आपदा की स्थिति में कन्ट्रोल रूम राहत कार्यों की बैकबोन: मुख्यमंत्री

 



     मुख्यमंत्री ने एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र का लोकार्पण किया,एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र, शास्त्री भवन (एनेक्सी) स्थित राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित।मुख्यमंत्री ने 'Geo-Spatial based Mobile Application and Geo-portal for Community Kitchen & Shelter Homes'  का लोकार्पण किया।सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों के कन्ट्रोल रूम में नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर चैबीसो घंटे इसका संचालन सुनिश्चित कराएं।

प्रदेश में कोरोना के विरुद्ध संचालित अभियान में बिना भेदभाव हर जरूरतमंद तक आवश्यक सुविधाएं व शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम की बड़ी भूमिका।कन्ट्रोल रूम में एक-एक सूचना को प्राप्त कर संकलित किया जाए, सूचना को सही व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ही, उसका समाधान भी सुनिश्चित कराया जाए।

 

एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र को शीघ्र ही अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं यथा-‘112’, ‘1076’, ‘1090’, ‘108’ और ‘102’ आदि से जोड़ा जायेगा: अपर मुख्य सचिव राजस्व

 

       लखनऊ 06 अप्रैल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आपदा की स्थिति में कन्ट्रोल रूम राहत कार्यों की बैकबोन होता है। इसके दृष्टिगत सभी जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों के कन्ट्रोल रूम में एक जिम्मेदार नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर चैबीसो को घंटे इसका संचालन सुनिश्चित कराएं। कन्ट्रोल रूम के माध्यम से त्वरित गति से राहत कार्यक्रम संचालित कराया जाए। आमजन तक क्वारन्टीन वाॅर्ड, इन्स्टीट्यूशनल क्वारन्टीन, आइसोलेशन वाॅर्ड, लेवल-1, लेवल-2, लेवल-3 के कोविड अस्पतालों की जानकारी तथा जरूरतमंदों तक फूड पैकेट आदि पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम का बेहतर ढंग से उपयोग किया जाए। 

मुख्यमंत्री जी आज यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र का लोकार्पण करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे।कन्ट्रोल रूम के लोकार्पण के पश्चात मुख्यमंत्री जी ने जनपदा आगरा व गोरखपुर में स्थापित कन्ट्रोल रूम, जनपद मेरठ में स्थापित कम्यूनिटी किचन तथा यू0पी0 कोविड केयर फण्ड में 51,000 रुपए का दान करने वाले श्री आशुतोष त्रिपाठी से संवाद भी किया।

      मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के विरुद्ध संचालित अभियान में बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक आवश्यक सुविधाएं व शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम की बड़ी भूमिका है। बहुत कम समय में एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश के सभी जनपदों को जोड़ने के लिए उन्होंने राजस्व विभाग की सराहना भी की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी जनपदों के कन्ट्रोल रूम से जुड़ा इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम, प्रदेश में राहत कार्यों के तेजी से संचालन में सहायक सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि सभी जनपदों से सम्बद्ध इस वीडियो वाॅल युक्त एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र की स्थापना से कोरोना वायरस कोविड-19 की वैश्विक महामारी की स्थिति मंे राहत कार्यों को तीव्रतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा। इसके अलावा आपदा की अन्य स्थितियों में भी जरूरतमंद व्यक्तियों को त्वरित गति से सहायता पहुंचायी जा सकेगी। उन्होंने कहा कि कन्ट्रोल रूम में एक-एक सूचना को प्राप्त कर संकलित किया जाए। सूचना को सही व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ही, उसका समाधान भी सुनिश्चित कराया जाए।

    कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत नियन्त्रण केन्द्र, राज्य स्तरीय विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के साथ जुड़कर कोविड-19 महामारी के रोकथाम एवं राहत से संबंधित सूचनाएं एकीकृत रूप से प्राप्त करेगा। इस प्रकार यह एक एम0आई0एस0 पोर्टल एवं क्ंेीइवंतक के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही, एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र व प्रदेश के समस्त डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूप से वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से जुड़ा हुआ है। इसे देश के अन्य राज्यों के ैजंजम ब्वदजतवस त्ववउे से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र को शीघ्र ही प्रदेश की अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं यथा-‘112’, ‘1076’, ‘1090’, ‘108’ और ‘102’ आदि से जोड़ा जायेगा।

 


     अपर मुख्य सचिव राजस्व ने कहा कि एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र में राहत टोल-फ्री नम्बर-‘1070’ स्थापित किया गया है। इसके अन्तर्गत 12 ॅवता ैजंजपवदे चैबीसो घंटे कार्यरत हैं। 03 से 05 अप्रैल, 2020 के मध्य इस टोलफ्री नम्बर पर 1167 फोन काॅल्स आये हैं। इनमें से 853 फोन काॅल्स से प्राप्त समस्याओं का निस्तारण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र पर जनपदों में कार्यरत थ्तवदजसपदम ॅवतामते के साथ वीडियो मीटिंग के माध्यम से बैठक किये जाने की व्यवस्था भी की गयी है। प्रदेश में स्थापित किए गये ब्वउउनदपजल ज्ञपजबीमद तथा ैीमसजमते को एकीकृत आपदा नियंत्रण केन्द्र द्वारा लाइव स्ट्रीमिंग कर वी0सी0 के माध्यम से देखा जा सकता है। 

     जीपीएस लोकेशन एवं फोटोग्राफ एकत्र करने हेतु रिमोट सेंसिंग एप्लीकेशन सेंटर, भारत सरकार के सहयोग से ‘राज्य आपदा कोविड-19’ नाम से एक मोबाइल एप विकसित किया गया है। जनपदों में दिनांक 05 अप्रैल, 2020 तक स्थापित किये गये 1,166 ब्वउउनदपजल ज्ञपजबीमद तथा 2,266 ैीमसजमते भ्वउमेध्त्मसपम िब्ंउचे को जियो टैगिंग करते हुए एप में अपलोड करने का कार्य किया जा रहा है। अब तक 544 ब्वउउनदपजल ज्ञपजबीमद तथा 602 ैीमसजमते भ्वउमेध्त्मसपम िब्ंउचे की जियो टैगिंग की जा चुकी है।

अपर मुख्य सचिव राजस्व ने कहा कि सोशल मीडिया जो राहत आयुक्त कार्यालय से संचालित हैं, के माध्यम से कोविड-19 से संबंधित हेल्पलाइन नम्बर्स व ‘उत्तर प्रदेश कोविड-19 केयर फण्ड’ तथा राज्य सरकार द्वारा कोविड-19 के संबंध में किये जा रहे राहत कार्यांे का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है एवं ब्ैत् स्मंके का निरन्तर अनुश्रवण किया जा रहा है।इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री  एस0पी0 गोयल तथा  संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद थे।