COVID-19, उत्तर प्रदेश के 11 जिले कोरोना संक्रमण से मुक्त


  लखनऊ, कोरोना वायरस के चलते पूरा देश पिछले करीब एक महीने से रुक सा गया है। यह जानलेवा वायरस अब तक देशभर में 20470 से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है और 652 लोगों की इस वायरस से मृत्यु भी जा चुकी है। हालांकि राहत की बात है कि तेजी से लोग इस बीमारी से उबर भी रहे हैं।भारत में अब तक ४००० से अधिक लोग ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं। उत्तर प्रदेश में 1457 से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लेने वाले कोरोना वायरस से कुछ जिले पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं। इन जिलों में हाल के दिनों में कोई नया केस नहीं आया और जो गिने-चुने मरीज यहां थे भी, वे भी ठीक होकर अपने घर जा चुके हैं।



    कोरोना महामारी के खिलाफ प्रदेश सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों का सकारात्मक असर दिखने लगा है। लॉकडाउन के दौरान सख्ती और तेजी से हो रही जांच का नतीजा है कि प्रदेश के 11 जिले अब कोरोना से मुक्त हो गए हैं। यह जानकारी बुधवार को समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दी।मुख्यमंत्री लोकभवन में लॉकडाउन व्यवस्था की समीक्षा कर जरूरी निर्देश दे रहे थे। इस दौरान अफसरों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रतापगढ़ भी अब कोरोना मुक्त जिला हो गया है। वहीं, 22 जिलों में पहले ही कोरोना का कोई केस नहीं मिला है। इस तरह से प्रदेश में कुल 33 जिलों में कोरोना का असर नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन जिलों में भी सभी सावधानियां बरती जाएं।


दुनिया भर में कोरोना का खतरा बढ़ता ही जा रहा है। एकतरफ जहां देशभर में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के लिए थोड़ी राहत की खबर है। राज्य के 11  जिले ऐसे हैं, जिनके सभी कोरोना पॉजिटिव मरीज ठीक हो चुके हैं और जल्द ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इस प्रकार ये11 जिले कोरोना फ्री हो गए हैं। यूपी में अब तक कुल 846 कोरोना संक्रमित पाए जा चुके हैं।


    कोरोना से सबसे पहले मुक्त हुआ पीलीभीत:-


   उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में कोरोना के दो ही मरीज थे और दोनों मां-बेटे थे। सीमित संसाधनों के बावजूद इन सरकारी डॉक्टरों ने कोरोना को हराकर दिखा दिया। इसपर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी जिले को बधाई देने से नहीं चूके। पीलीभीत के डॉक्टरों की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है कि उन्होंने कोरोना पॉजिटिव 73 वर्षीय महिला को स्वस्थ करने में सफलता हासिल की जबकि कोविड-19 का सबसे ज्यादा खतरा बुजुर्गों को होता है। चौथी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें 8 अप्रैल को डिस्चार्ज किया गया। वहीं उनके बेटे को पहली ही डिस्चार्ज किया गया था।



जमात से संक्रमण की चपेट में आए प्रतापगढ़ अब कोरोना मुक्त:-
प्रतापगढ़ में छह लोगों में कोरोना संक्रमण पाया गया था। तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटे इन सभी लोगों को 7 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि 15 अप्रैल को कराए गए कोविड-19 टेस्ट में इन सभी लोगों को निगेटिव पाया गया। 17 अप्रैल को इन सभी की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई। 



    प्रतापगढ़ जिले के कुल छह लोगों को कोरोना संक्रमित पाया गया था। तबलीगी जमात के कार्यक्रम से लौटे इन सभी लोगों को 7 अप्रैल को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 अप्रैल को कराए गए कोविड-19 टेस्ट में इन सभी लोगों को निगेटिव पाया गया। 17अप्रैल को इन सभी की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। इसके अलावा जिले में इन छह के अलावा नए मामले भी सामने नहीं आए हैं। जिले में दो सौ से ज्यादा लोगों के टेस्ट कराए जा चुके हैं।प्रतापगढ़ जिले में जब 7 अप्रैल को कोविड-19 का संक्रमित मरीज पाया गया उसी दिन से जिलाधिकारी डॉ0 रूपेश कुमार उस पर नजर बनाए हुए थे। स्वास्थ्य कर्मी को निर्देशित करते यह आग्रह किया कि यहां से किसी भी प्रकार का संक्रमण आगे नहीं बढ़ना चाहिए। डॉ0 रूपेश कुमार कि सोच एवं दूरदर्शिता से प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी मदद की और आज उत्तर प्रदेश में प्रतापगढ़ जिला भी संक्रमण मुक्त होने में कामयाब हुआ।


