‘उ0प्र0 सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रय नीति-2020’ को मंजूरी
      लखनऊ 13 मार्च,मंत्रिपरिषद ने ‘उत्तर प्रदेश सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रय नीति-2020’ को मंजूरी प्रदान कर दी है।
भारत सरकार की क्रय नीति के अनुरूप प्रदेश के शासकीय विभागों/उनके अधीनस्थ उपक्रमों में वार्षिक क्रय मूल्य के सापेक्ष कम से कम 20 प्रतिशत क्रय सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों से किये जाने के सम्बन्ध में प्रदेश सरकार द्वारा शासनादेश दिनांक 16-09-2014 द्वारा उ0प्र0 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्रय नीति-2014 प्रख्यापित की गयी थी।
भारत सरकार द्वारा अपनी अधिसूचना दिनांक 09-11-2018 द्वारा उक्त लक्ष्य को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इस 25 प्रतिशत लक्ष्य के अन्दर महिलाओं के स्वामित्व वाले उद्यमों से क्रय हेतु 03 प्रतिशत, अनूसूचित जाति/जनजाति के स्वामित्व वाले उद्यमों से क्रय हेतु 04 प्रतिशत का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पूर्व प्रख्यापित उ0प्र0 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्रय नीति-2014 के लागू होने के उपरान्त क्रय सम्बन्धी व्यवस्थाओं में हुये परिवर्तनों यथा प्रोक्योरमेन्ट लागू किये जाने, जेम पोर्टल से क्रय की व्यवस्था लागू किये जाने एवं केन्द्र सरकार द्वारा अपनी क्रय नीति में परिवर्तन किये जाने आदि के दृष्टिगत पूर्व प्रख्यापित उ0प्र0 सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम क्रय नीति-2014 में संशोधन/परिवर्द्धन आवश्यक हो गया।
नवीन उ0प्र0 सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्रय नीति-2020 में यथावश्यक संशोधनों को सम्मिलित करते हुए सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों हेतु निर्धारित वार्षिक क्रय के लक्ष्य में विशेष उपबन्ध के अधीन वार्षिक क्रय का 05 प्रतिशत लक्ष्य ग्रीन प्रोक्योरमेंट के सिद्धांत के अनुसार पर्यावरणीय अनुकूल उद्यमों द्वारा उत्पादित उत्पादों के क्रय या आपूर्ति हेतु निर्धारित किया गया है।
इस निर्णय से प्रदेश के सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को बढ़ावा मिलेगा तथा प्रदेश में पर्यावरणीय अनुकूल उद्यमों का विकास होगा, जिससे पर्यावरण में सुधार होगा। योजना के अन्तर्गत सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों तथा उनसे जुड़े उद्यमियों/कामगारों को सीधा लाभ प्राप्त होगा।