दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर


     मुख्य सचिव ने ए0के0आई0सी0 परियोजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 2500 एकड़ में आई0एम0सी0 विकसित किये जाने हेतु जनपद बुलन्दशहर, प्रयागराज और कानपुर में से किसी एक जनपद का चयन कर भूमि चिन्हित किये जाने के दिये निर्देश।ए0के0आई0सी0 हेतु भूमि चिन्हित होने के उपरान्त अनुमोदनार्थ प्रस्ताव यथाशीघ्र भारत सरकार भेजा जाये।दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर के अन्तर्गत दादरी में मल्टी माॅडल लाॅजिस्टक हब तथा बोराकी में मल्टी माॅडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किये जाने हेतु अवशेष 17 प्रतिशत भूमि के अर्जन की कार्यवाही जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर प्राथमिकता पर करायें पूर्ण ।  
मुख्य सचिव से मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबन्ध निदेशक, दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के0 संजय मूर्ति ने की भेंट।

           लखनऊ 04 मार्च, मुख्य सचिव श्री राजेन्द्र कुमार तिवारी ने अमृतसर-कोलकाता इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर (ए0के0आई0सी0) परियोजना के अन्तर्गत प्रथम चरण में 2500 एकड़ में इण्टीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (आई0एम0सी0) विकसित किये जाने हेतु जनपद बुलन्दशहर में चोला, प्रयागराज में नैनी और कानपुर में भाऊपुर में से किसी एक जनपद का चयन कर भूमि चिन्हित किये जाने के निर्देश दिये हैं। यह भी कहा कि परियोजना हेतु भूमि चिन्हित होने के उपरान्त अनुमोदनार्थ प्रस्ताव यथाशीघ्र भारत सरकार भेजा जाये, ताकि परियोजना के विकास सम्बन्धी गतिविधियां प्रारम्भ करायी जा सकें।
          मुख्य सचिव ने आज लोक भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष के सभागार में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबन्ध निदेशक, दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के0 संजय मूर्ति से भेंट कर रहे थे। उन्होंने जिलाधिकारी गौतमबुद्ध नगर को निर्देश दिये कि दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर के अन्तर्गत लगभग 4034 करोड़ रुपये की लागत से दादरी में मल्टी माॅडल लाॅजिस्टक हब तथा बोराकी में मल्टी माॅडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किये जाने हेतु 83 प्रतिशत भूमि अर्जित हो जाने के फलस्वरूप अवशेष 17 प्रतिशत भूमि के अर्जन की कार्यवाही प्राथमिकता पर पूर्ण कराने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबन्ध निदेशक, दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर डेवलपमेंट कार्पोरेशन के0 संजय मूर्ति ने बताया कि अमृतसर कोलकाता इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर परियोजना के अन्तर्गत खुर्जा-भाऊपुर (351 कि0मी0) सेक्शन का कार्य मार्च, 2020 तक तथा सम्पूर्ण परियोजना का कार्य दिसम्बर, 2020 तक पूर्ण कराने का लक्ष्य  निर्धारित किया गया है। उन्होंने परियोजना के डी0पी0आर0 तथा शेयर होल्डर का एग्रीमेन्ट तैयार कराने हेतु परियोजना हेतु उपलब्ध भूमि का विवरण यथाशीघ्र उपलब्ध कराने की अपेक्षा की। यह भी बताया कि दिल्ली-मुम्बई इण्डस्ट्रियल काॅरीडोर के अन्तर्गत ग्रेटर नोएडा में 1700 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड इण्डस्ट्रियल टाउनशिप के विकास का कार्य प्रगति पर है।बैठक में अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त आलोक टण्डन, प्रमुख सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आलोक कुमार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी ग्रेटर नोएडा इण्डस्ट्रियल डेवलपमेंट अथाॅरिटी नरेन्द्र भूषण सहित सम्बन्धित विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।