क्यों जरूरी है जनता कर्फ्यू


यह ऐसा संकट है जिसने सम्पूर्ण विश्व की मानव जाति को संकट में डाल दिया है । 130 करोड़ नागरिकों ने इस वैश्विक महामारी का डटकर मुकाबला किया है। बीते कुछ दिनों से ऐसा भी लग रहा है जैसे हम संकट से बचे हुए हैं, सब कुछ ठीक है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से निश्चिंत हो जाने की ये सोच सही नहीं है।


 नागरिक कर्फ्यू, कैसे होगा प्रभावी


   प्रधानमंत्री ने कहा की में सभी देशवासियों से जनता कर्फ्यू के लिए समर्थन मांग रहा हूँ । यह कर्फ्यू जनता के लिए जनता द्वारा खुद पर लगाया हुआ कर्फ्यू होगा । सभी देशवासियों को इस रविवार यानी 22 मार्च की सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक कर्फ्यू का पालन करना है । उस दौरान कोई भी व्यक्ति अपने घर से बाहर न निकले । हमें कर्फ्यू जैसे माहौल का पालन करना है। पीएम ने अपील की कि रविवार को ठीक 5 बजे हम अपने घर के दरवाजे पर खड़े होकर 5 मिनट तक ऐसे लोगों का आभार व्यक्त करें जो कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। पीएम ने अस्‍पतालों पर दबाव का जिक्र करते हुए लोगों से कहा कि वे रुटीन चेकप के लिए अस्पताल जाने से जितना बच सकते हैं, उतना बचें।


 क्यों जरूरी है जनता कर्फ्यू


प्रधानमंत्री ने कहा कि 22 मार्च को हमारा ये प्रयास हमारे आत्मसंयम और देशहित में कर्तव्य पालन के संकल्प का एक प्रतीक होगा। 22 मार्च को जनता कर्फ्यू की सफलता और इसके अनुभव हमें आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयार करेंगे । उन्होंने कहा कि संभव हो तो हर व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम 10 लोगों को फोन करके कोरोना वायरस से बचाव के उपायों के साथ ही जनता कर्फ्यू के बारे में भी बताए। ये जनता कर्फ्यू एक प्रकार से हमारे लिए और भारत के लिए एक कसौटी की तरह होगा।