दीपावली 2020 में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जनता के लिए खुलेगा-अशोक पाण्डेय

    - आलोक अवस्थी


      लखनऊ 15 मार्च, समावादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी ने करारा जबाब दिया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अशोक पाण्डेय ने कहा कि विडम्बना है कि उपद्रवियों और दंगाइयों का साथ देने वाले लोग इंसानियत की बातें करते हैं। पूरे प्रदेश में 1000 से ज्यादा दंगे सपा सरकार के कार्यकाल में हुए थे। दंगाइयों को बचाने और उनका समर्थन करने वाले लोग आज मानवता की बात कर रहें हैं। भाजपा सरकार में एक भी दंगा नहीं हुआ है। उपद्रवियों से कड़ाई से निपटा गया है। यह नये भारत का नया उत्तर प्रदेश है, यहां जो भी उपद्रव करेगा वह जेल तो जाएगा ही, उसकी संपत्ति भी जब्त होगी।
       पाण्डेय ने अखिलेश यादव द्वारा लगाए गए आरोपो पर कहा कि कई वर्षों के बाद प्रदेश मं नकलविहीन परीक्षाएं आयोजित हो रही हैं। एनसीईआरटी का पाठ्क्रम योगी सरकार ने लागू किया है। स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत तीन सालों में 4 करोड़ 71 लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हुआ है। प्राथमिक विद्यालयों में 45,383 अध्यापकों की भर्ती पूर्ण हुई है। 69 हजार की भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। 
श्री पाण्डेय ने कहा कि ’स्वास्थ्य सुविधाओं में भाजपा सरकार सबसे आगे है।’ स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में जितना कार्य वर्तमान की योगी सरकार ने किया है। उतना काम किसी सरकार ने नहीं किया। आजादी के बाद से 2016 तक प्रदेश में 12 मेडिकल कॉलेज थे। वर्तमान सरकार ने मात्र तीन साल में 15 नये मेडिकल कॉलेज बनवाए हैं। जिसमें 7 मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू हो गई है, जबकि 8 का कार्य प्रगति पर है। 13 अन्य मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए योगी सरकार ने केंद्र से स्वीकृति मांगी है। गोरखपुर और रायबरेली में एम्स की स्थापना इसी सरकार ने की है। इंसेफ्लाइटिस से हर वर्ष हजारों बच्चों की मौत होती थी। सपा और बसपा की सरकारों को उन बच्चों और उनके माता-पिता का दर्द नहीं सुनाई दे रहा था। योगी सरकार इंसेफ्लाइटिस के मामलों में 75 प्रतिशत और मृत्यु के मामलों में 90 प्रतिशत तक की कमी लाने में सफल रही है। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला के तहत वर्तमान सरकार में 20 लाख से ज्यादा लोगों को इलाज मिल चुका है। 
    प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि श्री अखिलेश यादव जी जरा बताएं कि जब आपकी सरकार चली गई थी तो आगे आने वाले दो साल के मिड डे मील के ठेके जो आप नियम विरूद्ध अपने चहेते को देकर गए थे। क्या वह शिष्टाचार था या भ्रष्टाचार। भ्रष्टाचार सपा सरकार में होता था। खनन, रिवर फ्रंट, जल निगम, सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार अखिलेश सरकार में होता था। सीएजी की ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी योजनाओं के लिए दी गई 97 हजार करोड़ की राशि का कोई भी हिसाब पूर्व की सपा सरकार ने नहीं दिया। समाज कल्याण, शिक्षा और पंचायतीराज विभाग में खर्च किए गए 25 से 26 हजार करोड़ रुपए का ब्यौरा विभागीय अफसरों ने नहीं दिया। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही योगी सरकार 700 से ज्यादा भ्रष्ट अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई कर चुकी है। अलग-अलग विभागों के 250 से ज्यादा अफसरों और कर्मचारियों को जबरन रिटायरमेंट दिया जा चुका है। 450 से ज्यादा अफसरों, कर्मचारियों को निलंबन और डिमोशन जैसे दंड भी दिए गए हैं।
    ओडीओपी पर उठाए सवाल पर तंज कसते हुए  पाण्डेय ने कहा कि नौकरी के नाम पर लूट करने वालों को रोजगार कहा दिखाई देंगे। लूट की कमाई से अपनी जेब भरने वालों को ओडीओपी नहीं समझ में आएगा। अकेले ओडीओपी में 5 लाख से अधिक नौजवानों ने रोजगार पाया और स्वयं का उद्यम स्थापित किया है। भारतीय जनता पार्टी कार्य पूर्ण होने पर लोकार्पण करती है। सपा की तरह बिना पटरी बिछे ट्रेन को हरी झंडी नहीं दिखाती है। दीपावली 2020 में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जनता के लिए खोल दिया जाएगा।