प्रदेश में कोरोना फ्लू की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में: मुख्यमंत्री


मुख्यमंत्री ने कोरोना फ्लू से सम्बन्धित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित किया।

राज्य सरकार, भारत सरकार के निर्देशन में कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार,प्रदेश में अब तक 1268 बेड के आइसोलेटेड वार्ड बनाये गये।

चिकित्सकों, पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ आदि के प्रशिक्षण के विशेष कार्यक्रम सुनिश्चित किये गये हैं।

गोरखपुर के बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज तथा बी0एच0यू0 में कोरोना की जांच के लिए नमूने लेने की व्यवस्था की जा रही ह।

पंचायतीराज, ग्राम्य विकास तथा नगर विकास विभाग को व्यापक जागरूकता कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश।

22 मार्च, 2020 तक बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के सभी विद्यालयों और कौशल विकास से जुड़े सभी संस्थानों को बन्द करने के निर्देश, जिन संस्थाओं में परीक्षाएं चल रही हैं वहां यथावत परीक्षाएं सम्पन्न करायी जाएंगी।

भारत-नेपाल सीमा के सभी चेक पोस्टों पर थर्मल एनालाइजर स्थापित किये गये,प्रदेश के सभी हवाई अड्डो पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था,कोरोना फ्लू एक संक्रामक रोग, बचाव ही इसका उपचार।

मुख्यमंत्री ने लोगों से भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों मं कम से कम शिरकत करने की अपील की,जनपदों में कोरोना फ्लू से निपटने के लिए कण्ट्रोल रूम स्थापित।

 

        लखनऊ 13 मार्च,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यहां लोक भवन में कोरोना फ्लू से सम्बन्धित एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद मीडिया प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। राज्य सरकार द्वारा डेढ़ महीने पहले ही इसके लिए कार्यवाही प्रारम्भ कर दी गयी थी। प्रदेश में कोरोना फ्लू से बचाव के लिए जो भी आवश्यक सावधानियां और सकर्तता बरती जानी चाहिए थी, उसके बारे में एडवायजरी भी जारी की गयी थी। राज्य सरकार, भारत सरकार के निर्देशन में कोरोना वायरस से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। प्रदेश सरकार को भारत सरकार से किट भी प्राप्त हो गयी है। सरकारी और निजी मेडिकल काॅलेजों में 448 बेड आइसोलेशन वार्ड के रूप में सुरक्षित किये गये हैं। सभी 75 जनपदों के जिला चिकित्सालयों में 820 बेड की व्यवस्था आइसोलेशन वार्ड के तहत की गयी है। इस तरह प्रदेश में अब तक 1268 बेड के आइसोलेटेड वार्ड की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है।

     मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों, पैरामेडिकल व नर्सिंग स्टाफ आदि के प्रशिक्षण के विशेष कार्यक्रम सुनिश्चित किये गये हैं। अब तक 4,100 से अधिक चिकित्सकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। विभिन्न चिकित्सालयों के चिकित्सकों, पैरामेडिकल स्टाफ, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशिक्षण देने के लिए समयबद्ध रूप से विशेष अभियान चलाये जा रहे हैं। उन्होंने संचारी रोग नियंत्रण अभियान के माध्यम से भी लोगों को जागरूक किये जाने के निर्देश दिये हैं। 

     मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तीन स्थानों-लखनऊ स्थित के0जी0एम0यू.,एस0जी0पी0जी0आई0 और अलीगढ़ मंे कोरोना वायरस के नमूने लेने की व्यवस्था पहले से थी। इसके अलावा, गोरखपुर के बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज तथा बी0एच0यू0 में भी जांच के लिए नमूने लेने की व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक मेडिकल काॅलेज में कोरोना वायरस के नमूने एकत्र करने तथा जांच की सुविधा को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की गयी है। प्रदेश में कोरोना फ्लू से इन्फेक्टेड 11 मरीज पाये गये हैं। इनमं 10 मरीजों का उपचार नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में और एक का इलाज के0जी0एम0यू0 लखनऊ में चल रहा है।  22 मार्च, 2020 तक बेसिक, माध्यमिक, उच्च और प्राविधिक शिक्षा के सभी विद्यालयों और कौशल विकास से जुड़े सभी संस्थानों को बन्द करने के निर्देश दिये गये हैं। जिन संस्थाओं में परीक्षाएं चल रही हैं वहां यथावत परीक्षाएं सम्पन्न करायी जाएंगी। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना फ्लू एक संक्रामक रोग है। बचाव ही इसका उपचार है। पंचायतीराज, ग्राम्य विकास तथा नगर विकास विभाग को व्यापक जागरूकता के कार्यक्रम संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं। बेसिक, माध्यमिक, उच्च तथा व्यावसायिक शिक्षा विभाग को सम्बन्धित संस्थानों में कोरोना फ्लू के सम्बन्ध में हैण्डबिल व पोस्टर के माध्यम से जागरूकता गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिये गये हैं। 

      कोरोना फ्लू एक संक्रामक रोग है, इसलिए सावधानी बरतना अत्यन्त आवश्यक है। इसके लिए जरूरी है कि हाथ न मिलाये, नियमित हाथ धोने की समुचित व्यवस्था हो, विद्यालय आदि में परीक्षार्थियों के बैठने से पूर्व उनके स्थान साफ-सुथरे किये जाएं। रेलवे व बस स्टेशनों पर व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था सुनिश्चित की गयी है। भारत सरकार और वैश्विक रूप से यह संदेश प्रचारित है कि किसी भी प्रकार की मास गैदरिंग इस समय नहीं होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की है कि भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों म कम से कम शिरकत करें। 

     मुख्यमंत्री  ने लोगों से अपील की कि कोरोना फ्लू के लिए पैनिक होने की आवश्यकता नहीं है। इस बीमारी से निपटने के लिए एपिडेमिक एक्ट के अन्तर्गत कुछ विशेषाधिकार शक्तियों को हासिल किया गया है। इससे हम लोग हर एक व्यक्ति के लिए उपचार की व्यवस्था और आवश्यकता पड़ने पर आईसोलेट करने की व्यवस्था कर सकेंगे, जिससे बीमारी के संक्रमण को रोका जा सके। स्वास्थ्य विभाग इस सम्बन्ध में एक नोटिफिकेशन भी जारी कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग को लोगों को इसके लिए भी जागरूक करने के निर्देश दिये गये हैं कि संक्रमित व संदिग्ध व्यक्ति ही मास्क पहने। मास्क, ग्लव्स आदि की कालाबाजारी न हो इसकी पूर्ण व्यवस्था की गयी है। 

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भारत-नेपाल सीमा के सभी चेक पोस्टों पर थर्मल एनालाइजर स्थापित किये गये हैं। साथ ही, राउण्ड दि क्लाॅक डाॅक्टर्स की टीम भी यहां पर तैनात की गयी है। प्रदेश के सभी हवाई अड्डो पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गयी है। एन0सी0आर0 के तहत गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ व आस-पास के क्षेत्रों में विशेष सकर्तता बरतने के निर्देश दिये गये हैं। प्रत्येक जनपदों में कोरोना फ्लू से निपटने के लिए कण्ट्रोल रूम स्थापित किये गये हैं।