विज्ञान प्रयोगशालाओं में उत्कृृष्ट स्तर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की

मुख्यमंत्री के समक्ष उ0प्र0 में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं 

के निर्माण कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण।

प्रयागराज को बी-श्रेणी से ए-श्रेणी में तथा गोण्डा व बरेली की प्रयोगशालाओं को सी-श्रेणी से बी-श्रेणी में परिवर्तित करने के निर्देश।प्यो गशालाओं के शीघ्र तैयार होने से फाॅरेन्सिक जांच शीघ्रता के साथ की जा सकेगी और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने में मदद मिलेगी।

 

 विज्ञान प्रयोगशालाओं में उत्कृृष्ट स्तर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

 

मुख्यमंत्री ने इमीग्रेशन चेक पोस्ट, गौरीफण्टा (खीरी) एवं 

रूपईडीहा (बहराइच) सम्बन्धी प्रस्तुतिकरण का भी अवलोकन किया।


लखनऊ 20 मार्च,
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने आज यहां अपने सरकारी आवास पर उत्तर प्रदेश में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यों की प्रगति के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया। उन्हांेने कहा कि प्रदेश के सभी 18 रेंज मुख्यालयों में विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जानी है। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं का निर्माण-गाजियाबाद, कन्नौज, प्रयागराज, गोरखपुर, झांसी, बरेली, अलीगढ़, गोण्डा, आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, बांदा, मिर्जापुर व सहारनपुर में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा इन प्रयोगशालाओं का निर्माण 03 श्रेणियों से हटाकर मात्र 02 श्रेणियों के तहत किया जाए। प्रयागराज को बी-श्रेणी से परिवर्तित करते हुए ए-श्रेणी में करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि निर्माण के समय ऐसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिनसे इनकी श्रेणी में परिवर्तन किया जा सके। उन्होंने गोण्डा व बरेली की प्रयोगशालाओं को सी-श्रेणी से बी-श्रेणी में परिवर्तित किए जाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री जी ने प्रदेश में निर्माणाधीन विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण कार्यांे को शीघ्रता के साथ सम्पादित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन प्रयोगशालाओं के शीघ्र तैयार होने से फाॅरेन्सिक जांच शीघ्रता के साथ की जा सकेगी और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं में उत्कृृष्ट स्तर की व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के निर्माण में आने वाली सभी समस्याओं को शीघ्रता से दूर किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयोगशालाओं का निर्माण पूरी गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए चरणबद्ध तरीके से समयबद्धता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
मुख्यमंत्री जी ने इन प्रयोगशालाओं के लिए उपकरणों की क्रय प्रक्रिया को पारदर्शितापूर्ण ढंग से सम्पादित करते हुए समयबद्ध कार्यवाही करते हुए उपकरणों की खरीद किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विधि विज्ञान प्रयोगशालाओं के लिए भी कार्यवाही करते हुए निदेशक सहित सभी पदों को शीघ्रता से भरा जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवनीश कुमार अवस्थी ने मुख्यमंत्री जी को अवगत कराया कि लखनऊ, वाराणसी, आगरा व मुरादाबाद में विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं कार्यशील हैं। गाजियाबाद, प्रयागराज, झांसी, अलीगढ़ व गोण्डा में कार्यों को 03 से 06 माह के भीतर पूर्ण कर लिया जाएगा। गाजियाबाद और झांसी की विधि विज्ञान प्रयोगशालाएं सितम्बर, 2020 तक कार्यशील हो जाएंगी। गोरखपुर, बरेली व कन्नौज में इन प्रयागशालाओं के निर्माण कार्य किए जा रहे हैं। आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, बांदा व मिर्जापुर के सम्बन्ध में प्रस्ताव प्रेषित किए गए हैं। सहारनपुर में प्रस्तावित विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लिए भूमि सम्बन्धी व्यवस्था की कार्यवाही की जा रही है।
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि इन प्रयोगशालाओं के लिए मानव संसाधन उपलब्ध कराने की भी कार्यवाही की जा रही है। निदेशक, संयुक्त निदेशक, उप निदेशक व वैज्ञानिक अधिकारी की नियुक्ति लोक सेवा आयोग द्वारा तथा वैज्ञानिक सहायक, प्रयोगशाला सहायक एवं कनिष्ठ प्रयोगशाला सहायक की भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जाएगी।इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी के समक्ष इमीग्रेशन चेक पोस्ट, गौरीफण्टा (खीरी) एवं रूपईडीहा (बहराइच) के सम्बन्ध में भी प्रस्तुतिकरण किया गया। उन्होंने इन चेक पोस्टों की स्थापना के तहत भारत सरकार के मानकों के अनुसार समुचित मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे भारत-नेपाल सीमा पर यात्रियों को समुचित सुविधा मिल सकेगी तथा विभिन्न विभागों से प्रभावी तालमेल स्थापित किया जा सकेगा।
प्रस्तुतिकरण के दौरान पुलिस महानिदेशक श्री हितेश चन्द्र अवस्थी, अपर मुख्य सचिव वित्त श्री संजीव कुमार मित्तल, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री एस0पी0 गोयल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।