47 करोड़ 33 लाख रुपए की धनराशि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत
       राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 वायरस के प्रकोप से निपटने हेतु पुलिस कर्मियों के प्रयोगार्थ पी0पी0ई0 किट आदि अन्य आवश्यकताओं जैसे-सैनेटाइजर, डिस्पोजेबल मास्क/ग्लव्स आदि के क्रय के लिए राज्य आपदा मोचक निधि से धनावंटन किया गया। इस हेतु 47 करोड़ 33 लाख रुपए की धनराशि वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत की गयी।  



        लखनऊ,  राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 वायरस के प्रकोप से निपटने हेतु पुलिस कर्मियों के प्रयोगार्थ पी0पी0ई0 किट आदि अन्य आवश्यकताओं जैसे-सैनेटाइजर, डिस्पोजेबल मास्क/ग्लव्स आदि के क्रय के लिए राज्य आपदा मोचक निधि से धनावंटन किया गया है। यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि इस सम्बन्ध में अपर पुलिस महानिदेशक मुख्यालय द्वारा विगत 04 अप्रैल को एक पत्र अपर मुख्य सचिव राजस्व को भेजा गया था, जिसके क्रम में आज दिनांक 10 अप्रैल, 2020 को 47 करोड़ 33 लाख रुपए की धनराशि कतिपय शर्तों एवं प्रतिबंधों के अधीन वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए स्वीकृत की गयी है।
         इस धनराशि का उपयोग करते हुए डिस्पोजेबल मास्क के स्थान पर प्रत्येक पुलिसकर्मी को कपड़े के 02 मास्क, जो प्रतिदिन धोने के पश्चात पुनः उपयोग हो सकते हैं, को क्रय किया जाए। पी0पी0ई0 किट के सम्बन्ध में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा निर्गत श्ळनपकमसपदमे व ित्ंजपवदंस नेम व िच्मतेवदंस च्तवजमबजपअम म्ुनपचउमदजश् के अनुसार आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। जिस मद में शासन द्वारा धनराशि स्वीकृत की जा रही है, उसी मद में इस धनराशि का उपयोग किया जा सकेगा। अन्य किसी भी मद/विभागीय कार्य हेतु धनराशि का व्यय कदापि न किया जाए।
      राज्य आपदा मोचक निधि की धनराशि का व्यय सक्षम अधिकारी द्वारा वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करने के उपरान्त नियमानुसार प्रक्रिया का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए निर्धारित अवधि के अंदर किया जाएगा। समस्त धनराशि का उपभोग दिनांक 31 मार्च, 2021 से पूर्व कर लिया जाएगा। यदि धनराशि अवशेष बचती है तो नियमानुसार दिनांक 31 मार्च, 2021 के पूर्व समर्पित कर दी जाएगी। राज्य आपदा मोचक निधि से स्वीकृत इस धनराशि के व्यय का विवरण निर्धारित प्रारूप पर राहत आयुक्त की वेबसाइट पर फीड करवाना सुनिश्चित किया जाएगा।
     राज्य आपदा मोचक निधि से स्वीकृत धनराशियों के उपभोग/समर्पण के सम्बन्ध में शासनादेश सं0-2/1-11-2013-रा0-11, दिनांक 04 मार्च, 2013 का अनुपालन करना आवश्यक होगा। इस धनराशि का उपभोग प्रमाण-पत्र वित्तीय हस्तपुस्तिका खण्ड-5 भाग-1 के प्रस्तर-369-एच के अधीन निर्धारित प्रारूप सं0-42 आई में शासन को उपलब्ध कराया जाना आवश्यक होगा। व्यय की गयी धनराशि का महालेखाकार कार्यालय में सही मदों में पुस्तांकन कराया जाना होगा और प्रत्येक माह में महालेखाकार कार्यालय से आंकड़े समाधानित एवं सत्यापित कराकर शासन को सूचित करना होगा।