वैकल्पिक गर्भगृह में चांदी के सिंहासन पर विराजमान हुए रामलला, सीएम योगी भी रहे मौजूद


      सुरेंद्र सिंह
अयोध्या, श्रीराम जन्मभूमि परिसर में नवनिर्मित वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला को शिफ्ट कर दिया गया। रामलला की स्थापना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को ही अयोध्या पहुंच गए थे।
       सीएम योगी आदित्यनाथ ब्रह्ममुहूर्त में साढ़े चार बजे श्रीराम जन्मभूमि परिसर में पहुंचे और लगभग एक घंटा वहां रहे। रामजन्मभूमि परिसर में चल रहे अनुष्ठान में सीएम योगी के साथ प्रधान पुजारी सत्येंद्र दास व ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपालदास के उत्तराधिकारी कमल नयन दास भी मौजूद रहे।
      रामलला अखिल ब्रह्मांड के नायक और सृष्टि नियंता के रूप में शिरोधार्य हैं, पर ऐतिहासिक तथ्य यह है कि उनकी जन्मभूमि की अस्मिता 492 वर्ष से संक्रमित रही है। गत नौ नवंबर को सुप्रीम फैसला आने के साथ श्रीराम जन्मभूमि की स्वायत्तता-संप्रभुता सुनिश्चित हुई और इसी क्रम में बुधवार को रामलला को टेंट के अस्थाई मंदिर से स्थानांतरित कर साज-सुविधा युक्त वैकल्पिक गर्भगृह में स्थापित कर दिया गया। इसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार की शाम साढ़े छह बजे अयोध्या पहुंच गए थे।
     मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामलला को शिरोधार्य कर अधिगृहीत परिसर के नवनिर्मित वैकल्पिक गर्भगृह में पहुंचाया। सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम के उपरांत भोर में रामलला की शिफ्टिंग के कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे। इसके लिए सोमवार से अनुष्ठान आरंभ हो चुका था। 10 वैदिक आचार्यों का समूह ने वेद मंत्रों के साथ रामलला को वैकल्पिक गर्भगृह में स्थापित किया। यह वैदिक विद्वान दिल्ली, प्रयागराज, काशी और अयोध्या के है।
     हालांकि रामलला के दिव्य-दैवी वैभव और उनसे जुड़ी अप्रतिम आस्था से न्याय तभी संभव होगा, जब भव्य मंदिर निर्माण के साथ प्रभु श्रीराम इस मंदिर के नियोजित-संयोजित भव्य और स्थाई गर्भगृह में विराजमान होंगे। विशेषज्ञों की मानें तो यह सब होने में ढाई से तीन वर्ष का समय लग सकता है। साढ़े नौ किलो चांदी के सिंहासन पर होंगे विराजमान 432 वर्ग फीट के वैकल्पिक गर्भगृह में रामलला की गरिमा व सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध और दर्शनार्थियों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा गया है।