उ0प्र0 जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास (प्रथम संशोधन) नियमावली-2020 प्रख्यापित
मंत्रिपरिषद ने उत्तर प्रदेश जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास (प्रथम संशोधन) नियमावली-2020 के प्रख्यापन को मंजूरी प्रदान कर दी है। ज्ञातव्य है कि जिला खनिज फाउण्डेशन न्यासों की संरचना और उनके कृत्यों का विनियमन करने तथा खनन क्रियाकलापों के प्रभावित क्षेत्रों में विकास सम्बन्धी क्रियाकलाप सम्पादित करने की राीति को विहित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली-2017 प्रख्यापित की गयी थी, जो दिनांक 12 जनवरी, 2015 से प्रभावी है। 

जनपद स्तर पर गठित न्यास के कार्याें के निस्तारण का अधिकार प्रबन्ध समिति में निहित होता है, जिसका अध्यक्ष सम्बन्धित जिलाधिकारी होता है। न्यास का उद्देश्य जनपद स्तर पर खनन से प्रभावित लोगांे के पर्यावरण स्वास्थ्य और सामाजिक, आर्थिक व्यवस्था पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों को न्यून करना तथा उसमें कमी लाना है।

उपखनिजों के सम्बन्ध में खनिज परिहार/अनुज्ञा पत्रधारक द्वारा रायल्टी की धनराशि के 10 प्रतिशत के बराबर धनराशि का भुगतान न्यास निधि में किया जाता है, जो रायल्टी की धनराशि के अतिरिक्त होती है। नियमावली में उच्च प्राथमिकता के क्षेत्रों/मदों पर न्यास निधि की कम से कम 60 प्रतिशत व अन्य प्राथमिकता के क्षेत्रों/मदों पर शेष 40 प्रतिशत धनराशि व्यय किये जाने का प्राविधान है। 

उच्च प्राथमिकता के कार्याें में पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण उपाय के अन्तर्गत पर्यावरणीय सौहार्द एवं सम्पोषणीय खान विकास ;म्दअपवतदउमदज.तिपमदकसल ंदक ेनेजंपदंइसम उपदम कमअमसवचउमदजद्ध हेतु प्रदूषण नियंत्रण के तौर-तरीके व अन्य प्राथमिकता के क्षेत्रों में पर्यावरणीय गुणवत्ता में वृद्धि करने हेतु अन्य उपाय अपनाया जाना इंगित है। 

इसलिए वैज्ञानिक तरीके से खनिज क्षेत्रों का अध्ययन कर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डी0एस0आर0) तैयार करने, प्रदूषण नियंत्रण तथा पर्यावरण के अनुकूल सहनीय खान विकास के लिए अवैध खनन/परिवहन को नियंत्रित किये जाने हेतु आवश्यक तकनीकी अवसंरचना और उसके लिए अपेक्षित उपकरण तथा कर्मचारियों की व्यवस्था करने के लिए न्यास निधि से जनपद स्तर पर व्यय किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश जिला खनिज फाउण्डेशन न्यास नियमावली-2020 प्रख्यापित की गयी है।