घुमंतू पशुओं की भूख मिटाने सड़कों पर उतरे प्रशासक,अनुज कुमार झा


भगवान की नगरी अयोध्या में इंसानों के साथ-साथ पशु पक्षियों के खाने की समुचित व्यवस्था-जिलाधिकारी


     भारत में क्रोनावायरस के कारण आम इंसान तकलीफ में तो है ही, इस तकलीफ के सबसे बड़े शिकार बेजुबान पशु पक्षी बन रहे हैं जो चर्चा से भी बाहर है।क्रोनावायरस जैसी महामारी से चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। शहरी क्षेत्रों में आवारा घूमते पशुओं की देख-रेख के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।  महामारी के इस दौर में गरीब असहाय लोगों के लिए तो सब ने दान करना शुरू कर दिया है लेकिन खासकर शहरी क्षेत्र में घुमंतु पशु होटल ढाबे व सब्जी मंडी के सहारे अपना पेट भरने के लिए निर्भर रहते हैं। महामारी के कारण होटल ढाबे फलों की ठेली के साथ-साथ घरों के दरवाजे भी लॉकडाउन हो गए हैं जिस कारण घुमंतू पशुओं का अपना पेट भरने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
 



     निष्पक्ष दस्तक के संवाददाता ने जिलाधिकारी अनुज कुमार झा से इस बारे में पूछा तो उन्होंने अवगत कराया कि नगर निगम के निर्देशन में घुमंतु पशु, गोवंश, बंदर, कुत्ता आदि के लिए भूसे हरे चारे के साथ-साथ चना, मूंगफली, ब्रेड, बिस्किट आदि की व्यवस्था की गई है। नगर निगम के निर्देशन में इन पशु पक्षियों को खाने के लिए उचित स्थान पर वितरित किया जा रहा है, जिससे इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षी भी समय-समय पर अपना पेट भर सके।



    जिलाधिकारी ने सभी किसानों एवं सामाजिक संगठनों से अपील की है कि अपने आसपास आवारा घुमंतू या घूमते हुए पशुओं के लिए चारा तथा घरों में बची हुई रोटियां खिलाकर पुण्य का काम कर सकते हैं।  



    देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी के आवाहन पर  लॉकडाउन का पालन संपूर्ण भारतवर्ष में काफी सजगता व  सिद्दत से किया जा रहा है। भगवान राम की नगरी अयोध्या में इंसानों के साथ-साथ पशु पक्षियों के भी खाने की समुचित व्यवस्था की गई है। 


     हमारा शरीर,च चमड़ा,मा मांस,र रक्त,से बना है ! जानवरों का भी शरीर,इसी से बना है,वे सुबह अपने परिवार का पेट भरने के लिए अपने आशियाने से निकलते हैं ! हम भी देश-विदेश निकलते हैं हमारी ही तरह,वे भी बच्चे पैदा करते हैं !


   हम घर बनाते हैं अपनी फैमली परिवार के लिए,वे भी बनाते हैं !आखिर हम में और जानवरो में फिर फर्क ही क्या रहा !इंसान भी सिर्फ जानवर तक सीमित रह जायेगा !धरती पर सबसे अनोखा जानवर इंसान है जिसके अन्दर विवेक है !


   सोचने-समझने,की शक्ति सही क्या गलत क्या !फिर भी हम एक जानवर से भी गन्दा व्यवहार करते हैं !मेरे दोस्तों ये देश अच्छे संस्कार से बदलेगा !अच्छे नेता से नहीं इंसान मतलब भगवान हो तुम !


  अपनी अहमियत समझो जागो ,जानो,मानो मत,पहले जानो !क्योंकि मानना ही गलत है अपने संस्कार में बदलाव लाओ !सब अपनेआप बदल जायेगा देखो मत लोग कैसे हैं !आप क्या हो ये मायने रखता है, हम बदलेंगेजग बदलेगा !



   ज्ञातव्य हो कि अयोध्या जिलाधिकारी अनुज कुमार झा द्वारा जहां शहरों सहित ग्रामीण इलाकों में गरीब व असहाय के लिए राशन की समुचित व्यवस्था की गई है, वही जानवरों के लिए भी ट्रकों से भूसा व अन्य खाद सामग्री मुहैया कराई जा रही है। स्वास्थ्य संबंधित सेवाओं का ध्यान में रखते हुए निजी व शासकीय अस्पतालों की इमरजेंसी सेवाओं को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। मजे की बात यह है कि अयोध्या जनपद में  क्रोनावायरस के एक भी संक्रमित नहीं पाए गए हैं जिसका संपूर्ण श्रेय जिला प्रशासन अर्थात अनुज कुमार झा को जाता है। 



     प्राप्त जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी के निर्देश पर अयोध्या नगर निगम ने पशु को चारा मुहैया कराने की संपूर्ण व्यवस्था की है। घुमंतू पशुओं का पूल बनाकर उन्हें चारा प्रदान किया जा रहा है,यही नहीं बंदरों के लिए केला मूंगफली चना आदि का प्रबंध किया गया है और घुमंतू कुत्तों को खिचड़ी बिस्कुट आज की व्यवस्था की गई है।अयोध्या मेयर ऋषि उपाध्याय ने निष्पक्ष दस्तक संवाददाता को फोन पर बताया कि घुमंतू गोवंश पशु पक्षियों के पेट भरने की व्यवस्था की जा रही है।यह व्यवस्था स्वयंसेवी संस्थाओं और स्वतः के कोष से की जा रही इसके लिए सरकार की तरफ से कोई अतिरिक्त बजट नगर निगम को उपलब्ध नहीं कराया गया है। अयोध्या मेयर ऋषि उपाध्याय ने बताया कि गौशाला में भी काफी घुमंतू गोवंश को संरक्षित किया गया है। स्वयंसेवी संस्थाएं  स्वयं अपने दृष्टिकोण से शहर में या शहर के आसपास घुमंतू पशुओं के लिए चारा उपलब्ध करा रहे हैं,और लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस महामारी के दौर में पशु-पक्षियों, गोवंश और हनुमान की सेना कहे जाने वाले बंदरों को बचाना भी हमारा कर्तव्य होता है इनकी सेवा कर हम पुण्य कमा सकते हैं।


           वे हैं हमारे सच्चे यार,कभी न करना उनपर वार।


                 उनसे है धरती की शोभा निराली,पशु पक्षी और धरती की हरियाली,


                                     सबको लो अपना मित्र जान,देते हैं वे हमको सुख महान।।


   जिलाधिकारी ओर नगर निगम के इस अनूठे पहल से शहरी व ग्रामीण बहुत खुश हैं और क्यों न हो,जानते है कि भगवान राम की नगरी में  इस जोड़ी में साक्षात भगवान नजर आ रहे हैं। 


जिले में जिलाधिकारी की नियुक्ति संविधान से होती है, लेकिन अनुज कुमार झा जैसे अधिकारी नियुक्ति सौभाग्य से होती है।