आपदा की स्थिति से बाहर निकलने में लाॅक डाउन को शत-प्रतिशत पालन जरूरी : मुख्यमंत्री

 



     मुख्यमंत्री ने कोरोना वायरस कोविड-19 पर नियंत्रण हेतु लागू लाॅक डाउन व्यवस्था की समीक्षा की,सभी नागरिक संयम और संकल्प को बनाये रखें वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांगजन तथा कुष्ठावस्था पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को पेंशन राशि का आनलाइन हस्तांतरण 03 अप्रैल, 2020 को पूर्वान्ह 10ः00 बजे किया जाएगा,रोजगार सेवकों का भुगतान शीघ्र किये जाने के निर्देश,शेल्टर होम्स किसी टेण्ट अथवा खुले में न बनाकर किसी भवन में ही बनाया जाए। वृद्धजनों, महिलाओं तथा मानसिक रूप से कमजोर लोगों की काउन्सिलिंग की व्यवस्था की जाए। तबलीगी जमात से सम्बन्धित विदेशियों पर भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप एपिडेमिक एक्ट तथा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। 

 

लखनऊ 02 अप्रैल,  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा की स्थिति से बाहर निकलने में लाॅक डाउन को शत-प्रतिशत सफल बनाना होगा। इसके लिए आवश्यक है कि प्रत्येक नागरिक संयम और संकल्प को बनाये रखें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि लाॅक डाउन के दौरान अन्तर्जनपदीय, अन्तर्राज्यीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय सीमाओं को पूर्णतः सील किया गया है। इन सीमाओं का उल्लंघन न होने पाये। इसके लिए प्रभावी पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री जी आज यहां अपने सरकारी आवास पर कोरोना वायरस कोविड-19 पर नियंत्रण हेतु लागू लाॅकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांगजन तथा कुष्ठावस्था पेंशन योजनाओं के लाभार्थियों को पेंशन राशि का आॅनलाइन हस्तांतरण 03 अप्रैल, 2020 को पूर्वान्ह 10ः00 बजे किया जाएगा। इससे लगभग 87 लाख लोग लाभान्वित होंगे। उन्होंने रोजगार सेवकों का भुगतान शीघ्र किये जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिये हैं।

मुख्यमंत्री  ने नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया है कि लाॅकडाउन से प्रभावित नागरिकों की समस्या का त्वरित निस्तारण किया जाए। सभी जिलाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि शेल्टर होम किसी टेण्ट अथवा खुले में न बनाकर किसी भवन में ही बनाया जाए। शेल्टर होम्स में भोजन, पेयजल, दवा आदि की पूरी व्यवस्था के साथ ही सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों, महिलाओं तथा मानसिक रूप से कमजोर लोगों की काउन्सिलिंग की व्यवस्था की जाए। प्रत्येक शेल्टर होम में एक इन्चार्ज नियुक्त किया जाए। 

    प्रमुख सचिव कृषि ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि प्रदेश के सभी जनपदों में कम्युनिटी किचन का सफल संचालन किया जा रहा है। जरूरतमन्दों को उचित माध्यम से कुक्ड फूड के पैकेट उपलब्ध कराये जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारियों द्वारा खाद्य पदार्थ की जारी की गयी रेट लिस्ट का सकारात्मक परिणाम मिला है, जिससे कालाबाजारी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। 

    मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव चिकित्सा शिक्षा को निर्देशित किया कि कोरोना वायरस कोविड-19 की जांच हेतु टेस्टिंग किट की संख्या बढ़ायी जाए। पी0पी0ई0 किट व मास्क आदि की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी सप्लाई चैन बनायी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि तबलीगी जमात से सम्बन्धित विदेशियों पर भारत सरकार से प्राप्त निर्देशों के अनुरूप एपिडेमिक एक्ट तथा डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। जमात से जुड़े लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर इन्हें क्वारेन्टाइन भी किया जाए।इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0के0 तिवारी, अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव कुमार मित्तल, अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, पुलिस महानिदेशक हितेश सी0 अवस्थी, अपर मुख्य सचिव राजस्व रेणुका कुमार, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एस0पी0 गोयल एवं संजय प्रसाद, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद, सूचना निदेशक शिशिर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।