प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पूरा देश इस विश्वव्यापी समस्या से लड़ने के लिए तैयार: मुख्यमंत्री


   मुख्यमंत्री ने श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार निर्माण श्रमिकों के खातों में 1000 रु0 

की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से हस्तांतरित की।कोरोना एक वैश्विक महामारी के रूप में उत्पन्न हुआ है।दिहाड़ी मजदूरों के भरण-पोषण की व्यवस्था सरकार ने तय की विभिन्न पेंशन योजनाओं से यथा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला तथा दिव्यांगजन को त्रैमासिक पेंशन का भुगतान किया जाए,प्रतिदिन कमाने वालों को एक माह का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए।

 

   लखनऊ 24 मार्च, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास 5, कालिदास मार्ग पर श्रमिक भरण-पोषण योजना के तहत 5 लाख 97 हजार निर्माण श्रमिकों के खातों में 01-01 हजार रुपये की धनराशि आर0टी0जी0एस0 के माध्यम से हस्तांतरित की। इस अवसर पर उन्होंने एक लाभार्थी को प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किया।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कोरोना एक वैश्विक महामारी के रूप में उत्पन्न हुआ है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में पूरा देश इस विश्वव्यापी समस्या से लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों के भरण-पोषण की व्यवस्था सरकार ने तय की है। उन्होंने नगर विकास विभाग को निर्देशित किया है कि खोमचा आदि लगाने वालों को पहली किश्त शीघ्र उनके खातों में उपलब्ध करा दी जाए।

मुख्यमंत्री जी ने समाज कल्याण तथा दिव्यांगजन विभाग को निर्देशित किया है कि विभिन्न पेंशन योजनाओं से यथा वृद्धावस्था, निराश्रित महिला तथा दिव्यांगजन को त्रैमासिक पेंशन का भुगतान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि प्रतिदिन कमाने वालों को एक माह का खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। इसके अन्तर्गत 20 किलो गेहूं तथा 15 किलो चावल दिया जाता है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना से आच्छादित न होने वाले ग्रामीण व शहरी लोगों को चिन्हित कर जिलाधिकारी की संस्तुति पर उनके भरण-पोषण की व्यवस्था की जाए।

ज्ञातव्य है कि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा दिनांक 23 मार्च, 2020 को पंजीकृत भवन निर्माण श्रमिकों हेतु ‘आपदा राहत सहायता योजना’ अधिसूचित की गयी थी। इस योजना में किसी भी लाभार्थी को हितलाभ प्राप्त करने के लिए कोई आवेदन-पत्र प्रस्तुत नहीं करना है। योजना के अन्तर्गत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के हितार्थ वर्तमान आपदा की स्थिति में जबकि निर्माण श्रमिकों की जीविका एवं उनके भरण-पोषण का संकट उत्पन्न होने की संभावना है। ऐसी स्थिति में दैनिक मजदूरी करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को भरण-पोषण करने हेतु आपदा काल में आर्थिक सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। इससे उनके समक्ष परिवार के भरण-पोषण का संकट उत्पन्न न हो एवं उन्हें भुखमरी की स्थिति का सामना न करना पड़े। अपर/उप/सहायक श्रमायुक्त के माध्यम से आर्थिक सहायता सीधे अन्तरित करने की व्यवस्था है। साथ ही, बोर्ड द्वारा इस सम्बन्ध में सभी जनपदों में कुल 203.77 करोड़ रुपये का बजट भी जारी कर दिया गया है। जनपदों को प्रथम चरण में 59.70 करोड़ रुपये की धनराशि भी अन्तरित कर दी गयी है। मांग के अनुसार तत्काल अतिरिक्त धनराशि भी जनपदों को उपलब्ध करा दी जाएगी। पूरे प्रदेश में आज 5.97 लाख श्रमिकों के बैंक खातों में धनराशि अन्तरण की कार्यवाही की जा रही है।इस अवसर पर श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री  एस0पी0 गोयल, पुलिस महानिदेशक  हितेश चन्द्र अवस्थी, सूचना निदेशक शिशिर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।