छुहारे खाने के फायदे 

       


    छुहारा और खजूर एक ही पेड़ से उत्पन्न होने वाले फल हैं. दोनों की तासीर गर्म होती है और दोनों के सेवन से शरीर मजबूत होता है. गर्म तासीर होने से छुहारा सर्दियों में काफी लाभदायी माना जाता है. इसे दूध के साथ खाने में कई सारी बीमारियों से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं छुहारे खाने के क्या-क्या फायदे होते हैं.



  • खजूर सूखने के बाद छुहारा बन जाता है. हालांकि खजूर छुहारे से ज्यादा फायदेमंद माना जाता है.

  • छुहारा खाने से अमाशय को अतिरिक्त बल मिलता है जिससे भोजन अच्छी तरह पच जाता है.

  • छुहारे की तासीर गर्म होती है. ठंड के दिनों में इसे खाने नाड़ी के दर्द में आराम मिलता है.

  • छुहारे व खजूर दिल को शक्ति प्रदान करते हैं. यह शरीर में रक्त के बहाव और वृद्धि को गति देते हैं.

  • साइटिका रोग से पीड़ित लोगों को रोजाना छुहारे का सेवन करना चाहिए.

  • जिन लोगों को भूख नहीं लगती है उन्हें छुहारे के गूदे को दूध के साथ उबाल लें. ठंडा होने के बाद दूध को मिक्सर में डालकर पीस लें. इसके चीज का सेवन करने से भूख न लगने की समस्या खत्म हो जाती है.
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  • सर्दी के दिनों में कई महिलाओं को मासिक धर्म से जुड़ी समस्याएं होती हैं. ऐसे में छुहारे फायदेमंद हो सकते हैं. छुहारे खाने से मासिक धर्म खुलकर आता है और कमर दर्द में भी लाभ होता है.

  • छुहारे को पानी में भिगो दें. गल जाने पर इन्हें हाथ से मसल दें। इस पानी का कुछ दिन प्रयोग करने से शारीरिक जलन दूर हो सकती है.

  • शारीरिक रूप से कमजोर और पतले लोगों के लिए छुहारा किसी वरदान से कम नहीं है, लेकिन अगर मोटे हैं तो इसका सेवन सावधानीपूर्वक करें.
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  • सर्दी में जुकाम से परेशान हैं तो एक गिलास दूध में पांच छुहारे, पांच दाने काली मिर्च, एक दाना इलायची डालकर अच्छी तरह उबाल कर उसमें एक चम्मच घी डाल कर रात में पी लें. सर्दी-जुकाम तुरंत आराम मिल जाएगा.

  • दमा की शिकायत में दो-दो छुहारे सुबह-शाम चबा-चबा कर से कफ झड़ जाता है.

  • छुहारे की गुठली को पानी के साथ पत्थर में घिस लें. इस पेस्ट को घाव और चोट पर लगाने से यह जल्दी भर जाता है.

  • शीघ्रपतन की समस्या से परेशान लोगों को तीन महीने तक छुहारे का सेवन करने से काफी लाभ हो सकता है. इसके लिए रोजाना सुबह खाली पेट दो छुहारे टोपी समेत दो सप्ताह तक खूब चबा-चबाकर खाएं.

  • तीसरे सप्ताह में तीन छुहारे खाएं और चौथे सप्ताह से 12वें सप्ताह तक चार-चार छुहारों का रोज सेवन करें. शीघ्रपतन की समस्या से मुक्ति मिल सकती है.