अन्य राज्यों के उत्तर प्रदेश में निवासित व्यक्तियों की भी हर संभव मदद की जाये: मुख्य सचिव  

      मुख्य सचिव लाॅक डाउन के दौरान अन्य राज्यों में आवासित उत्तर प्रदेश के निवासियों से सम्पर्क कर उन्हें आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु नामित समस्त नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की,वर्तमान परिस्थितियों में नोडल आफिसर्स का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण.वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस परिस्थिति में जरूरतमंदों की मदद कर एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं.उत्तर प्रदेश के निवासियों की सहायता हेतु दिये गये नम्बर 24×7 क्रियाशील रखने हेतु एक कण्ट्रोल रूम स्थापित करें.नोडल आफिसर्स द्वारा लोगों को काॅल कर फीडबैक भी प्राप्त किया जाये.उत्तर प्रदेश के निवासियों तथा उनके परिजनों की समस्या का समाधान
स्थानीय जिला प्रशासन की मदद से तत्काल कराया जाये.घर आने का अनुरोध किये जाने पर उन्हें विनम्रतापूर्वक समझाया जाये कि वर्तमान समय में कोविड-19 से पूरा विश्व लड़ रहा है, यदि देश में लोग
भ्रमण करेंगे, तो इस महामारी से बचाव कर पाना संभव नहीं होगा.निराश्रित व असहाय लोगों के ठहरने, भोजन, पेयजल एवं उपचार की व्यवस्था जिला प्रशासन से समन्वय कर शेल्टर होम में करायी जाये तथा इसकी सूचना आॅनलाइन सार्वजनिक की जाये.


       लखनऊ 28 मार्च,  मुख्य सचिव श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में लाॅक डाउन के दौरान अन्य राज्यों में आवासित उत्तर प्रदेश के निवासियों से सम्पर्क कर उन्हें आवश्यक सुविधायें उपलब्ध कराने हेतु नामित समस्त नोडल अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में नोडल आॅफिसर्स का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण है। वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी इस परिस्थिति में जरूरतमंदों की मदद कर एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। अन्य प्रांतों में संदेश जायेगा कि उत्तर प्रदेश के अधिकारी सजग और संवेदनशील है।
श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने सभी नोडल अधिकारियों से कहा कि अन्य राज्यों में आवासित उत्तर प्रदेश के निवासियों की सहायता हेतु दिये गये नम्बर 24ग्7 क्रियाशील रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करायें। यह भी कहा कि इसके लिये सभी अधिकारी एक कण्ट्रोल रूम स्थापित करें। कण्ट्रोल रूम में शिफ्टिंग में जिम्मेदार अधिकारियों की ड्यूटी लगायें तथा रजिस्टर भी तैयार करें, जिसकी माॅनीटरिंग समय-समय पर नोडल आॅफिसर्स द्वारा की जाये। इसके अतिरिक्त नोडल आॅफिसर्स द्वारा लोगों को काॅल कर फीडबैक भी प्राप्त किया जाये। नोडल आफिसर्स नामित राज्यों से सम्पर्क कर जिला प्रशासन की सूची प्राप्त कर लें, ताकि उन्हें वहां पर जिला प्रशासन की मदद से सुविधायें उपलब्ध करायी जा सकें।
मुख्य सचिव ने कहा कि कण्ट्रोल रूम में अन्य प्रांतों में आवासित उत्तर प्रदेश के निवासियों तथा उनके परिजनों की समस्या का समाधान स्थानीय जिला प्रशासन की मदद से तत्काल कराया जाये। घर आने का अनुरोध किये जाने पर उन्हें विनम्रतापूर्वक समझाया जाये कि वर्तमान समय में कोविड-19 से पूरा विश्व लड़ रहा है, यदि देश में लोग भ्रमण करेंगे, तो इस महामारी से बचाव कर पाना संभव नहीं होगा। इस महामारी से लड़ने के लिये उनका सहयोग महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि निराश्रित व असहाय लोगों के ठहरने, भोजन, पेयजल एवं उपचार की व्यवस्था जिला प्रशासन से समन्वय कर शेल्टर होम में करायी जाये तथा इसकी सूचना आॅनलाइन सार्वजनिक की जाये, ताकि उनके परिजन परेशान न हों। इसके अतिरिक्त अन्य राज्यों के उत्तर प्रदेश में निवासित व्यक्तियों की भी हर संभव मदद की जाये।