प्रदेश को लाॅकडाउन करने का निर्णय: मुख्यमंत्री


     राज्य सरकार का 25 से 27 मार्च, 2020 तक पूरे प्रदेश को लाॅकडाउन करने का निर्णय,कोरोना वायरस पर नियंत्रण व जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत यह कदम आवश्यक,सभी जनपदों के जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में आज ही आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश राज्य सरकार का 25 से 27 मार्च, 2020 तक पूरे प्रदेश को लाॅकडाउन करने का निर्णय।


 

    कोरोना वायरस पर नियंत्रण व जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत यह कदम आवश्यक,सभी जनपदों के जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में आज ही आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश।कोरोना पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयासों एवं लाॅकडाउन की माॅनीटरिंग के लिए मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास 

आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में 04 कमेटियां गठित।जनपद स्तर पर इसी प्रकार कमेटियों का गठन करने के निर्देश कोरोना वायरस के सम्बन्ध में फेक न्यूज़ प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश।मुख्यमंत्री की निर्णय को क्रियान्वित करने में दवा विक्रेता संगठनों व व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से समर्थन व सहयोग की अपील।बीमारी से निपटने के लिए टीम वर्क के साथ कार्य करने की आवश्यकता कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए 11,000 अतिरिक्त आइसोलेशन बेड तैयार।लाॅकडाउन को लागू करने में लापरवाही नहीं बरती जाए, किन्तु किसी भी व्यक्ति के साथ दुव्र्यवहार न हो,श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार निर्माण श्रमिकों के खातों में 01-01 हजार रु0 की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से आज हस्तांतरित।मुख्यमंत्री की समस्त जिलाधिकारियों, जनपदों के पुलिस अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित जनपदों के दवा विक्रेता संघों एवं व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग।


