भाजपा सरकार बदले की भावना में डूबी- अखिलेश यादव


     समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी सामाजिक सद््भाव के लिए प्रतिबद्ध है। उसका मत है कि सौहार्द के वातावरण में ही विकास हो सकता है। विकास प्रक्रिया को गति देने के लिए सामाजिक न्याय का लाभ मिले इसके लिए जातीय जनगणना होनी चाहिए। समाज के सभी वर्ग के लोगों की उनकी संख्या के अनुकूल तब हिस्सेदारी तय हो सकेगी। इसमें हिन्दू-मुस्लिम की कोई समस्या नहीं होगी।
    समाजवादी पार्टी की सरकार के समय समाज के कमजोर वर्गो के हित में कई योजनाएं लागू की गई। किसान और गरीब को प्राथमिकता में रखकर उनको लाभ पहुंचाया गया। नौजवानों में निराशा और कुंठा न पनपे इसलिए उनको रोटी-रोजगार से जोड़ा गया। किसान आज कर्ज और मंहगाई से बदहाल है तो नौजवान बेरोजगारी की मार से संकटग्रस्त है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार अनियंत्रित है।
     दुःखद स्थिति यह है कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा के एजेंडा में जनता के हितो की पूरी अनदेखी दर्ज है। भाजपा सरकार के तीन साल बीत चुके हैं एक भी जनकल्याण की योजना जमीन पर नहीं उतर पाई है। समाजवादी सरकार के कामों को ही दुहराकर अथवा नए-नए नाम बदलकर ही भाजपा सरकार के एक-एक दिन कट रहे हैं।
     प्रदेश की भाजपा सरकार बदले की भावना में डूबी अहंकारी सरकार है। दूसरों की तस्वीर चैराहों पर लगाने वालों की खुद छवि धूमिल हो रही है। भाजपा का आचरण लोकतंत्र विरोधी है। जनता की निगाह में बदले की भावना से किए गए कामों का फल अच्छा नहीं होता है। जनता के मन में भारी आक्रोश है। राजनीतिक मूल्यों एवं नैतिकता की परवाह किए बिना राज्यों में विपक्षी दलों को डराना-धमकाना और अन्य हथकंडो से प्रभावित करना इन कामों से भाजपा लोकतंत्र के लिए खतरा बन गई है।