शिक्षक राष्ट्र का भाग्य विधाता होता है: मुख्यमंत्री

     मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय सेमिनार-मिशन प्रेरणा एवं सी0एस0आर0 काॅन्क्लेव के उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित किया।सामाजिक विषमता को समाप्त करने के लिए पूरे देश में एक समान शिक्षा की आवश्यकता ,मिशन कायाकल्प के माध्यम 92 हजार से अधिक विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त किया गया।शिक्षकों को जनगणना के कार्य से जुड़ना चाहिए,अच्छी परफाॅर्मेन्स वाले शिक्षकों के ही नाम राष्ट्रपति पुरस्कार हेतु भेजे जाएं।शिक्षकों को समय-समय मंे रिफ्रेशर्स कोर्स कराए जाएं।08 आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा 150 आकांक्षात्मक विकास खण्डों के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है।आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी की व्यवस्था लागू करनी होगी।प्राथमिक पाठशालाओं में प्रवेश हेतु 05 वर्ष आयु की बाध्यता सीमा को समाप्त करना होगा।

मुख्यमंत्री द्वारा अपनी विधायक निधि की धनराशि जनपद गोरखपुर के विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था हेतु उपलब्ध करायी गयी।विद्यालयों में फर्नीचर के लिए दान किया गया है।मुख्यमंत्री ने ‘मिशन प्रेरणा’ के अन्तर्गत उ0प्र0 को प्रेरक प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए उपस्थित लोगों को शपथ दिलायी।मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत जनजागरूकता की दृष्टि से एल0ई0डी0 वैन, नुक्कड़ नाटक दल एवं बस ब्राण्डिंग को झण्डी दिखाकर रवाना किया।मुख्यमंत्री द्वारा 788 करोड़ रु0 की धनराशि से 350 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 9-12 की कक्षाओं के उच्चीकरण हेतु भवनों का शिलान्यास किया।

सामथ्र्य तथा शारदा तकनीकी प्रणाली का डिजिटल विमोचन, फाउण्डेशन लर्निंग माड्यूल आधारशिला, ध्यानाकर्षण, शिक्षण संग्रह का विमोचन किया गया।सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करने वाले 10 उत्कृष्ट अकादमिक रिसोर्स पर्सन (शिक्षक) पुरस्कृत।



लखनऊ 04 मार्च,
 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक शिक्षक को सर्वज्ञ होना चाहिए। शिक्षक राष्ट्र का भाग्य विधाता होता है। हमारी वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षकों की ऐसी श्रृंखला होनी चाहिए, जिससे वे अपने सामने आयी चुनौतियों से भागने के बजाए जूझने के लिए तैयार हो सकें। प्रत्येक शिक्षक को आचार्य चाणक्य का उदाहरण रखते हुए स्वयं को तैयार करना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने भारत को तत्कालीन विश्व की एक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया था। देश को स्वर्ण युग में पहुंचाने वाले आचार्य चाणक्य का भाव एक शिक्षक का आदर्श होना चाहिए।
       मुख्यमंत्री ने यह विचार आज यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार-मिशन प्रेरणा एवं सी0एस0आर0 काॅन्क्लेव के उद्घाटन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि सामाजिक विषमता को समाप्त करने के लिए पूरे देश में एक समान शिक्षा की आवश्यकता है। वर्तमान सरकार ने सत्ता में आते ही शिक्षा में आमूल-चूल परिवर्तन लाने का कार्य किया। इसके लिए बेसिक शिक्षा के स्कूलों में प्राॅक्सी टीचर्स पर रोक लगाने की कार्यवाही की गयी। मिशन कायाकल्प के माध्यम 92 हजार से अधिक विद्यालयों को अवस्थापना सुविधाओं से संतृप्त करने का कार्य किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने एन0सी0ई0आर0टी0 के पाठ्यक्रम को अपनाया है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शिक्षकों को जनगणना के कार्य से जुड़ना चाहिए। जनगणना के कार्य से शिक्षकों के पास एक-एक व्यक्ति का आंकड़ा होगा, जिससे वह अपने पठन-पाठन के कार्य को और बेहतर ढंग से कर सकेगा। सरकार के अन्तर्विभागीय समन्वय से पिछले तीन वर्षाें में 50 लाख बच्चों ने बेसिक स्कूलों मंे प्रवेश लिया। बेसिक शिक्षा परिषद ने शिक्षकों के लिए चार पुस्तकें तैयार की हंै, जिनसे व्यावहारिक जानकारियां प्राप्त करके आदर्श शिक्षक बना जा सकता है। यह पुस्तकें सभी शिक्षकों के पास तथा सभी प्रशिक्षण केन्द्र पर पहंुचायी जानी चाहिए।

 


      मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि आने वाले समय में नवाचारों में प्रत्येक जनपद में जिन शिक्षकों की परफाॅर्मेन्स अच्छी हो उनके ही नाम राष्ट्रपति पुरस्कार हेतु भेजे जाएं। आज आवश्यकता है कि शिक्षकों के लिए समय-समय मंे रिफ्रेशर्स कोर्स कराए जाएं। उन्होंने कहा कि 08 आकांक्षात्मक जनपदों की तर्ज पर राज्य सरकार द्वारा 150 आकांक्षात्मक विकास खण्डों के लिए कार्य योजना तैयार की जा रही है, जिससे इन ब्लाॅकों में सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सके।
        मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को गति देने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना संचालित की गयी है। इसके माध्यम से एक कन्या को विभिन्न चरणों में कुल 15000 रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी जा रही है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी में आने वाले बच्चों के लिए प्री-प्राइमरी की व्यवस्था लागू करनी होगी। इसके साथ ही, प्राथमिक पाठशालाओं में प्रवेश हेतु 05 वर्ष आयु की बाध्यता सीमा को समाप्त करना होगा।
       जनपद गोरखपुर में गैलेण्ट इस्पात ने भी कुछ स्कूलांे को गोद लेकर आपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों को अवस्थापना सुविधाओं से युक्त किया है। सी0एस0आर0 फण्ड से विद्यालयों को उच्चीकृत करने का प्रयास सराहनीय है। इण्डियन आॅयल कारपोरेशन द्वारा जनपद चित्रकूट में 45 स्कूलों में स्मार्ट क्लास हेतु सहायता प्रदान की जा रही है। स्वयं मेरे द्वारा अपनी विधायक निधि की धनराशि जनपद गोरखपुर के विद्यालयों में फर्नीचर की व्यवस्था हेतु उपलब्ध करायी गयी। अगर काॅरपोरेट सेक्टर मदद करे तो 31 मार्च, 2020 तक बेसिक शिक्षा परिषद के 01 लाख 58 हजार विद्यालयों में आॅपरेशन कायाकल्प के कार्यक्रमों को वृहद स्तर पर आगे बढ़ाया जा सकता है।
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री डाॅ0 दिनेश शर्मा ने कहा कि शिक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश में बदलाव लाने का कार्य किया जा रहा है। इसके दृष्टिगत शिक्षा के बजट को बढ़ाया भी गया है। वर्तमान सरकार ने प्रदेश को एक ही दिन में 28 निजी विश्वविद्यालय देने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे एक विद्यार्थी की भांति सदैव सीखने की प्रवृत्ति जगाए रखें।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने कहा कि मुख्यमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में शिक्षा के क्षेत्र में नित नये कीर्तिमान स्थापित हो रहे हैं। वर्तमान सरकार शिक्षा पर विशेष ध्यान दे रही है। जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।  

 


       नीति आयोग के सलाहकार आलोक कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण पर ध्यान देकर ही उच्च विकास दर के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। मिशन प्रेरणा के माध्यम से शिक्षा में गुणावत्ता आयी है। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर रही है।इससे पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने ‘मिशन प्रेरणा’ के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश को प्रेरक प्रदेश के रूप में विकसित करने के लिए उपस्थित लोगों को शपथ दिलायी।
         मुख्यमंत्री ने बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत जनजागरूकता की दृष्टि से एल0ई0डी0 वैन, नुक्कड़ नाटक दल एवं बस ब्राण्डिंग को झण्डी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर लगाये गये स्टाॅलों का अवलोकन किया।
      मुख्यमंत्री  द्वारा 788 करोड़ रुपये की धनराशि से 350 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में 9-12 की कक्षाओं के उच्चीकरण हेतु भवनों का शिलान्यास किया गया,सहयोगात्मक पर्यवेक्षण करने वाले 10 उत्कृष्ट अकादमिक रिसोर्स पर्सन (शिक्षक) को पुरस्कृत किया गया। एक लघु फिल्म ‘मिशन प्रेरणा’ भी दिखायी गयी। सामथ्र्य तकनीकी प्रणाली तथा शारदा तकनीकी प्रणाली का डिजिटल विमोचन, फाउण्डेशन लर्निंग माड्यूल आधारशिला, ध्यानाकर्षण, शिक्षण संग्रह का विमोचन किया गया।
ज्ञातव्य है कि बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने तथा विद्यालयों में पठन-पाठन का बेहतर वातावरण विकसित करने हेतु सी0एस0आर0 फर्म के प्रस्ताव प्राप्त किये गये थे। इसके लिए 109 संस्थाओं से राज्य एवं जनपद स्तर पर 114 करोड़ रुपये के एम0ओ0यू0 का अनुबन्ध किया गया। सचिव बेसिक शिक्षा श्री संजय गोयल ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा रेणुका कुमार, महानिदेशक बेसिक शिक्षा विजय किरण आनन्द सहित शिक्षणगण व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।