ग्रीन जोन में शामिल  रामनगरी अयोध्या


     अयोध्या, कोरोना वायरस के वैश्विक संक्रमण के बीच एक बार फिर से राम नगरी अयोध्या ग्रीन जोन की सूची में शामिल हो गई है। पड़ोसी जनपद सुल्तानपुर के कुड़वार सीएचसी कोरोना वायरस अस्पताल में आइसोलेट अयोध्या जनपद के पूरा बाजार विकासखंड क्षेत्र स्थित सनेथू गांव के मजरे नत्थन का पुरवा निवासी गर्भवती महिला की दूसरी जांच रिपोर्ट पीजीआई लखनऊ के लैब से मंगलवार को निगेटिव आई है।



    रिपोर्ट मिलने के बाद शहर के एक होटल में क्वारेंटाइन किए गए गर्भवती महिला के सगे संबंधियों और महिला की जांच करने वाले आशापुर स्थित संजाफी अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ को होम क्वारेंटाइन किया गया है। हालांकि अभी गर्भवती महिला को आइसोलेट और उसके परिवार को क्वारेंटाइन रखा गया है।



   महिला की 48 घण्टे बाद तीसरी जांच के लिए सैम्पल पीजीआई भेजा जाएगा। चार-पांच दिनों से रामनगरी पर छाये कोरोना रूपी संकट के बादल छंटने के बाद जिलाधिकारी अनुज कुमार झा  ने छूट का दायरा बढ़ाया है। हालांकि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जनपद वासियों को आगाह किया है कि फिलहाल लाकडाउन का कड़ाई से अनुपालन जारी रहेगा और लोग तीन मई के बाद भी छूट के प्रति ज्यादा आश्वस्त न हो।



   गौरतलब है कि देश में लॉकडाउन लागू होने के काफी पहले राजस्थान प्रांत से वापस अपने घर लौटी 25 वर्षीय गर्भवती महिला प्रसव के लिए आशापुर स्थित संजाफी अस्पताल पहुंची थी। अस्पताल प्रशासन ने 22 अप्रैल को महिला का सैंपल जांच के लिए प्राइवेट लैब पैथ काइंड को भिजवाया था। लैब की ओर से 23 अप्रैल की शाम जारी रिपोर्ट में गर्भवती महिला को कोरोना पॉजिटिव बताया गया था। इसके बाद प्रशासनिक अमले में हलचल मच गई थी। महिला के गांव को हॉटस्पॉट घोषित कर सील कर दिया गया था और परिवार व सगे संबंधियों तथा प्राइवेट अस्पताल स्टाफ को क्वारेंटाइन करा दिया गया था।


   तबलीगी जमात के 16 लोगों समेत 775 की अब तक जांच रिपोर्ट निगेटिव:-


       जिले में अब तक तबलीगी जमात से जुड़े 16 लोगों समेत 775 कि कोरोना जांच कराई जा चुकी है और सभी निगेटिव मिले हैं। कोरोना संक्रमण का फैलाव नियंत्रित होने के चलते प्रभावित जिलों की अपेक्षा जिले में सहूलियत दिए जाने का दौर सामान्य रूप से चल रहा था। एक बार फिर से राम नगरी के ग्रीन जोन में आने के बाद पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली है। मंगलवार को जिला मजिस्ट्रेट ने मोबाइल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रिक व इलेक्ट्रॉनिक की दुकानों और मरम्मत को सशर्त अनुमति दी है। वहीं जिले में कृषि संबंधी उपकरणों के साथ इनकी मरम्मत से जुड़े प्रतिष्ठानों को खोलने, 18 प्राइवेट अस्पतालों और नर्सिंग होम को मेडिकल इमरजेंसी सेवा संचालित करने, ईट भट्ठों, कोल डिपो, सीमेंट गोडाउन के संचालन और बिक्री को सशर्त अनुमति दी है। जिलाधिकारी अनुज कुमार झा ने बताया कि सोमवार तक जिले में 775 लोगों की जांच कराई जा चुकी है। वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लाकडाउन का कड़ाई से अनुपालन कराया जा रहा है। जिला कोरोना से मुक्त है बावजूद इसके कोई लापरवाही नहीं होने दी जाएगी।