सोशल ऑडिट कि कमियों/अनियमितताओं पर प्रभावी कार्यवाही की जाये, ताकि भविष्य मेंपुनरावृत्ति न हो: मुख्य सचिव


      मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में किये गये कार्यों में पारदर्शिता, सहभागिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित कराने हेतु निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत सोशल ऑडिट सुनिश्चित कराया जाये।

         लखनऊ 12 फरवरी, प्रदेश के मुख्य सचिव ने कहा है कि मनरेगा एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में किये गये कार्यों में पारदर्शिता, सहभागिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित कराने हेतु निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष शत-प्रतिशत सोशल आॅडिट सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट के माध्यम से अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित की जिम्मेदारी नियत कर नियमानुसार धन वसूली की कार्यवाही भी की जाये।
मुख्य सचिव आज लोक भवन के सभागार में उत्तर प्रदेश सोशल ऑडिट संगठन की गवर्निंग बाॅडी की सातवीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट में अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित कराने हेतु सोशल ऑडिट करने से पूर्व उस क्षेत्र में विभिन्न प्रचार माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। सोशल ऑडिट टीम के सदस्यों द्वारा ‘डोर-टू-डोर’ सम्पर्क कर अधिकाधिक लोगों को ग्राम सभा की बैठक के समय एवं स्थान के विषय में जानकारी देकर बैठक में उपस्थित रहने का अनुरोध किया जाये।  
श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने कहा कि आगामी वित्तीय वर्ष 2020-21 हेतु सोशल ऑडिट कैलेण्डर निर्धारण में सोशल ऑडिट कराने हेतु प्रदेश की समस्त ग्राम पंचायतों को शामिल किया जाये। सोशल ऑडिट कार्य हेतु भारत सरकार द्वारा जो गाइडलाइन्स निर्धारित की गयी हैं, उनका पालन सुनिश्चित कराया जाये। उन्होंने कहा कि सोशल ऑडिट में पायी जाने वाली कमियों/अनियमितताओं पर सम्बन्धित विभागों द्वारा प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाये, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो। प्रमुख सचिव श्रम सुरेश चन्द्रा, महानिदेशक, दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान, एल. वेंकटेश्वर लू, सचिव ग्राम्य विकास के0रविन्द्र नायक, निदेशक, सोशल ऑडिट रेखा गुप्ता सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं गवर्निंग बाॅडी के सदस्यगण उपस्थित थे।