शासन द्वारा अनुबन्धित दो आपूर्तिकर्ता फर्माें को ब्लैकलिस्ट

    बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने विश्व खाद्य कार्यक्रम/केयर सहायतित बाल विकास परियोजनाओं में पोषाहार प्रसंस्करण एवं परिवहन हेतु शासन द्वारा अनुबन्धित दो आपूर्तिकर्ता फर्माें को ब्लैकलिस्ट किया।ब्लैकलिस्टेड फर्माें में जयपुर (राजस्थान) की मेसर्स जे0वी0एस0 फूड्स प्राइवेट लिमिटेड तथा बरेली की मेसर्स खण्डेलवाल सोया इण्डस्ट्रीज लि0 शामिल।



     लखनऊ 21 मार्च,  बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशालय ने विश्व खाद्य कार्यक्रम/केयर सहायतित बाल विकास परियोजनाओं में पोषाहार प्रसंस्करण एवं परिवहन हेतु शासन द्वारा अनुबन्धित दो आपूर्तिकर्ता फर्माें को ब्लैकलिस्ट कर दिया है। ब्लैकलिस्टेड फर्माें में जयपुर (राजस्थान) की मेसर्स जे0वी0एस0 फूड्स प्राइवेट लिमिटेड तथा बरेली की मेसर्स खण्डेलवाल सोया इण्डस्ट्रीज लि0 शामिल हैं।
यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि विश्व खाद्य कार्यक्रम के पोषाहार प्रसंस्करण एवं परिवहन हेतु शासन तथा मेसर्स, जे0वी0एस0 फूड्स प्राइवेट लिमिटेड, सी-345, हंस मार्ग, मालवीय नगर, जयपुर राजस्थान के मध्य दिनांक 21 मार्च, 2001 को अनुबन्ध निष्पादित हुआ था। फर्म द्वारा प्रदेश की राज्य घोषित परियोजनाओं में आपूर्ति किये गये बिस्कुट पर 16 प्रतिशत उत्पाद शुल्क को सम्मिलित करते हुए भुगतान विभाग से प्राप्त किया गया, जबकि मार्च, 2003 में यह घटकर 08 प्रतिशत हो गया था।
प्रवक्ता ने बताया कि विभाग के अन्तर्गत आपूर्ति किये गये न्यूट्री बिस्कुट की फर्म स्वयं उत्पादनकर्ता नहीं थी बल्कि बाहर से बिस्कुट खरीद कर ही आपूर्ति करती थी। फर्म ने यह सभी तथ्य छुपाते हुए निदेशालय को अन्धकार में रखकर जानबूझ कर केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क को पूर्ववत् बढ़े हुए दर से बिल प्रस्तुत किये। प्रकरण में आर्थिक अपराध संगठन द्वारा जांच की गयी, जिसमें फर्म को दोषी पाया गया। संगठन द्वारा फर्म के विरुद्ध भा0द0वि0 की संगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराकर इसे काली सूची में डाले जाने की संस्तुति की गई है, जिसके क्रम में फर्म को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
इसी प्रकार केयर सहायतित बाल विकास परियोजनओं में पोषाहार प्रसंस्करण एवं परिवहन हेतु शासन तथा मेसर्स, खण्डेलवाल सोया इण्डस्ट्रीज लि0 26-बी/1, माधौबारी, नई बस्ती, बरेली के मध्य दिनांक 09.07.2001 को अनुबन्ध निष्पादित हुआ। निष्पादित अनुबन्ध के अन्तर्गत फर्म को रेडी टू ईट (पंजीरी) प्रसंस्करण कार्य हेतु कोलकाता स्थित सी0 एण्ड एफ0 एजेन्ट के गोदाम से रिफाइन्ड वेजीटेबिल (आर0वी0) आॅयल को उत्पादन इकाई बरेली तक लाने तथा पोषाहार को तैयार करने के उपरान्त प्रदेश की परियोजनाओं पर परिवहन किया जाना था। फर्म के प्रबन्धक द्वारा 10 अक्टूबर, 2003 को फर्म के गोदाम से 244 पेल्स रिफाइन्ड वेजीटेबिल (आर0वी0) आॅयल की चोरी की एफ0आई0आर0 (संख्या-117) जनपद बरेली के कैण्ट थाने में लिखाई गयी थी, जो विवेचना/जांच में असत्य पायी गयी।
इसके अलावा मे0, खण्डेलवाल सोया इण्डस्ट्रीज, बरेली द्वारा राज्य पोषित योजना के अन्तर्गत प्रदेश की परियोजनाओं में आपूर्ति किये गये बिस्कुट पर 16 प्रतिशत उत्पाद शुल्क को सम्मिलित करते हुए भुगतान विभाग से प्राप्त किया गया जबकि देय उत्पाद शुल्क मार्च, 2003 में 16 प्रतिशत के स्थान पर घटकर 08 प्रतिशत हो गया था। विभाग के अन्तर्गत आपूर्ति किये गये न्यूट्री बिस्कुट की फर्म स्वयं उत्पादनकर्ता नहीं थी, बल्कि बाहर से बिस्कुट खरीद कर ही आपूर्ति करती थी।
प्रवक्ता ने बताया कि फर्म ने यह सभी तथ्य छुपाते हुए निदेशालय को अन्धकार में रखकर जानबूझ कर केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क को पूर्ववत बढ़े हुए दर से बिल प्रस्तुत किये। मामले की आर्थिक अपराध संगठन द्वारा जांच की गई। जांच आख्या में जांच एजेन्सी ने फर्म को दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध भा0द0वि0 की संगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराकर फर्म को काली सूची में डाले जाने की संस्तुति की है। इसके क्रम में राज्य सरकार द्वारा इस फर्म को ब्लैक लिस्टेड घोषित कर दिया गया है।