राशन की दुकानें बैंकों के खुलने के समय से भिन्न समय में खुलें: मुख्य सचिव

       बड़ी संख्या में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा लोगों को उनके बैंक खातों में दी गई धनराशि तथा राशन दुकानों पर खाद्यान्न की व्यवस्था के दृष्टिगत कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोग बैंकों एवं राशन की दुकानों में आने की संभावना। राशन की दुकानें एवं बैंकों में बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा न हो और सोशल डिस्टेंसिंग के नार्म्स का पालन किया जाये।आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के कार्य कर रहे कर्मियों एवं मजदूरों को भोजन तथा आवश्यक दवायें आदि की उपलब्धता रहे।लाॅकडाउन को प्रभावी ढंग से लागू किया जाये तथा कोई भी अनावश्यक रूप से घर के बाहर न निकले व सड़कों पर दिखाई न दें। लाॅकडाउन आदेशों के विपरीत अनावश्यक रूप से पैदल चलने वाले व्यक्तियों को भी ऐसा न करने दिया जाये व उन्हें आवश्यकतानुसार शेल्टरहोम्स में रखा जाये। मुख्य सचिव ने समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये निर्देश।

    लखनऊ: 31 मार्च,  मुख्य सचिव ने कहा है कि बड़ी संख्या में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा लोगों को उनके बैंक खातों में दी गई धनराशि तथा राशन दुकानों पर खाद्यान्न की व्यवस्था के दृष्टिगत कुछ दिनों में बड़ी संख्या में लोग बैंकों एवं राशन की दुकानों में आ सकते हैं। ऐसे में समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों यह सुनिश्चित करायें कि राशन की दुकानें बैंकों के खुलने के समय से भिन्न समय में खुलें। यह भी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये कि इन स्थानों पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा न हो और सोशल डिस्टेंसिंग के नाम्र्स का पालन हो। इन स्थानों पर आवश्यक पुलिस व्यवस्था भी की जाये।
     कोविड-19 के प्रभावी नियंत्रण एवं जन सामान्य की सुविधा हेतु मुख्य सचिव ने यह निर्देश समस्त मण्डलायुक्तों, जिलाधिकारियों एवं वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को परिपत्र निर्गत कर दिये हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न आवश्यक वस्तुओं एवं सेवाओं के कार्य कर रहे कर्मियों एवं मजदूरों को भोजन तथा आवश्यक दवायें आदि की उपलब्धता रहे। कम्प्युनिटी किचन एवं रैन बसेरे पर्याप्त संख्या में संचालित हों तथा उसमें चिकित्सीय जांच, भोजन, दवायें एवं सोशल डिस्टेंसिंग की पूरी व्यवस्था हो। इस कार्य में निजी एवं स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जाये। राजेन्द्र कुमार तिवारी ने यह भी निर्देश दिये कि लाॅकडाउन को प्रभावी ढंग से लागू किया जाये तथा कोई भी अनावश्यक रूप से घर के बाहर न निकले व सड़कों पर दिखाई न दं। खाली मालवाहक वाहनों को जाने दिया जाये, परन्तु यह भी सुनिश्चित किया जाये कि इसमें कोई सवारी न ढोई जायें। लाॅकडाउन आदेशों के विपरीत अनावश्यक रूप से पैदल चलने वाले व्यक्तियों को भी ऐसा न करने दिया जाये व उन्हें आवश्यकतानुसार शेल्टरहोम्स में रखा जाये।