भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये एक्शन प्लान तैयार किया जाये: मुख्य सचिव



    कोरोना (कोविड-19) की आपदा से निपटने हेतु स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान आवश्यकताओं एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये एक्शन प्लान तैयार किया जाये।कोविड-19 से संक्रमित मरीज के उपचार में लगे डाॅक्टर एवं मेडिकल स्टाफ हेतु एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क एवं पी0पी0ई0 इत्यादि को क्रय करते समय
उनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये।डाॅक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ से किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं।रैन बसेरों, आश्रय स्थलों, सीमावर्ती क्षेत्रों में रुके हुये लोगों तक प्राथमिकता पर कम्प्युनिटी किचन के 
माध्यम से भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।मण्डियों में सब्जी एवं अन्य मूलभूत वस्तुओं की आवक बनी रहे तथा जमाखोरी,कालाबाजारी, मुनाफाखोरी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये।प्राइवेट मिल, फैक्ट्रियों, माॅल एवं प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मियों एवं श्रमिकों तथा आउटसोर्सिंग स्टाफ के खाते में समय से वेतन भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न पैकेज सहित अन्य राहत पैकेज की घोषणा की गई है, जिसके लिये राज्य स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करायी जाये।





     लखनऊ 26 मार्च, मुख्य सचिव ने निर्देश दिये हैं कि कोरोना (कोविड-19) की आपदा से निपटने हेतु स्वास्थ्य विभाग की वर्तमान आवश्यकताओं एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये एक्शन प्लान तैयार किया जाये। इस कार्य में मेडिकल एक्सपर्ट को बैठक में न बुलाकर फोन, वीडियो काॅल अथवा ई-मेल के माध्यम से उनकी भी राय ली जाये। उन्होंने कहा कि वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुये मेडिकल उपकरणों, दवाइयों, आइसोलेशन वार्ड, क्वारंटाइन व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का सेण्ट्रलाइज्ड डाटा तैयार किया जाये, जिसे ध्यान में रखते हुये लक्ष्य निर्धारित किये जायें। इसके साथ ही भविष्य डाॅक्टर एवं पैरामेडिकल स्टाफ की आवश्यकता को दृष्टिगत रखते हुये उनकी ट्रेनिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये।
   मुख्य सचिव ने यह निर्देश आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में कोविड-19 वायरस के नियंत्रण हेतु लागू की गई लाॅकडाउन की व्यवस्था की समीक्षा के दौरान दिये। उन्होंने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित मरीज के उपचार में लगे डाॅक्टर एवं मेडिकल स्टाफ हेतु एन-95 मास्क, ट्रिपल लेयर मास्क एवं पी0पी0ई0 इत्यादि को क्रय करते समय उनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि अपनी जान की परवाह किये बिना डाॅक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी कोरोना संक्रमित लोगों का इलाज कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में डाॅक्टर्स और पैरामेडिकल स्टाफ से किसी भी प्रकार की अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जायेगी।
    मुख्य सचिव ने कहा कि रैन बसेरों, आश्रय स्थलों, सीमावर्ती क्षेत्रों में रुके हुये लोगों तक प्राथमिकता पर कम्प्युनिटी किचन के माध्यम से भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। इस कार्य मंे वाॅलिण्टयर्स का सहयोग लिया जाये। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाये कि मण्डियों में सब्जी एवं अन्य मूलभूत वस्तुओं की आवक बनी रहे तथा जमाखोरी, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाये।मुख्य सचिव ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के खाते में पैसा भेजने हेतु शीघ्रातिशीघ्र आॅनलाइन एप तैयार किया जाये। उन्होंने कहा कि प्राइवेट मिल, फैक्ट्रियों, माॅल एवं प्रतिष्ठानों में कार्य करने वाले कर्मियों एवं श्रमिकों तथा आउटसोर्सिंग स्टाफ के खाते में समय से वेतन भेजने की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। वेतन भेजने हेतु एकाउण्ट सेक्शन के कुछ लोगों का जिला प्रशासन द्वारा अल्पकालिक पास निर्गत किये जायें, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके साथ ही मीडिया एवं सोशल मीडिया के माध्यम उन्हें अपने कार्यस्थल पर रुकने हेतु जागरूक किया जाये।
     भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न पैकेज सहित अन्य राहत पैकेज की घोषणा की गई है, जिसके लिये राज्य स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित करायी जाये। कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे डाॅक्टर एवं अन्य पैरामेडिकल स्टाॅफ के लिये भारत सरकार द्वारा मेडिकल इंश्योरेंस की घोषणा की गई है, जिसकी जानकारी सभी चिकित्सा संस्थानों में दी जाये।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव परिवहन आर0के0सिंह, सचिव गृह भगवान स्वरूप सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।