2022 में चलेगी बाइसकिल,351 सीट जीतने का लक्ष्य-अखिलेश यादव


    समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व पर आस्था जताते हुए आज बसपा, भाजपा और कांग्रेस के कई नेता अपने हजारों समर्थकों के साथ समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए। इन सभी ने संकल्प लिया कि वे 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों में अखिलेश यादव के नेतृत्व में प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने के लिए एकजुट होकर प्रयास करेंगे।
    आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वाले प्रमुख बसपा नेता हैं आजमगढ़ के बलिहारी बाबू पूर्व राज्यसभा सदस्य, झांसी के तिलक चंद्र अहिरवार पूर्व मंत्री, ललितपुर के फेरनलाल अहिरवार पूर्व विधायक तथा राठ के अनिल अहिरवार पूर्व विधायक। इनके अतिरिक्त औरैया के भाजपा के पूर्व विधायक  इन्द्रपाल पाल ने भी सदस्यता ली। बलिहारी बाबू के साथ कांग्रेस की साफिया परवीन, नरसिंह सिंह, भाजपा के रजनीश सिंह, संतोष मोदी, डोम समुदाय के नेता  राजेन्द्र डोम भी समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। बामसेफ के दीपचन्द्र, छात्रनेता विजय कुमार, शुभ नारायण, विवेक पाण्डेय भी समाजवादी पार्टी के सदस्य बन गए हैं।
     बलिहारी बाबू के साथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों के बसपा नेता, पूर्व सभासद, ब्लाक अध्यक्ष, ग्राम प्रधान, मण्डल अध्यक्ष, समाजसेवी, युवानेता, लेखक, पूर्व प्रमुख, पूर्व प्रत्याशी, बूथ अध्यक्ष, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी भी बड़ी संख्या में समाजवादी पार्टी के सदस्य बन गए हैं।




    झांसी के पूर्व एमएलसी एवं बसपा के पूर्व प्रदेश प्रभारी बिहार, झारखण्ड, दिल्ली प्रदेश  तिलक चन्द्र अहिरवार के साथ आज समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने वालों में उल्लेखनीय हैं पूर्व विधायक फेरन लाल अहिरवार तथा अनिल अहिरवार के अतिरिक्त  पीसी गौतम पूर्व को-आर्डिनेटर बुंदेलखण्ड, कानपुर सभी पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा हमीरपुर, अवध नारायण ज्ञानी एवं वीरेन्द्र वर्मा, संतोष कुशवाहा, वरदानी लाल वर्मा तथा राजकुमार अहिरवार पूर्व जिलाध्यक्ष बसपा महोबा, विनोद राजपूत एवं राजेन्द्र अहिरवार जिला पंचायत सदस्य झांसी, शीलू गौतम जिला पंचायत सदस्य जालौन, करन राजपूत पूर्व ब्लाक प्रमुख, जमील भूरे, जुगल किशोर अहिरवार शहीद मंसूरी सभी पार्षद शनि चैहान, सभासद उरई नगर पालिका। बसपा के कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, पूर्व पार्षद, प्रधान, युवा नेता भी बढ़ी संख्या में समाजवादी पार्टी में शामिल हुए है।
     समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष  अखिलेश यादव ने बसपा, भाजपा से आए सभी साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी को सन् 2022 के लिए 351 सीटों पर जीत का अपना लक्ष्य जरूर हासिल होगा। हमें इसके लिए अभी से जुट जाना हैं। श्री यादव ने कहा हमारे साथ बसपा के नींव के पत्थर आए हैं। इन्होंने अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। अब 2022 में बाइसकिल ही चलेगी।
     इस अवसर पर किरनमय नंदा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, अहमद हसन नेता प्रतिपक्ष विधान परिषद, नरेश उत्तम पटेल प्रदेश अध्यक्ष, रमाकांत यादव एवं दरोगा प्रसाद पूर्व सांसद एवं बलराम यादव, अवधेश प्रसाद, राजेन्द्र चौधरी, दुर्गा यादव, मो0 वसीम सभी पूर्वमंत्री, आलम बदी, नफीस अहमद सभी विधायक, चंद्रपाल सिंह सांसद, दीप नारायण सिंह उर्फ दीपक यादव एवं श्याम सुन्दर यादव पूर्व विधायक, हवलदार यादव जिलाध्यक्ष आजमगढ़ एवं तिलक यादव जिलाध्यक्ष ललितपुर आदि भी उपस्थित रहे।