       लखनऊ 24 मार्च,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार ने 25 से 27 मार्च, 2020 तक पूरे प्रदेश को लाॅकडाउन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी जनपदों के जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में आज ही आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन, रविवार 22 मार्च, 2020 को सम्पन्न ‘जनता कफ्र्यू’ की तर्ज पर कराया जाए। इस सम्बन्ध में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाए। इस निर्णय को क्रियान्वित करने में दवा विक्रेता संगठनों व व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से समर्थन व सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण व जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत यह कदम आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर समस्त जिलाधिकारियों, जनपदों के पुलिस अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित जनपदों के दवा विक्रेता संघों एवं व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जूझ रही है। इटली, चीन आदि देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस बीमारी में थोड़ी सी भी लापरवाही से बड़ी संख्या में मृत्यु हो जाती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है। यहां आबादी का घनत्व भी अधिक है। इसलिए कोरोना वायरस से फैलने वाली बीमारी प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है। बीमारी से निपटने के लिए टीम वर्क के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। इसके दृष्टिगत आपदा का सामना करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 22 मार्च, 2020 को प्रधानमंत्री जी के जनता कफ्र्यू के आह्वान में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सम्पन्न कार्यवाही की सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भी की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले 15 जनपदों को लाॅकडाउन किया गया था। तत्पश्चात पीलीभीत व जौनपुर में लाॅकडाउन किया गया। जनपद शामली में एक व्यक्ति की कोरोना पाॅज़िटिव पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से जनपद को लाॅकडाउन करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रकार अब प्रदेश में कुल 18 जनपदों में लाॅकडाउन हो गया है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन को लागू करने में लापरवाही नहीं बरती जाए, किन्तु किसी भी व्यक्ति के साथ दुव्र्यवहार न हो। आवश्यकता पड़ने पर उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शामली में कोरोना पाॅज़िटिव पाया गया मरीज 15 मार्च, 2020 को सऊदी अरब से आया था। जौनपुर में कोरोना पाॅज़िटिव पाया गया मरीज भी 14 या 15 मार्च, 2020 को बाहर से आया था। इस दौरान इनके सम्पर्क में आये लोगों में वायरस के संक्रमण की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही की गयी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए 11,000 अतिरिक्त आइसोलेशन बेड तैयार कर लिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से संक्रमण को सीमित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये हैं। नेपाल के साथ राज्य की सीमा सहित पड़ोसी राज्यों के साथ प्रदेश की सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। परिवहन निगम की बसों का संचालन भी बन्द कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को तात्कालिक आवश्यकतानुसार बसें चलाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत पान, मसाला, गुटका आदि पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर थूका न जाए। उन्होंने दिनांक 14 अप्रैल, 2020 तक पार्काें आदि में टहलने पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश भी दिये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने दवा विक्रेता संघ तथा व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से अपील की कि सरकारी कार्यवाही में सभी संगठन मिलकर योगदान करें। दवा, खाद्यान्न सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनायी रखी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या मुनाफाखोरी किसी भी दशा में न होने पाए। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों में दवा विक्रेता संगठन एवं व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से पूरा सहयोग करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कृत्य गैरकानूनी होने के साथ-साथ अमानवीय और अनैतिक भी है। उन्होंने कहा कि मास्क, ग्लव्स, सैनेटाइज़र आदि की उपलब्धता बनायी रखी जाए। जनता को इसके लिए कोई दिक्कत न होने पाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दवा तथा खाद्यान्न आदि की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित करें कि दुकानों पर एक समय 02 से अधिक व्यक्ति न रहें। कोरोना को परास्त करने की लड़ाई में सभी व्यापारियों विशेषकर दवा एवं खाद्यान्न विक्रेताओं का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने व्यापारी प्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयासों एवं लाॅकडाउन की माॅनीटरिंग के लिए 04 कमेटियां गठित की गयी हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में तीन अन्य कमेटियों का गठन किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी सभी कार्यांे का अनुश्रवण करने के साथ ही राज्य में बाहर से आने वाले व्यक्तियों की माॅनीटरिंग से सम्बन्धित कार्यवाही सम्पादित कराएगी। माॅनीटरिंग सम्बन्धी इस कार्यवाही में, विभिन्न औद्योगिक, व्यावसायिक, वाणिज्यिक आदि प्रतिष्ठानों के बन्द होने के उपरान्त इनमें कार्य कर रहे लोगों को वे जहां हैं वहीं पर रुकने के लिए जागरूक किया जाएगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी आवश्यक वस्तुओं यथा सब्जी, दूध, खाद्यान्न, पशु चारा, पोल्ट्री चारा, मछली चारा आदि की सुचारु आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए मोहल्लों में ठेले अथवा होम डिलीवरी की व्यवस्था की जाए। इस कार्य में नेहरू युवा केन्द्र, सिविल डिफेंस, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के वाॅलेण्टियर का सहयोग प्राप्त किया जाए।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी विभिन्न प्रतिष्ठानों के बन्द होने के उपरान्त इनमें कार्यरत श्रमिकों को सवेतन अवकाश एवं उनके भरण-पोषण के लिए आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित कराएगी। अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी कोरोना वायरस के नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों यथा लाॅकडाउन आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएगी। जनपद स्तर पर भी इसी प्रकार कमेटियों के गठन के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कोरोना वायरस के सम्बन्ध में फेक न्यूज़ प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि लाॅकडाउन अवधि के दौरान सी0एम0 हेल्पलाइन 1076 का इस्तेमाल कर आमजन अपनी शिकायत घर बैठे दर्ज करा सकते हैं। किसी विशेष परिस्थिति में यू0पी0 112 सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी प्रकार, आवश्यकतानुरूप ‘108’ ‘102’ एम्बुलेंस तथा ए0एल0एस0 सेवा का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दैनिक रूप से कार्य करके अपने व अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले व्यक्तियों के सहायतार्थ राज्य सरकार ने अनेक निर्णय लिये हैं। श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार निर्माण श्रमिकों के खातों में 01-01 हजार रुपये की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से आज हस्तान्तरित कर दी गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि ठेला, खोमचा, साप्ताहिक बाजार से जुड़े दिहाड़ी श्रमिकों, रिक्शा चालकों, ई-रिक्शा चालकों के खातों में 1000 रुपये हस्तांतरित किये जाएंगे। लगभग 1 करोड़ 65 लाख अन्त्योदय योजना, मनरेगा तथा श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं दिहाड़ी मजदूरों को 01 माह का निःशुल्क राशन अप्रैल 2020 के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराया जाएगा। विभिन्न पेंशन योजनाओं के 83.83 लाख लाभार्थियों को तीन माह की अग्रिम पेंशन अप्रैल माह पेंशन दी जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, श्री पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।



 

कोरोना पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयासों एवं लाॅकडाउन की माॅनीटरिंग के लिए 

मुख्य सचिव, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास 

आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में 04 कमेटियां गठित

 

जनपद स्तर पर इसी प्रकार कमेटियों का गठन करने के निर्देश

 

कोरोना वायरस के सम्बन्ध में फेक न्यूज़ प्रसारित 

करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश

 

मुख्यमंत्री की निर्णय को क्रियान्वित करने में दवा विक्रेता संगठनों व 

व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से समर्थन व सहयोग की अपील

 

बीमारी से निपटने के लिए टीम वर्क के साथ कार्य करने की आवश्यकता

 

कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध 

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी

 

कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए 

11,000 अतिरिक्त आइसोलेशन बेड तैयार

 

लाॅकडाउन को लागू करने में लापरवाही नहीं बरती जाए, 

किन्तु किसी भी व्यक्ति के साथ दुव्र्यवहार न हो

 

श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार 

निर्माण श्रमिकों के खातों में 01-01 हजार रु0 की धनराशि 

आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से आज हस्तांतरित

 

मुख्यमंत्री की समस्त जिलाधिकारियों, जनपदों के पुलिस अधिकारियों, 

मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित जनपदों के दवा विक्रेता संघों एवं 

व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग


लखनऊ: 24 मार्च, 2020


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य सरकार ने 25 से 27 मार्च, 2020 तक पूरे प्रदेश को लाॅकडाउन करने का निर्णय लिया है। उन्होंने सभी जनपदों के जिला प्रशासन को इस सम्बन्ध में आज ही आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन, रविवार 22 मार्च, 2020 को सम्पन्न ‘जनता कफ्र्यू’ की तर्ज पर कराया जाए। इस सम्बन्ध में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक किया जाए। इस निर्णय को क्रियान्वित करने में दवा विक्रेता संगठनों व व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से समर्थन व सहयोग की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस पर नियंत्रण व जनस्वास्थ्य के दृष्टिगत यह कदम आवश्यक एवं महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर समस्त जिलाधिकारियों, जनपदों के पुलिस अधिकारियों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों सहित जनपदों के दवा विक्रेता संघों एवं व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों के साथ वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरी दुनिया वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से जूझ रही है। इटली, चीन आदि देशों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि इस बीमारी में थोड़ी सी भी लापरवाही से बड़ी संख्या में मृत्यु हो जाती है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य है। यहां आबादी का घनत्व भी अधिक है। इसलिए कोरोना वायरस से फैलने वाली बीमारी प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती है। बीमारी से निपटने के लिए टीम वर्क के साथ कार्य करने की आवश्यकता है। इसके दृष्टिगत आपदा का सामना करने के लिए सभी को मिलकर कार्य करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 22 मार्च, 2020 को प्रधानमंत्री जी के जनता कफ्र्यू के आह्वान में सभी का सहयोग प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में सम्पन्न कार्यवाही की सराहना विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा भी की गयी।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले 15 जनपदों को लाॅकडाउन किया गया था। तत्पश्चात पीलीभीत व जौनपुर में लाॅकडाउन किया गया। जनपद शामली में एक व्यक्ति की कोरोना पाॅज़िटिव पाये जाने पर तत्काल प्रभाव से जनपद को लाॅकडाउन करने का निर्णय लिया गया है। इस प्रकार अब प्रदेश में कुल 18 जनपदों में लाॅकडाउन हो गया है। उन्होंने कहा कि लाॅकडाउन को लागू करने में लापरवाही नहीं बरती जाए, किन्तु किसी भी व्यक्ति के साथ दुव्र्यवहार न हो। आवश्यकता पड़ने पर उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शामली में कोरोना पाॅज़िटिव पाया गया मरीज 15 मार्च, 2020 को सऊदी अरब से आया था। जौनपुर में कोरोना पाॅज़िटिव पाया गया मरीज भी 14 या 15 मार्च, 2020 को बाहर से आया था। इस दौरान इनके सम्पर्क में आये लोगों में वायरस के संक्रमण की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा कार्यवाही की गयी है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों के लिए 11,000 अतिरिक्त आइसोलेशन बेड तैयार कर लिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना वायरस से संक्रमण को सीमित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाये हैं। नेपाल के साथ राज्य की सीमा सहित पड़ोसी राज्यों के साथ प्रदेश की सीमा को पूरी तरह सील कर दिया गया है। परिवहन निगम की बसों का संचालन भी बन्द कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को तात्कालिक आवश्यकतानुसार बसें चलाने के निर्देश दिये गये हैं। उन्होंने कहा कि संक्रमण की संभावना के दृष्टिगत पान, मसाला, गुटका आदि पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया जाए। सार्वजनिक स्थानों पर थूका न जाए। उन्होंने दिनांक 14 अप्रैल, 2020 तक पार्काें आदि में टहलने पर प्रतिबन्ध लगाने के निर्देश भी दिये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने दवा विक्रेता संघ तथा व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से अपील की कि सरकारी कार्यवाही में सभी संगठन मिलकर योगदान करें। दवा, खाद्यान्न सहित सभी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनायी रखी जाए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि कालाबाजारी, जमाखोरी या मुनाफाखोरी किसी भी दशा में न होने पाए। प्रदेश सरकार के इन प्रयासों में दवा विक्रेता संगठन एवं व्यापार मण्डल के प्रतिनिधियों से पूरा सहयोग करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कृत्य गैरकानूनी होने के साथ-साथ अमानवीय और अनैतिक भी है। उन्होंने कहा कि मास्क, ग्लव्स, सैनेटाइज़र आदि की उपलब्धता बनायी रखी जाए। जनता को इसके लिए कोई दिक्कत न होने पाए।