उत्तर प्रदेश में कोरोना से निपटने की सभी तैयारियां पूरी: योगी



      (  कोरोना वैश्विक महामारी है, इसलिए हमें अपनी कैपेसिटी बिल्डिंग करनी होगी: प्रधानमंत्री )

     प्रधानमंत्री ने विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के सम्बन्ध में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग की,राज्य सरकार द्वारा जनता को कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। नियमित अंतराल पर हैण्ड वाॅशिंग के विषय में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है।प्रदेश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सभी सावधानियां बरती जा रही हैं।कोरोना वायरस की रोकथाम में जनसहयोग भी लिया जा रहा है।सोशल काॅन्टैक्टिंग को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। 



     लखनऊ 20 मार्च, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोरोना वायरस (कोविड-19) की रोकथाम के सम्बन्ध में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आज आयोजित वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि राज्य में कोरोना से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी 75 जनपदों के जिला अस्पतालों में आइसोलेशन वाॅडर््स स्थापित किए गए हैं। इसके अलावा, पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों की व्यवस्था की गयी है। केन्द्र सरकार द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन किया जा रहा है। 

      मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 01 लाख आशा और आंगनबाड़ी कार्यकत्र्रियों को आवश्यक प्रशिक्षण दिया गया है। राज्य सरकार द्वारा जनता को कोरोना वायरस से रोकथाम के लिए जागरूक किया जा रहा है। नियमित अंतराल पर हैण्ड वाॅशिंग के विषय में भी लोगों को जागरूक किया जा रहा है। मास्क और सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। जांच की भी व्यवस्था की जा रही है। लखनऊ, प्रयागराज, झांसी, गोरखपुर सहित अन्य जनपदों में भी जांच की व्यवस्था की गयी है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए सभी सावधानियां बरती जा रही हैं। कोरोना वायरस की रोकथाम में जनसहयोग भी लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी सातों एयरपोर्ट्स पर थर्मल स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, सभी अंतर्राष्ट्रीय बाॅर्डर पर यात्रियों की स्कैनिंग की जा रही है। राज्य स्तर पर कण्ट्रोल रूम की भी स्थापना की गयी है। साथ ही, फाॅगिंग भी करायी जा रही है और साफ-सफाई की भी व्यवस्था की जा रही है। 

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सोशल काॅन्टैक्टिंग को कम करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा, जनसभाओं इत्यादि पर भी रोक लगा दी गयी है। साथ ही, शिक्षण संस्थाओं को भी बंद कर दिया गया है। एहतियात के तौर पर माॅल्स को भी बंद कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि धार्मिक, आध्यात्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक एवं मांगलिक गतिविधियों/कार्यक्रमों को 02 अप्रैल, 2020 तक स्थगित करने के लिए कहा गया है। धर्माचार्यों एवं धर्म गुरुओं से कोरोना वायरस के नियंत्रण के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की अपील की गई है।



              (लखनऊ, नोएडा और कानपुर शहर को सैनिटाइज़ किया जा रहा है: मुख्यमंत्री)


 

      मुख्यमंत्री ने कहा कि लखनऊ, नोएडा और कानपुर शहर को सैनिटाइज़ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में खाद्यान्न सहित रोजमर्रा के इस्तेमाल की सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता है। सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक वस्तुओं, सैनिटाइजर, मास्क तथा दवाओं की जमाखोरी रोकने के निर्देश दिए गए हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कड़ी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए हैं। 

      मुख्यमंत्री ने कहा कि खाने की होम डिलीवरी मान्य की गई है। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूरों की सहायता के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कोरोना की रोकथाम के सभी सम्भव प्रयास कर रही है। 

वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के दौरान प्रधानमंत्री जी ने सभी मुख्यमंत्रियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी अपने-अपने सुझाव केन्द्र सरकार को भेज दें। इसके अलावा, उपकरणों तथा कोरोना की रोकथाम, जांच तथा इलाज इत्यादि से सम्बन्धित अन्य आवश्यकताओं के सम्बन्ध में अपना अनुरोध शीघ्र केन्द्र सरकार को भेजें। उन्होंने कहा कि चूंकि कोरोना वैश्विक महामारी है, इसलिए हमें अपनी कैपेसिटी बिल्डिंग करनी होगी। नागरिकों को अनुशासित करना होगा। उन्होंने व्यापारी संगठनों और दवा विक्रेताओं से कालाबाजारी रोकने और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के सम्बन्ध में संवाद स्थापित करने पर बल दिया। उन्होंने कोरोना की रोकथाम के सम्बन्ध में जागरूकता फैलाने के लिए युवाओं की मदद लेने के लिए कहा। 

    प्रधानमंत्री ने आवश्यकता पड़ने पर रिटायर्ड पैरामेडिकल स्टाफ और एक्स सर्विसमैन की सेवाएं लेने के लिए कहा। उन्होंने सभी मुख्यमंत्रियों को कोरोना वायरस की स्थिति की माॅनीटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करने के लिए कहा। उन्होंने नागरिकों को जागरूक करने पर बल देते हुए कहा कि किसी भी दशा में पैनिक की स्थिति न बने।इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा रजनीश दुबे, प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण अमित मोहन प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।