओम प्रकाश पांडे


     रगं भारती एवं उ.प्र. नागरिक परिषद द्वारा आयोजित "पूर्व राज्यपाल श्री राम नाईक का नागरिक _ अभिनंदन" कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल जी का स्वागत किया एवं राज्यपाल राजस्थान  कलराज मिश्र जी साथ में उ.प्र. सरकार के मंत्री  महेंद्र सिंह जी और बृजेश पाठक जी,सांसद रिता बहुगुणा जी, महापौर लखनऊ संयुक्ता भाटिया जी उपस्थित रहीं.