कोविड-19 की जांच के बाद घरों तक पहुंचाने की व्यवस्था करे सरकार: अजय कुमार लल्लू


    देश के विभिन्न राज्यों में फंसे उ0प्र0 के वापस आ रहे लोगों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करे सरकार।लाॅकडाउन के चलते पूरे देश में बन्द हो चुके कल कारखानों के श्रमिकों एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को केन्द्र एवं प्रदेश सरकार तत्काल नगद समुचित आर्थिक मदद करे।


    - डाॅ0 उमा शंकर पाण्डेय 
        लखनऊ 26 मार्च, उ0प्र0 कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री अजय कुमार लल्लू जी ने कहा है कि देश के विभिन्न राज्यों में निर्माण एवं अन्य कार्यों में लगे मजदूर, रेड़ी, पटरी एवं खोमचे वाले, रिक्शा चलाने वाले, फैक्ट्रियों में काम करने वाले श्रमिकों का एक बड़ा वर्ग जो रोज कमाता है और परिवार का पेट भरता है, ऐसे लाखों लोगों की रोजी रोटी पर लाॅक डाउन के कारण बड़ा संकट खड़ा हो गया है। अब मजबूर असंगठित क्षेत्र के ये श्रमिक अपने घरों की तरफ लौटने को विवश हैं। किन्तु सरकार द्वारा यातायात के समस्त साधनों की पूर्ण बन्दी के कारण ये पैदल ही अपने परिवार- जिसमें महिलाएं एवं बच्चे भी हैं के साथ सैंकड़ों किलोमीटर पैदल यात्रा करने को विवश हैं। इनके पास रास्ते में खाने-पीने और पैसे की व्यापक कमी है, ऐसे में भूखे पेट ही सफर करने को विवश हैं। छोटे बच्चे यहां तक कि 8 माह के बच्चों के लिए दूध की भी व्यवस्था नहीं है। इनमें से तमाम लोगों ने विभिन्न समाचार माध्यमों के मीडिया कर्मियों को बातचीत में सरकार पर अदूरदर्शिता का परिचय देने का आरोप लगाते हुए कहा है कि सरकार पूर्ण लाॅकडाउन से पहले हम लोगों को अपने घरों के लिए निकलने का समय नहीं दिया। अब कारखानों एवं बाजार की पूर्ण बन्दी के कारण हम लोग पूरी तरह से फंस गये हैं।
   अजय कुमार लल्लू ने कहा कि तमाम खबरों में गुरूग्राम से बिजनौर, राजस्थान के जयपुर से उ0प्र0, दिल्ली से बिजनौर, रामपुर, बरेली, गढ़मुक्तेश्वर, मुरादाबाद, लखनऊ एवं पूर्वांचल के अन्य जनपदों के निवासी शामिल हैं। साथ ही साथ प्रदेश के अन्र्तजनपदीय मजदूर एवं श्रमिक भी इनमें शामिल हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने लाॅकडाउन से पहले सरकार की तैयारियों पर प्रश्नचिन्ह खड़ा करते हुए केन्द्र एवं उ0प्र0 की सरकार से माँग की है कि वापस आ रहे ऐसे लोगों को तत्काल चिन्हित कर इनके खान-पान की व्यवस्था की जाए। साथ ही साथ नगद आर्थिक मदद करते हुए इनको घरों तक सकुशल पहुंचाने की व्यवस्था की जाए। घरों तक पहुंचाने के पूर्व इन लोगों की कोविड-19 की जांच की निःशुल्क व्यवस्था की जाए।