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कालाबाजारी, जमाखोरी अथवा मुनाफाखोरी करने वालों के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दवा तथा खाद्यान्न आदि की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का अनिवार्य रूप से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित करें कि दुकानों पर एक समय 02 से अधिक व्यक्ति न रहें। कोरोना को परास्त करने की लड़ाई में सभी व्यापारियों विशेषकर दवा एवं खाद्यान्न विक्रेताओं का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने व्यापारी प्रतिनिधियों से यह अपेक्षा की कि वे जिला प्रशासन के साथ मिलकर इस कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना पर नियंत्रण के लिए किये जा रहे प्रयासों एवं लाॅकडाउन की माॅनीटरिंग के लिए 04 कमेटियां गठित की गयी हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा, कृषि उत्पादन आयुक्त, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव गृह की अध्यक्षता में तीन अन्य कमेटियों का गठन किया गया है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी सभी कार्यांे का अनुश्रवण करने के साथ ही राज्य में बाहर से आने वाले व्यक्तियों की माॅनीटरिंग से सम्बन्धित कार्यवाही सम्पादित कराएगी। माॅनीटरिंग सम्बन्धी इस कार्यवाही में, विभिन्न औद्योगिक, व्यावसायिक, वाणिज्यिक आदि प्रतिष्ठानों के बन्द होने के उपरान्त इनमें कार्य कर रहे लोगों को वे जहां हैं वहीं पर रुकने के लिए जागरूक किया जाएगा।
कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी आवश्यक वस्तुओं यथा सब्जी, दूध, खाद्यान्न, पशु चारा, पोल्ट्री चारा, मछली चारा आदि की सुचारु आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित कराएगी। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए मोहल्लों में ठेले अथवा होम डिलीवरी की व्यवस्था की जाए। इस कार्य में नेहरू युवा केन्द्र, सिविल डिफेंस, सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं के वाॅलेण्टियर का सहयोग प्राप्त किया जाए।
अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त की अध्यक्षता में गठित कमेटी विभिन्न प्रतिष्ठानों के बन्द होने के उपरान्त इनमें कार्यरत श्रमिकों को सवेतन अवकाश एवं उनके भरण-पोषण के लिए आवश्यक प्रबन्ध सुनिश्चित कराएगी। अपर मुख्य सचिव, गृह की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया है। यह कमेटी कोरोना वायरस के नियंत्रण के परिप्रेक्ष्य में राज्य सरकार द्वारा लिये गये निर्णयों यथा लाॅकडाउन आदि का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराएगी। जनपद स्तर पर भी इसी प्रकार कमेटियों के गठन के निर्देश दिये गये हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कोरोना वायरस के सम्बन्ध में फेक न्यूज़ प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि लाॅकडाउन अवधि के दौरान सी0एम0 हेल्पलाइन 1076 का इस्तेमाल कर आमजन अपनी शिकायत घर बैठे दर्ज करा सकते हैं। किसी विशेष परिस्थिति में यू0पी0 112 सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी प्रकार, आवश्यकतानुरूप ‘108’ ‘102’ एम्बुलेंस तथा ए0एल0एस0 सेवा का भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दैनिक रूप से कार्य करके अपने व अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले व्यक्तियों के सहायतार्थ राज्य सरकार ने अनेक निर्णय लिये हैं। श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार निर्माण श्रमिकों के खातों में 01-01 हजार रुपये की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से आज हस्तान्तरित कर दी गयी है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा है कि ठेला, खोमचा, साप्ताहिक बाजार से जुड़े दिहाड़ी श्रमिकों, रिक्शा चालकों, ई-रिक्शा चालकों के खातों में 1000 रुपये हस्तांतरित किये जाएंगे। लगभग 1 करोड़ 65 लाख अन्त्योदय योजना, मनरेगा तथा श्रम विभाग में पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं दिहाड़ी मजदूरों को 01 माह का निःशुल्क राशन अप्रैल 2020 के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराया जाएगा। विभिन्न पेंशन योजनाओं के 83.83 लाख लाभार्थियों को तीन माह की अग्रिम पेंशन अप्रैल माह पेंशन दी जाएगी।
इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त श्री आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी, श्री पुलिस महानिदेशक श्री हितेश सी0 अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री अमित मोहन प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।