चीन से बाहर 22 देशों में कोरोना वायरस की पुष्टि


    चीन से बाहर 22 देशों में कोरोना वायरस के कई मामलों की पुष्टि हुई है. इन देशों में थाईलैंड, ईरान, इटली, जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, मलेशिया, अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं.



  1. क्या है कोरोना वायरस?
    कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है, जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है. इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है. इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था. डब्लूएचओ के मुताबिक, बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं. अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है.


  2. क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
    इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्या उत्पन्न होती हैं. यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है. इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है. यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था. इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है.


  3. क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
    स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं. इनके मुताबिक, हाथों को साबुन से धोना चाहिए. अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है. खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढककर रखें. जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें. अंडे और मांस के सेवन से बचें. जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें.

  4. चीन में इस वायरस के चलते पर्यटकों की संख्या घट सकती है. इसका सीधा असर चीन की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा. पहले ही चीन की अर्थव्यवस्था सुस्ती के दौर में है. कई देशों ने अपने नागरिकों से चीन नहीं जाने के लिए कहा है. कई देशों ने वुहान से आने वाले लोगों पर भी प्रतिबंध लगा दिया है. रूस ने चीन के साथ अपने पूर्वी बॉर्डर को भी बंद कर दिया है.

    लगभग 18 साल पहले सार्स वायरस से भी ऐसा ही खतरा बना था. 2002-03 में सार्स की वजह से पूरी दुनिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी. पूरी दुनिया में हजारों लोग इससे संक्रमित हुए थे. इसका असर आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ा था.क्या आप जानते हैं कि कोरोना वायरस बहुत सूक्ष्म लेकिन प्रभावी वायरस है. कोरोना वायरस मानव के बाल की तुलना में 900 गुना छोटा है, लेकिन कोरोना का संक्रमण दुनिया भर में तेजी से फ़ैल रहा है.


       केरल में कोरोना वायरस के एक मरीज का पता चला था, यह महिला भारत में कोरोना वायरस की पहली मरीज थी. लगातार दो जांच रिपोर्ट नकारात्मक आने के बाद महिला को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी.इससे पहले अलपुझा के एक छात्र और कासरगोड के एक छात्र को कोरोना संबंधी जांच के बाद अस्पताल से छुट्टी दी गई थी. कोरोना से संक्रमण के बाद दोनों का इलाज चला और फिर जांच में नतीजे निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई थी.महिला पिछले महीने चीन के वुहान शहर से लौटी थी, वुहान से लौटने के बाद तीनों कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे. इससे पहले चीन से लाए गए भारतीय नागरिकों को मानेसर सेंटर में रखा गया है, जहां उनकी निगरानी की जा रही हैहाल में जापान से 'डायमंड प्रिंसेज' क्रूज से भारत के 119 नागरिकों को रेस्क्यू किया गया था. इन सभी लोगों को भारत लाने के बाद सीधे मानेसर सेंटर ले जाया गया है, जहां इन्हें डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है. सावधानी बरतने के तमाम उपायों के चलते भारत में अभी तक कोरोना के चलते किसी भी व्यक्ति की जान नहीं गई है.चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस की वजह से अब तक दुनिया भर के 90,000 लोग संक्रमित हैं. कोरोना वायरस की वजह से तीन हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है.