केन्द्रीय वित्त आयोग तथा महालेखाकार,उत्तर प्रदेश की संस्तुतियों के क्रम में संहत निक्षेप निधि  (कन्साॅलिडेटेड सिंकिंग फण्ड) के सृजन का निर्णय

          लखनऊ 13 मार्च, मंत्रिपरिषद ने केन्द्रीय वित्त आयोग तथा महालेखाकार, उत्तर प्रदेश की संस्तुतियों के क्रम में राज्य सरकार के अदत्त ऋण दायित्वों ;व्नजेजंदकपदह कमइज सपंइपसपजपमेद्ध के मोचन हेतु संहत निक्षेप निधि (कन्साॅलिडेटेड सिंकिंग फण्ड) के सृजन का निर्णय लिया है। संहत निक्षेप निधि के सृजन के सम्बन्ध में राज्य सरकार द्वारा निर्गत की जाने वाली अधिसूचना के आलेख को भी अनुमोदित कर दिया गया है। अधिसूचना का आलेख भारतीय रिजर्व बैंक की गाइड लाइन्स को संज्ञान में लेते हुए तैयार किया गया है।


    राज्य सरकार के अदत्त ऋण दायित्वों के मोचन हेतु निधि सृजित होने से प्रदेश सरकार के बाजार ऋणों के लिये निवेशकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। इसके अतिरिक्त, निधि के सृजन से राज्य सरकार को अतिरिक्त विशेष अर्थाेपाय अग्रिम भी उपलब्ध होगा। संहत निक्षेप निधि में राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक वर्ष पूर्ववर्ती वर्ष के अन्त में अदत्त ऋण दायित्वों के कम से कम 0.5 प्रतिशत के बराबर धनराशि समेकित निधि से संहत निक्षेप निधि में अन्तरित की जायेगी। संहत निक्षेप निधि में संचित धनराशि का निवेश भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा राज्य सरकार के परामर्श से भारत सरकार की डेटेड सिक्योरिटीज, ट्रेजरी बिल्स, भारत सरकार की स्पेशल सिक्योरिटीज तथा अन्य राज्यों के विकास ऋणों में किया जाएगा। निवेश से प्राप्त ब्याज संहत निक्षेप निधि में जमा होगा, जिसका उपयोग राज्य सरकार की ऋण देयताओं के मोचन हेतु किया जायेगा।