‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ प्रदेश के सभी जनपदों में चलाया जाये: मुख्य सचिव 



  • आगामी 01 मार्च को अभियान का शुभारम्भ मा0 मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों द्वारा कराया जाना प्रस्तावित, स्वास्थ्य विभाग सहित सम्बन्धित सभी विभाग समस्त आवश्यक तैयारियां समय करायें पूर्ण।

  • सभी विभाग विभिन्न गतिविधियों में सक्रीयता से भागीदारी सुनिश्चित कराकर अभियान को और अधिक सफल बनायें।

  • बेहतर समन्वय हेतु सम्बन्धित सभी विभाग अपने-अपने विभागों में नोडल अधिकारी नामित कर विभागीय स्तर पर भी माॅनीटरिंग सुनिश्चित करायें।

  • अभियान के दौरान क्रिटिकल एरिया/स्पाट को चिन्हित कर एक आॅनलाइन डाटाबेस तैयार कर रोकथाम की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये।

  • ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के बीच वाले तालाबों को अपशिष्ट तथा प्रदूषण मुक्त रखने की स्थाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।



     लखनऊ 25 फरवरी,उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव ने निर्देश दिये हैं कि ‘संचारी रोग नियंत्रण अभियान’ प्रदेश के सभी जनपदों में चलाया जाये। आगामी 01 मार्च को अभियान का शुभारम्भ मा0 मुख्यमंत्री जी के कर-कमलों द्वारा कराया जाना प्रस्तावित है, अतः स्वास्थ्य विभाग सहित सम्बन्धित सभी विभाग समस्त आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करा लें। संचारी रोग अभियान एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम है। इस अभियान को विशेष प्राथमिकता प्रदान कर नोडल विभाग स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ सम्बन्धित सभी विभाग विभिन्न गतिविधियों में सक्रीयता से भागीदारी सुनिश्चित कराते हुये इस अभियान को और अधिक सफल बनायें।
मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में संचारी रोग नियंत्रण अभियान के सम्बन्ध में आयोजित अन्तर्विभागीय बैठक में दिये। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान जनपदों में संचालित विभिन्न गतिविधियों की आॅनलाइन माॅनीटरिंग की भी व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने सम्बन्धित सभी विभागों को अभियान के दौरान जनपदों में आयोजित होने वाली गतिविधियों का निर्धारित प्रारूप पर माइक्रो-प्लान तैयार कर निर्धारित समय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिये। यह भी कहा कि इस अभियान में बेहतर समन्वय हेतु सम्बन्धित सभी विभाग अपने-अपने विभागों में नोडल अधिकारी नामित कर विभागीय स्तर पर भी माॅनीटरिंग सुनिश्चित करायें। उन्होंने यह भी कहा कि इस अभियान की मा0 मुख्यमंत्री जी द्वारा भी नियमित समीक्षा की जाती है। अतः सभी विभाग साप्ताहिक रिपोर्ट प्रत्येक सोमवार तक एवं अंतिम रिपोर्ट 04 अप्रैल तक राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।
       संचारी रोगों में उपचार से अधिक बचाव का महत्व है। व्यापक जनजागरूकता एवं जनसहभागिता से ही इस पर नियंत्रण प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान क्रिटिकल एरिया/स्पाट को चिन्हित कर एक आॅनलाइन डाटाबेस तैयार कर रोकथाम की कार्यवाही सुनिश्चित करायी जाये। यह भी कहा कि उथले हैण्डपम्पों का प्रयोग रोकने के लिये उन्हें लाल रंग से चिन्हित करने के साथ-साथ वैकल्पिक पेयजल की व्यवस्था भी सुनिश्चित करायी जाये। ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी के बीच वाले तालाबों को अपशिष्ट तथा प्रदूषण मुक्त रखने की स्थाई व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।
      मुख्य सचिव ने कहा कि अभियान के दौरान कुपोषित बच्चों की पहचान और उपचार हेतु तीन श्रेणियों-पंजीकृत बच्चों, अपंजीकृत और पंजीयन के बावजूद केन्द्र पर न आने वाले बच्चों में विभाजित कर सूची तैयार कर शत-प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करायी जाये। उन्होंने शिक्षा विभाग को निर्देश दिये कि संचारी रोग नियंत्रण हेतु गंगा एवं गंगा की सहायक नदियों, गांव, तथा तालाब-पोखरों की स्वच्छता सम्बन्धी विषयों को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये। गंगा, गंगा की सहायक नदियों व स्वच्छता का हमारे जीवन में महत्व को बताते हुये विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान दिया जाये।बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 एवं 2019 में प्रति वर्ष 03 चरणों में सम्पादित विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान के सफल संचालन से उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल हुई हैं। ए0ई0एस0 रोगियों के ग्रसितों की संख्या में 56 प्रतिशत की गिरावट, ए0ई0एस0 रोगियों की मृत्युदर में 58 प्रतिशत की गिरावट आयी है। इस प्रकार कुल ए0ई0एस0 रोगियों के मृतकों में 81 प्रतिशत की गिरावट आयी है।बैठक में प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव पंचायती राज मनोज कुमार सिंह, सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण वी0हेकाली झिमोमी सहित आई0सी0डी0एस0, ग्राम्य विकास, शिक्षा, नगर निगम, शहरी विकास, कृषि विभाग, पशुपालन, दिव्यांग जन कल्याण, स्वच्छ भारत मिशन, सूचना एवं चिकित्सा शिक्षा आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।