     तिलक चंद अहिरवार- कार्यक्रम को संबोधित करते हैं कहां कि मैं 32 वर्ष से दिन-रात बहुजन समाज पार्टी में कार्य किया जहां पर कार्यकर्ताओं को बार-बार अपमानित किया जाता है। अहिरवार ने कहा कि जिस घर नींव के पत्थर का महत्व नहीं होता वह घर ज्यादा दिन नहीं चलता है ।अहिरवार ने कहा कि जिस पार्टी में सच्चे परिवर्तन मादी अखंड क्रियाशील जैसे लोग हैं उस पार्टी को कभी कोई किसी व्यवधान से रोक नहीं सकता है। अहिरवार ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को आश्वस्त किया कि बुंदेलखंड की 19 सीटों में 19 सीटें जीत दिलाऊंगा।
   रमाकांत यादव- रमाकांत यादव ने कहा कि अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में 2022 की सरकार बनेगी। प्रदेश के युवाओं के विकास के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री पद का नेतृत्व युवा धड़कन अखिलेश के हाथों में गए बिना युवाओं का भविष्य नहीं सुधारा जा सकता है। आज देश का पुरा नवजवान अखिलेश यादव की तरफ आशा भरी निगाहों से देख रहा है। अपने संबोधन को समाप्त करते हुए रमाकांत यादव ने कहा कि दीवार से एक ईट निकालते ही दीवार कमजोर होना शुरू हो जाती है।
इंद्रपाल पाल-  इंद्रपाल पाल ने कहा कि मैं भड़क गया था और रास्ता भटक गया था अब मेरा जीवन अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाज दे पार्टी में ही बीतेगा अब मैं भ्रमित होने वाला नहीं हूं।


बलिहारी बाबू-  कार्यक्रम को संबोधन करते हुए बलिहारी बाबू ने कहा कि 1993 में सपा बसपा का गठबंधन हुआ था तो एक नारा लगा था मिले मुलायम कांशीराम हवा में उड़ गए.....  ।उस गठबंधन से आतंकित होते हुए विपक्ष ने सपा बसपा के गठबंधन को तोड़ने की पूरी साजिश की जिसके तहत उन्होंने कभी मुलायम सिंह यादव को मुख्यमंत्री बनाया तो कभी मायावती  को मुख्यमंत्री बनाया लेकिन अंदर अंदर वह दोनों के बीच खाई खोद देंगे लेकिन उस खाई को पाटने का कार्य सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने विगत लोकसभा में चुनाव में किया जिसका परिणाम यह हुआ कि विगत लोकसभा चुनाव में फिर एक बार सपा बसपा का गठबंधन हुआ और अखिलेश यादव ने काफी झुक कर इस गठबंधन को किया, जिसे पूरा देश एक आसावरी निगाह से देख रहा था और इसकी सराहना भी हो रही थी, लेकिन मायावती ने मिथ्या आरोपों के तहत इस गठबंधन को तोड़ दीया ।इस गठबंधन का तोड़ जनता को खुद तलाशना होगा आज सत्ता में बैठे लोग संविधान को तोड़ने की बात करते हैं जबकि बाबा साहब ने संविधान की रचना लोगों को जोड़ने के लिए किया था। हमारे पूर्वज वासुदेव कुटुंबकम की बात करते थे लेकिन आज सत्ता में बैठे सरकार तोड़ने की बात करती है।
     हमारे इतिहास में कई प्रकार की सरकारों का वर्णन है आस्था को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी जब बाहर जाते हैं तो कहते हैं कि हम बुद्ध की धरती से आते हैं जबकि कार्य बुद्ध की नीतियों के खिलाफ करते हैं।
   अखिलेश यादव ने कहा कि आजमगढ़ से बलिहारी बाबू के पार्टी में आ जाने से आजमगढ़ के आसपास जिलों में भी समाजवादी पार्टी मजबूत होगी। आज बाबूजी के साथ बड़ी संख्या में लोग साइकिल पर सवार हुए हैं हम सब मिलकर 2022 में 351 सीट जीतेंगे उन्होंने एक कहानी का वर्णन करते हुए कहा कि अगर भाजपा झूठ फैला कर 350 सीटें जीत सकती है तो समाजवादी पार्टी ईमानदारी से 351 सीटों सीटें क्यों नहीं जीत सकती। अखिलेश यादव ने अपने सभी कार्यकर्ताओं को 351 सीट जीतने का लक्ष्य दिया है। भाजपा का नारा सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास एक फर्जी नारा है। अखिलेश यादव ने कहा कि आज हमारे साथ जुड़ने वाले लोग समाज के संघर्ष से निकल कर आए हैं यह लोग समाज में जाल बुनकर आगे बढ़े हैं अब हमें जाल में कोई फंसा नहीं सकता है। डिजिटल क्षेत्र में हम प्रदेश को पहले ही आगे ले जा चुके हैं जबकि भाजपा सरकार शौचालय की तरफ ले जाती है और हम प्रदेश के  युवकों को लैपटॉप बांट कर उन्हें डिजिटल इंडिया का सपना दिखाया था ।आज प्रदेश में किसान ओलावृष्टि से परेशान हैं हम सभी पीड़ित किसानों के लिए सरकार से 20- 20 लाख रुपए की मांग करते हुए उनके नुकसान की पूरी भरपाई की मांग सरकार से करते हैं। 2022 में प्रदेश में हमारी सरकार आते ही जिसकी जितनी हिस्सेदारी उसकी उतनी भागीदारी के हिसाब से कार्य किया जाएगा।