    प्रयागराज में अब तक मिले एकमात्र कोरोना पॉजिटिव मरीज की तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आई है। तबलीगी जमात में शामिल होने के बाद प्रयागराज पहुंचे इंडोनेशिया के इस जमाती को रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक मस्जिद से पुलिस ने ढूंढा था। पहले उसे क्वॉरंटाइन सेंटर भेजा गया था और रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद डॉक्टरों ने तीसरी रिपोर्ट के लिए सैंपल गुरुवार को लैब भेजे थे, जिसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है।



कोविड-19के संक्रमण से  महाराजगंज मुक्त :-


   महाराजगंज जिले में जमात के कार्यक्रम से लौटे 6 जमातियों को कोरोना पॉजिटिव पाया गया था। 17 अप्रैल को इनकी भी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आ गई जिसके बाद महाराजगंज जिला कोरोना मुक्त हो गया।जिसके बाद महाराजगंज जिला कोरोना मुक्त हो गया। जिले में कुल 21 जमातियों के नमूने भेजे गए थे। 6 की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। बाद में सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। अब तीसरी रिपोर्ट भी निगेटिव आ गई है।


   पश्चिमी यूपी के हाथरस में कुल चार लोगों को कोरोना पाॉजिटिव पाया गया था। कई रिपोर्ट्स निगेटिव आने के बाद इन्हें आइसोलेशन सेंटर से डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस प्रकार हाथरस भी कोरोना फ्री जिलों की सूची में आ गया है।
    
    उत्तर प्रदेश में कोरोना मुक्त हुए इन 11 जिलों में से कुछ ऐसे भी हैं जो तबलीगी जमात के कार्यक्रम से संक्रमित होकर लौटे लोगों के चलते प्रभावित हुए थे।  उत्तर प्रदेश के 11 जिले कोरोना वायरस से पूरी तरह मुक्त हो चुके हैं,हाल के दिनों में कोई नया केस नहीं आया, जो मरीज थे वे ठीक हो गए,11 जिलों में से कुछ ऐसे भी जो तबलीगी जमात के चलते प्रभावित हुए।


    हॉटस्पॉट रणनीति से अभी तक उत्तरप्रदेश के 11 जिले कोरोना मुक्त हुए हैं। उत्तरप्रदेश के पीलीभीत, महाराजगंज व हाथरस के बाद लखीमपुर-खीरी, बरेली प्रयागराज, शाहजहांपुर, बाराबंकी, कौशांबी, हरदोई व अब प्रतापगढ़ जनपद भी कोरोना मुक्त है। प्रयागराज, बाराबंकी व शाहजहांपुर में 1-1, कौशाम्बी, पीलीभीत व हरदोई में 2-2, हाथरस व लखीमपुर-खीरी में 4-4 एवं बरेली, महाराजगंज व प्रतापगढ़ में 6-6 कोरोना पॉजिटिव केस थे, जिन्हें पूर्णतया स्वस्थ होने के पश्चात डिस्चार्ज कर दिया गया है, अब इन 11 जनपदों में कोरोना के एक भी पॉजिटिव केस नहीं हैं। जानकारी के लिए आपको बता दें कि उत्तरप्रदेश के इन 11 कोरोनामुक्त जनपदों के 35 कोरोना पेशेंट्स की तीन-तीन रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद इन्हें डिस्चार्ज किया गया है।


 संक्रमण मुक्त हुए ये जिले :-


पीलीभीत, लखीमपुर, बरेली, हरदोई, शाहजहांपुर, महाराजगंज, हाथरस, बाराबंकी, प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़।





    मुख्यमंत्री योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश:-




  1. शासन के नियमों के तहत कोरोना से मुक्त जिलों में औद्योगिक इकाइयों का संचालन कराया जाए।




  2. परियोजनाओं के लिये विभिन्न प्रकार की निर्माण सामग्री के आवागमन की अनुमति दी जाए।




  3. इसके तहत भट्टों से ईंट तथा बालू, मोरंग तथा सरिया को अनुमति दी जाए।




  4. निर्यात परक इकाइयों से निर्यात के लिये कन्टेनर के माध्यम से इनके उत्पाद का आवागमन भी मंजूर किया जाए।




  5. विभिन्न राज्यों से प्रदेश में वापस आए श्रमिकों का सर्वे कराते हुए उन्हें रोजगार सुलभ कराने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।